{"_id":"57bc8c624f1c1bf654d508af","slug":"strike-the-lekhpal-s-complainant-wandered","type":"story","status":"publish","title_hn":"लेखपालों ने की हड़ताल, भटकते रहे फरियादी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लेखपालों ने की हड़ताल, भटकते रहे फरियादी
अमर उजाला/गोंडा
Updated Tue, 23 Aug 2016 11:18 PM IST
विज्ञापन
हड़ताल कर बैठे लेखपाल
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर लेखपाल संघ गोंडा की ओर से मंगलवार को जिले में 23 से 29 अगस्त तक कलमबंद हड़ताल शुरू कर दी गई है। कलेक्ट्रेट में जुटे लेखपालों/राजस्व निरीक्षकों ने मांगों को लेकर हुंकार भरी। राजस्व कर्मियों ने जिला प्रशासन को चेतावनी दी कि शासन ने उनकी मांगों पर संतोषजनक निर्णय न लिया तो 30 अगस्त को विधान भवन के घेराव के लिए लखनऊ कूच करेंगे।
संघ के पदाधिकारियों की ओर से मंगलवार को मांगों का सीएम को संबोधित जिला प्रशासन के नगर मजिस्ट्रेट अनिल मिश्रा को ज्ञापन सौंपा। लेखपालों की हड़ताल से आय, जाति व निवास प्रमाण पत्रों समेत कई कार्य ठप हो गए हैं। हड़ताल से 30 अगस्त तक हजारों आवेदन लंबित हो जाएंगे और इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ेगा।
कलेक्ट्रेट परिसर में लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष नंद कुमार सिंह की अध्यक्षता व मंत्री राम बहादुर पांडेय की अगुवाई में कलमबंद हड़ताल शुरू की गई। धरना-प्रदर्शन के दौरान लेखपालों ने एक स्वर में कहा कि लेखपाल संघ के मांगों के मुताबिक सरकार की ओर से जब तक निर्णय लेकर शासनादेश नहीं जारी किया जाता, तब तक लेखपाल कानूनगो शासन की ओर से चलायी जा रही योजनाओं के अलावा विभाग के अन्य कार्य नहीं करेंगे।
विज्ञापन
घ के पूर्व खंड मंत्री दया शंकर श्रीवास्तव ने कहा कि लेखपाल संवर्ग व वेतन विसंगतियों की दूर किया जाए। अन्य मांगों पर शासन ध्यान देकर उस जल्द निर्णय लें। इस बाबत संघ के जिलाध्यक्ष नंद कुमार सिंह ने बताया कि शासन जब तक लेखपालों के मांगों पर विचार नही करता है, संघ का धरना जारी रहेगा।
इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष करुणेश कुमार, वरिष्ठ मंत्री योगेंद्र सिंह, मस्त राम वर्मा, राज किशोर, राम प्रकाश पांडेय, पुजारी प्रसाद, व जिले भर के लेखपाल कानूनगो मौजूद रहे। उधर, लेखपालों की हड़ताल से आय जाति प्रमाण पत्र बनाने के कार्य नही हो सके। किसानों को खसरा आदि नही मिल पाया ,जमीन की पैमाईश आदि कई कार्य प्रभावित हुए। लोग अपने कार्य को लेकर परेशान रहे।
ये हैं लेखपालों मांगें
* लेखपाल संवर्ग में एसीपी विसंगतियां दूर करने।
* लेखपाल संवर्ग का पद नाम राजस्व निरीक्षक करने।
* लेखपाल की शैक्षिक योग्यता स्नातक करने।
* लेखपालों का वेतनमान 5200-20200 रुपये करने।
* लेखपाल संवर्ग काडर जनपद स्तरीय करने।
* लेखपालों के स्थानान्तरण नीति में संशोधन करने।
* जिले में पांच लेखपाल पर एक राजस्व निरीक्षक पद सृजित करने।
* ई-डिस्ट्रिक्ट व दूसरी योजनाओं के सफल संचालन के लिए लैपटॉप दिये जाने।
* एक अप्रैल 2005 से पूर्व के बाद नियुक्ति लेखपालों को पुरानी पेंशन बहाल करने।
विज्ञापन
संघ के पदाधिकारियों की ओर से मंगलवार को मांगों का सीएम को संबोधित जिला प्रशासन के नगर मजिस्ट्रेट अनिल मिश्रा को ज्ञापन सौंपा। लेखपालों की हड़ताल से आय, जाति व निवास प्रमाण पत्रों समेत कई कार्य ठप हो गए हैं। हड़ताल से 30 अगस्त तक हजारों आवेदन लंबित हो जाएंगे और इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ेगा।
विज्ञापन
कलेक्ट्रेट परिसर में लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष नंद कुमार सिंह की अध्यक्षता व मंत्री राम बहादुर पांडेय की अगुवाई में कलमबंद हड़ताल शुरू की गई। धरना-प्रदर्शन के दौरान लेखपालों ने एक स्वर में कहा कि लेखपाल संघ के मांगों के मुताबिक सरकार की ओर से जब तक निर्णय लेकर शासनादेश नहीं जारी किया जाता, तब तक लेखपाल कानूनगो शासन की ओर से चलायी जा रही योजनाओं के अलावा विभाग के अन्य कार्य नहीं करेंगे।
विज्ञापन
घ के पूर्व खंड मंत्री दया शंकर श्रीवास्तव ने कहा कि लेखपाल संवर्ग व वेतन विसंगतियों की दूर किया जाए। अन्य मांगों पर शासन ध्यान देकर उस जल्द निर्णय लें। इस बाबत संघ के जिलाध्यक्ष नंद कुमार सिंह ने बताया कि शासन जब तक लेखपालों के मांगों पर विचार नही करता है, संघ का धरना जारी रहेगा।
इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष करुणेश कुमार, वरिष्ठ मंत्री योगेंद्र सिंह, मस्त राम वर्मा, राज किशोर, राम प्रकाश पांडेय, पुजारी प्रसाद, व जिले भर के लेखपाल कानूनगो मौजूद रहे। उधर, लेखपालों की हड़ताल से आय जाति प्रमाण पत्र बनाने के कार्य नही हो सके। किसानों को खसरा आदि नही मिल पाया ,जमीन की पैमाईश आदि कई कार्य प्रभावित हुए। लोग अपने कार्य को लेकर परेशान रहे।
ये हैं लेखपालों मांगें
* लेखपाल संवर्ग में एसीपी विसंगतियां दूर करने।
* लेखपाल संवर्ग का पद नाम राजस्व निरीक्षक करने।
* लेखपाल की शैक्षिक योग्यता स्नातक करने।
* लेखपालों का वेतनमान 5200-20200 रुपये करने।
* लेखपाल संवर्ग काडर जनपद स्तरीय करने।
* लेखपालों के स्थानान्तरण नीति में संशोधन करने।
* जिले में पांच लेखपाल पर एक राजस्व निरीक्षक पद सृजित करने।
* ई-डिस्ट्रिक्ट व दूसरी योजनाओं के सफल संचालन के लिए लैपटॉप दिये जाने।
* एक अप्रैल 2005 से पूर्व के बाद नियुक्ति लेखपालों को पुरानी पेंशन बहाल करने।