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Gonda News: एसआईटी ने तलब किए 700 शिक्षकों और कर्मचारियों के दस्तावेज
Tue, 31 Dec 2024 11:10 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 31 Dec 2024 11:10 PM IST
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गोंडा। बेसिक शिक्षा के सहायता प्राप्त 28 विद्यालयों में 700 शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मियों की नियुक्तियां जांच के दायरे में हैं। एसआईटी के निरीक्षक प्रदीप कुमार सिंह पूरे प्रकरण की जांच कर रहे हैं और उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारी से नियुक्ति एवं वेतन भुगतान से जुड़े अभिलेख मांगे हैं। बीएसए अतुल कुमार तिवारी ने वित्त एवं लेखाधिकारी को पत्र भेजकर जांच के लिए मांगी गई रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है।
सहायता प्राप्त विद्यालयों में नियमों की अनदेखी करते हुए नियुक्तियों पर वर्ष 2019 में अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा रेणुका कुमार ने जांच के आदेश दिए थे। 164 सहायक अध्यापकों की नियुक्ति अमान्य डिग्री पर होने की बात सामने आई थी और सरकारी कोष में लूट करार दिया गया था। यह भी सामने आया था कि 1.57 करोड़ का वेतन भुगतान हर महीने गलत नियुक्ति वालों को किया जा रहा है। जांच शुरू होने पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। अब एक बार फिर 28 विद्यालयों से शिक्षकों का ब्यौरा मांगा गया है। इस बार नियुक्ति एवं वेतन भुगतान से जुड़े अभिलेखों का सत्यापन कराकर कार्रवाई तय किए जाने की तैयारी शुरू हो गई है।
निलंबित हो चुके हैं बीएसए, फिर भी नहीं मिल रहे कागज
सहायता प्राप्त विद्यालयों में भर्ती फर्जीवाड़े की जांच में चार साल पहले शासन स्तर से बड़ी कार्रवाई हो चुकी है। जांच एजेंसी एसआईटी को अभिलेख उपलब्ध कराने में नाकाम रहने के आरोप में तत्कालीन बीएसए मनीराम सिंह को निलंबित किया जा चुका है। मनीराम सिंह पर जांच में सहयोग न करने का आरोप था। उन्हें 18 फरवरी 2020 में निलंबित किया गया था। उसके बाद से अभिलेख कई बार मांगे गए, लेकिन विभाग उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। एक बार फिर अभिलेख मांगे जाने के लिए कार्रवाई शुरू हुई है।
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जांच के बाद भी होता रहा वेतन भुगतान
वर्ष 2019 से ही सहायता प्राप्त विद्यालयों में नियुक्तियों की जांच हो रही है। इस दौरान बीच-बीच में अधिकारियों ने वेतन रोका, लेकिन फिर बाद में वेतन भुगतान होने लगा। स्थिति यह आई कि जांच के लिए विद्यालयों ने लाख कोशिशों के बाद भी पूरे अभिलेख नहीं दिए। एसआईटी जांच पूरी करने में शैक्षिक अभिलेखों के साथ ही नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े अभिलेख भी मांग रही है।
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सहायता प्राप्त विद्यालयों में नियमों की अनदेखी करते हुए नियुक्तियों पर वर्ष 2019 में अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा रेणुका कुमार ने जांच के आदेश दिए थे। 164 सहायक अध्यापकों की नियुक्ति अमान्य डिग्री पर होने की बात सामने आई थी और सरकारी कोष में लूट करार दिया गया था। यह भी सामने आया था कि 1.57 करोड़ का वेतन भुगतान हर महीने गलत नियुक्ति वालों को किया जा रहा है। जांच शुरू होने पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। अब एक बार फिर 28 विद्यालयों से शिक्षकों का ब्यौरा मांगा गया है। इस बार नियुक्ति एवं वेतन भुगतान से जुड़े अभिलेखों का सत्यापन कराकर कार्रवाई तय किए जाने की तैयारी शुरू हो गई है।
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निलंबित हो चुके हैं बीएसए, फिर भी नहीं मिल रहे कागज
सहायता प्राप्त विद्यालयों में भर्ती फर्जीवाड़े की जांच में चार साल पहले शासन स्तर से बड़ी कार्रवाई हो चुकी है। जांच एजेंसी एसआईटी को अभिलेख उपलब्ध कराने में नाकाम रहने के आरोप में तत्कालीन बीएसए मनीराम सिंह को निलंबित किया जा चुका है। मनीराम सिंह पर जांच में सहयोग न करने का आरोप था। उन्हें 18 फरवरी 2020 में निलंबित किया गया था। उसके बाद से अभिलेख कई बार मांगे गए, लेकिन विभाग उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। एक बार फिर अभिलेख मांगे जाने के लिए कार्रवाई शुरू हुई है।
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जांच के बाद भी होता रहा वेतन भुगतान
वर्ष 2019 से ही सहायता प्राप्त विद्यालयों में नियुक्तियों की जांच हो रही है। इस दौरान बीच-बीच में अधिकारियों ने वेतन रोका, लेकिन फिर बाद में वेतन भुगतान होने लगा। स्थिति यह आई कि जांच के लिए विद्यालयों ने लाख कोशिशों के बाद भी पूरे अभिलेख नहीं दिए। एसआईटी जांच पूरी करने में शैक्षिक अभिलेखों के साथ ही नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े अभिलेख भी मांग रही है।