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UP: मां की लाश लिए बेटा करता रहा फरियाद, जिम्मेदार बोले- कफन और पैकिंग के लिए लाओ दो हजार; तब होगा पोस्टमार्टम

Fri, 13 Dec 2024 04:16 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, गोंडा
अमर उजाला नेटवर्क, गोंडा Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Fri, 13 Dec 2024 04:16 PM IST
सार

मां की लाश लिए बेटा मदद के लिए अधिकारियों से फरियाद करता रहा। जिम्मेदार बोले- शव पैकिंग और कफन के लिए हमारे पास व्यवस्था नहीं है। मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई थी।

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son kept pleading with mother dead body In Gonda responsible said give two thousand for shroud and packing
पीड़ा बताता पीड़ित हीरा सिंह। - फोटो : संवाद

विस्तार

यूपी के गोंडा में आंखों में आंसू लेकर मां के लिए कफन व शव को सील करने की सुविधा शुल्क में छूट पाने के लिए झंझरी विकासखंड के पास पेरीगांव के रहने वाले हीरा सिंह सीएमएस व सीएमओ कार्यालय के चक्कर काट रहे थे। लेकिन, किसी भी जिम्मेदार का दिल नहीं पसीजा। अस्पताल आए एक अन्य व्यक्ति को दया आई तो उसने कफन व अन्य जरूरी चीजों का इंतजाम करवा दिया। 

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बृहस्पतिवार दोपहर 12 बजकर 18 मिनट पर मेडिकल कॉलेज के सीएमएस कक्ष में हीरा सिंह नाम का एक व्यक्ति दाखिल हुआ। सीएमएस डॉ. अनिल तिवारी से पीड़ित ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि उसकी मां गीता सिंह (50) को बुधवार शाम तीन बजकर 15 मिनट पर भर्ती कराया गया था। 

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लाश पोस्टमार्टम हाउस तक ले जाने का किराया भी मांगा

डॉक्टर ने जहरीला पदार्थ खाने की संभावना जताते हुए उपचार शुरू किया। बृहस्पतिवार को उनकी मौत हो गई। शव को अस्पताल के पास बने मोर्चरी में रखा गया है। वहां उपस्थित कर्मचारी लाश को सील करने के लिए कफन, लाश पैकिंग व अन्य संस्थान के लिए दो हजार रुपये मांग रहा है। वहीं 1200 रुपये वाहन के माध्यम से पोस्टमार्टम हाउस तक ले जाने का किराया भी मांगा गया है। 

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सीएमएस डॉ. अनिल तिवारी ने संवेदना तो जताई, लेकिन अस्पताल से लाश पैकिंग की व्यवस्था न होने का हवाला देकर सीएमओ के पास भेज दिया। यहां सीएमओ नहीं मिलीं। लेकिन, एक कर्मचारी ने जानकारी दी कि लाश को यहां से पोस्टमार्टम हाउस तक ले जाने का जिम्मा पुलिस का है। वहां से भी निराश लौट रहे हीरा को करुणा सिंह नाम के व्यक्ति ने आर्थिक सहयोग कर कफन व लाश पैकिंग का इंतजाम कराया। 

जानकारी नहीं कि कफन का इंतजाम करना किसकी जिम्मेदारी

मेरे कार्यकाल में पहली घटना सामने आई है। जिसके पास कफन के लिए पैसे नहीं हैं। अभी मुझे जानकारी नहीं है कि यदि परिजनों के पास व्यवस्था न हो तो उसकी उपलब्धता की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की है या पुलिस विभाग की। उच्च अधिकारियों से जानकारी ली जाएगी। -डॉ. रश्मि वर्मा, सीएमओ

पैसा किसने मांगा जांच कराई जाएगी

पुलिस की ओर से शव बैग में लाश को रखकर पोस्टमार्टम तक ले जाने की व्यवस्था है। मोर्चरी में किस कर्मचारी ने पैसे की डिमांड की इसकी जानकारी के लिए जांच कराई जाएगी। -संतोष मिश्र, नगर कोतवाल

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