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मांगों को लेकर हड़ताल पर रहे यूपीएमएसआरए के पदाधिकारी
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फोटो-13 गोंडा के कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते एमआर संघ के पदाधिकारी।संवाद
- फोटो : GONDA
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गोंडा। सीआईटीयू से संबद्ध यूपीएमएसआरए अपने अखिल भारतीय संगठन एफएमआरएआई के आह्वान पर दवा प्रतिनिधि बुधवार को हड़ताल पर रहे। कलेक्ट्रेट में नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। इस दौरान 16 सूत्री मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। इसमें चार लेबर कोड को खत्म किए जाने, सेल्स प्रमोशन इंप्लाइज एक्ट 1976 और अन्य 44 श्रम कानूनों को पहले की तरह बहाल किए जाने सहित अन्य मांगें उठाईं।
बुधवार को प्रदर्शन के दौरान यूपीएमएसआरए के प्रदेश सचिव कामरेड कौशलेंद्र पांडेय ने बताया कि हड़ताल के समर्थन में आईएमए के जिलाध्यक्ष डॉ. ओएन पांडेय व नीमा के सचिव डॉ. महमूद आलम ने समर्थन दिया है। इकाई अध्यक्ष कामरेड संतोष शुक्ला ने कहा कि यह हड़ताल 16 सूत्री मांग को लेकर है। जिसमें सेल्स प्रमोशन इंप्लाइज के लिए काम के नियम तय किए जाने, दवाओं की कीमतें कम किए जाने, दवाओं को जीरो जीएसटी में रखे जाने, दवा और मेडिकल उपकरणों की ऑनलाइन बिक्री पर रोक लगाने की मांग की गई। इसके अलावा जीडीपी का पांच प्रतिशत स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च करने, पब्लिक सेक्टर फार्मा कंपनियों और सरकारी वैक्सीन निर्माण की कंपनियों को पुनर्जीवित करने, स्वास्थ्य सेवाओं का कोर्पोरेटाईजेशन रोकने, सुप्रीम कोर्ट के पुट्टास्वामी जजमेंट के अनुसार सर्विलांस, डेटा प्रोटेक्शन एक्ट बनाने की मांग की। न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये और आठ घंटे का काम लागू करने की बात कही। इकाई सचिव कॉमरेड विनीत तिवारी ने कहा कि दवा कंपनियों के मालिकों से हमारी मांगे हैं कि दवा कंपनियां सेल्स प्रमोशन इंप्लाइज एक्ट 1976 का पालन करें। औद्योगिक विवाद अधिनियम के संशोधन 2010 अनुसार हर कंपनी में समस्या निवारण समिति का गठन किया जाए। प्रधानमंत्री तथा श्रम आयुक्त को संबोधित मांग पत्र जिला प्रशासन को सौंपा गया।
कार्यक्रम में रॉबी गांगुली, रविंद्र सिंह, आननंद सिंह, जयंकार सिंह, पवन पांडेय, अनिल मिश्रा, जनमेजय शुक्ला, हरिओम पांडेय, नीरज तिवारी, अंबरीश तिवारी, कौशल सैनी, विवेक तिवारी, विकास ओझा, सत्य प्रकाश पाल, राकेश सिंह, विनय श्रीवास्तव, कौशलेंद्र शुक्ला, राकेश तिवारी, शुक्ला, विनय तिवारी, राहुल उपाध्याय, विवेकानंद शुक्ला, रमेश दूबे, विकास शुक्ला, अभिषेक उपाध्याय, सुनील पांडेय, राकेश सिंह शामिल रहे।
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बुधवार को प्रदर्शन के दौरान यूपीएमएसआरए के प्रदेश सचिव कामरेड कौशलेंद्र पांडेय ने बताया कि हड़ताल के समर्थन में आईएमए के जिलाध्यक्ष डॉ. ओएन पांडेय व नीमा के सचिव डॉ. महमूद आलम ने समर्थन दिया है। इकाई अध्यक्ष कामरेड संतोष शुक्ला ने कहा कि यह हड़ताल 16 सूत्री मांग को लेकर है। जिसमें सेल्स प्रमोशन इंप्लाइज के लिए काम के नियम तय किए जाने, दवाओं की कीमतें कम किए जाने, दवाओं को जीरो जीएसटी में रखे जाने, दवा और मेडिकल उपकरणों की ऑनलाइन बिक्री पर रोक लगाने की मांग की गई। इसके अलावा जीडीपी का पांच प्रतिशत स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च करने, पब्लिक सेक्टर फार्मा कंपनियों और सरकारी वैक्सीन निर्माण की कंपनियों को पुनर्जीवित करने, स्वास्थ्य सेवाओं का कोर्पोरेटाईजेशन रोकने, सुप्रीम कोर्ट के पुट्टास्वामी जजमेंट के अनुसार सर्विलांस, डेटा प्रोटेक्शन एक्ट बनाने की मांग की। न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये और आठ घंटे का काम लागू करने की बात कही। इकाई सचिव कॉमरेड विनीत तिवारी ने कहा कि दवा कंपनियों के मालिकों से हमारी मांगे हैं कि दवा कंपनियां सेल्स प्रमोशन इंप्लाइज एक्ट 1976 का पालन करें। औद्योगिक विवाद अधिनियम के संशोधन 2010 अनुसार हर कंपनी में समस्या निवारण समिति का गठन किया जाए। प्रधानमंत्री तथा श्रम आयुक्त को संबोधित मांग पत्र जिला प्रशासन को सौंपा गया।
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कार्यक्रम में रॉबी गांगुली, रविंद्र सिंह, आननंद सिंह, जयंकार सिंह, पवन पांडेय, अनिल मिश्रा, जनमेजय शुक्ला, हरिओम पांडेय, नीरज तिवारी, अंबरीश तिवारी, कौशल सैनी, विवेक तिवारी, विकास ओझा, सत्य प्रकाश पाल, राकेश सिंह, विनय श्रीवास्तव, कौशलेंद्र शुक्ला, राकेश तिवारी, शुक्ला, विनय तिवारी, राहुल उपाध्याय, विवेकानंद शुक्ला, रमेश दूबे, विकास शुक्ला, अभिषेक उपाध्याय, सुनील पांडेय, राकेश सिंह शामिल रहे।
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