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नहीं बदले जा रहे 300 एलईडी बल्ब, गलियों और सड़कों पर अंधेरा
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फोटो-9-गोंडा में नगर पालिका परिषद।-संवाद
- फोटो : GONDA
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गोंडा। शहर के 27 वार्डों की 75 हजार आबादी वाले गली मोहल्लों में अंधेेेरा कायम है। सभी वार्डों में स्ट्रीट लाइट लगाने की जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन की है। लेकिन गली-मोहल्लों में लगे 600 खंभों में 300 से अधिक के एलईडी बल्ब पिछले तीन माह से नहीं बदले गए। इन वार्डों की गली-मोहल्लों में अंधेरा कायम है।
नगर पालिका परिषद ने पूरे शहर को 27 वार्डों में बांट रखा है। इन वार्डों में लगे बिजली के खंभों पर स्ट्रीट लाइट लगाने के साथ हर रोज देर शाम जलाने की जिम्मेदारी परिषद के कर्मचारियों की है। पिछले तीन माह से इन मोहल्लों में लगी स्ट्रीट लाइट के एलईडी बल्ब फ्यूज हैं। लेकिन नगर पालिका परिषद ने बदलवाने की जिम्मेदारी भी नहीं समझी। लिहाजा इन मोहल्लों में रहने वाले लोगों को रात में घरों तक आने जाने में परेशानी उठानी पड़ रही है।
गलियों में अंधेरा होने का फायदा चोर उचक्के उठा रहे हैं। नगर पालिका परिषद के कर्मचारियों की माने तो स्ट्रीट लाइट के मद में जो पैसा था, वह खत्म हो चुका है। जिसकी वजह से स्ट्रीट लाइट के एलईडी बल्ब नहीं बदले जा सके।
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27 वार्डों पर सिर्फ एक वाहन
नगर पालिका की डेढ़ लाख आबादी वाले क्षेत्र में विद्युत व्यवस्था का दुरुस्त रखने के लिए पालिका के पास सिर्फ एक हाईड्रोलिक गाड़ी है। जिसके सहारे 27 वार्डों में विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त रखने का काम किया जाता है। यहां बिजली व्यवस्था के लिए आठ कर्मचारी लगाए हैं।
जर्जर खंभों से हादसे से बना खतरा
शहर के 27 वार्डों में लगे बिजली के तकरीबन डेढ़ दर्जन से अधिक खंभे जर्जर हालत में हैं। मगर पालिका ने इन खंभों को बदलने की जरूरत नहीं समझी। इससे हादसे का खतरा बना रहता है। सुभाष नगर के रहने वाले संजू गुप्ता बताते हैं कि उनके घर के पास लगा बिजली का खंभा नीचे पूरी तरह से जंक खाकर जर्जर हो गया है। इसके लिए नगर पालिका प्रशासन से शिकायत भी की गई। मगर खंभा नहीं बदला गया। इससे हादसे का खतरा बना है।
वार्डों की स्ट्रीट लाइटों के बल्व फ्यूट हैं। मगर इसके लिए बजट नहीं है। बजट की संस्तुति जिलाधिकारी की अनुमति मांगी गई है। मिलते ही स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त कराया जाएगा। संजय कुमार मिश्रा, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद
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नगर पालिका परिषद ने पूरे शहर को 27 वार्डों में बांट रखा है। इन वार्डों में लगे बिजली के खंभों पर स्ट्रीट लाइट लगाने के साथ हर रोज देर शाम जलाने की जिम्मेदारी परिषद के कर्मचारियों की है। पिछले तीन माह से इन मोहल्लों में लगी स्ट्रीट लाइट के एलईडी बल्ब फ्यूज हैं। लेकिन नगर पालिका परिषद ने बदलवाने की जिम्मेदारी भी नहीं समझी। लिहाजा इन मोहल्लों में रहने वाले लोगों को रात में घरों तक आने जाने में परेशानी उठानी पड़ रही है।
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गलियों में अंधेरा होने का फायदा चोर उचक्के उठा रहे हैं। नगर पालिका परिषद के कर्मचारियों की माने तो स्ट्रीट लाइट के मद में जो पैसा था, वह खत्म हो चुका है। जिसकी वजह से स्ट्रीट लाइट के एलईडी बल्ब नहीं बदले जा सके।
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27 वार्डों पर सिर्फ एक वाहन
नगर पालिका की डेढ़ लाख आबादी वाले क्षेत्र में विद्युत व्यवस्था का दुरुस्त रखने के लिए पालिका के पास सिर्फ एक हाईड्रोलिक गाड़ी है। जिसके सहारे 27 वार्डों में विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त रखने का काम किया जाता है। यहां बिजली व्यवस्था के लिए आठ कर्मचारी लगाए हैं।
जर्जर खंभों से हादसे से बना खतरा
शहर के 27 वार्डों में लगे बिजली के तकरीबन डेढ़ दर्जन से अधिक खंभे जर्जर हालत में हैं। मगर पालिका ने इन खंभों को बदलने की जरूरत नहीं समझी। इससे हादसे का खतरा बना रहता है। सुभाष नगर के रहने वाले संजू गुप्ता बताते हैं कि उनके घर के पास लगा बिजली का खंभा नीचे पूरी तरह से जंक खाकर जर्जर हो गया है। इसके लिए नगर पालिका प्रशासन से शिकायत भी की गई। मगर खंभा नहीं बदला गया। इससे हादसे का खतरा बना है।
वार्डों की स्ट्रीट लाइटों के बल्व फ्यूट हैं। मगर इसके लिए बजट नहीं है। बजट की संस्तुति जिलाधिकारी की अनुमति मांगी गई है। मिलते ही स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त कराया जाएगा। संजय कुमार मिश्रा, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद