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Gonda News: छह जानवर लंपी की चपेट में, विशेष सतर्कता के निर्देश
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- पीसीडीएफ के प्रबंध निदेशक की अध्यक्षता में रोकथाम के लिए बनाई रणनीति
संवाद न्यूज एजेंसी
गोंडा। हलधरमऊ ब्लॉक के बसालतपुर में चार व नवाबगंज में दो जानवरों में लंपी वायरस के लक्षण मिलने के बाद रविवार को विकास भवन सभागार में सतर्कता को लेकर बैठक की गई। प्रबंधक निदेशक पीसीडीएफ लखनऊ आनंद कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान पशु चिकित्सकों रोकथाम के लिए दिशा-निर्देश दिए गए।
प्रबंध निदेशक ने कहा कि गांव-गांव जाकर संक्रमित जानवरों को चिह्नित करें और जन जागरुकता फैलाएं। संक्रमित पशुओं को आइसोलेट कर दिया जाए। गोशालाओं को संक्रमण से दूर रखा जाए। गोशालाओं के सभी पशुओं को वैक्सीन लगाई जाए। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक वैक्सीन लगाकर संक्रमण को रोका जाए। उन्होंने सीवीओ को निर्देश दिए कि गांव-गांव जाकर प्रधानों व सेक्रेटरी आदि के साथ बैठक कर लोगों को इस बारे में जानकारी दें। गांवों में बैनर व पंफ्लेट के माध्यम से कंट्रोल रूम का नंबर का प्रचार-प्रसार कराएं। तीन दिन का अभियान चला कर संक्रमण पर रोक लगाई जाए। इस रोग के बारे में फैल रही गलत खबरों का खंडन किया जाए। बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, सभी बीडीओ, सभी अधिशासी अधिकारी समेत अन्य मौजूद रहे हैं।
यह लक्षण हों तो तत्काल पशु चिकित्सक को दें जानकारी
लंपी स्किन डिजीज एक वायरल बीमारी होती है, जो गाय-भैंसों में होती है। लंपी स्किन डिजीज में शरीर पर गांठें बनने लगती हैं, खासकर सिर, गर्दन, और जननांगों के आसपास। धीरे-धीरे ये गांठें बड़ी होने लगती हैं और घाव बन जाता है। एलएसडी वायरस मच्छरों और मक्खियों जैसे खून चूसने वाले कीड़ों से आसानी से फैलता है। साथ ही ये दूषित पानी, लार और चारे के माध्यम से भी फैलता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोंडा। हलधरमऊ ब्लॉक के बसालतपुर में चार व नवाबगंज में दो जानवरों में लंपी वायरस के लक्षण मिलने के बाद रविवार को विकास भवन सभागार में सतर्कता को लेकर बैठक की गई। प्रबंधक निदेशक पीसीडीएफ लखनऊ आनंद कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान पशु चिकित्सकों रोकथाम के लिए दिशा-निर्देश दिए गए।
प्रबंध निदेशक ने कहा कि गांव-गांव जाकर संक्रमित जानवरों को चिह्नित करें और जन जागरुकता फैलाएं। संक्रमित पशुओं को आइसोलेट कर दिया जाए। गोशालाओं को संक्रमण से दूर रखा जाए। गोशालाओं के सभी पशुओं को वैक्सीन लगाई जाए। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक वैक्सीन लगाकर संक्रमण को रोका जाए। उन्होंने सीवीओ को निर्देश दिए कि गांव-गांव जाकर प्रधानों व सेक्रेटरी आदि के साथ बैठक कर लोगों को इस बारे में जानकारी दें। गांवों में बैनर व पंफ्लेट के माध्यम से कंट्रोल रूम का नंबर का प्रचार-प्रसार कराएं। तीन दिन का अभियान चला कर संक्रमण पर रोक लगाई जाए। इस रोग के बारे में फैल रही गलत खबरों का खंडन किया जाए। बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, सभी बीडीओ, सभी अधिशासी अधिकारी समेत अन्य मौजूद रहे हैं।
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यह लक्षण हों तो तत्काल पशु चिकित्सक को दें जानकारी
लंपी स्किन डिजीज एक वायरल बीमारी होती है, जो गाय-भैंसों में होती है। लंपी स्किन डिजीज में शरीर पर गांठें बनने लगती हैं, खासकर सिर, गर्दन, और जननांगों के आसपास। धीरे-धीरे ये गांठें बड़ी होने लगती हैं और घाव बन जाता है। एलएसडी वायरस मच्छरों और मक्खियों जैसे खून चूसने वाले कीड़ों से आसानी से फैलता है। साथ ही ये दूषित पानी, लार और चारे के माध्यम से भी फैलता है।
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