{"_id":"66d9f04f28c32e72d009b1af","slug":"seven-years-imprisonment-to-the-person-guilty-of-culpable-homicide-gonda-news-c-100-1-gon1002-123151-2024-09-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: गैर इरादतन हत्या के दोषी को सात साल की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: गैर इरादतन हत्या के दोषी को सात साल की सजा
Thu, 05 Sep 2024 11:24 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 05 Sep 2024 11:24 PM IST
विज्ञापन
गोंडा। अपशब्द कहकर मारपीट, साक्ष्य छिपाने व गैर इरादतन हत्या के मामले में अदालत ने दोषी को सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार करनैलगंज के ग्राम कुतुबपुर गोड़ियन पुरवा निवासी देवचंद्र ने कोतवाली में केस दर्ज कराया था। इसमें कहा कि उनके बड़े भाई रामसरन और गांव के ही श्रीराम गोड़िया में दो माह पहले कहासुनी हुई थी। दो अप्रैल 2018 की सुबह जब वह अपने घर के पीछे लाही की फसल काट रहे थे तो श्रीराम गोड़िया उनकी बेटी रूबी को अपशब्द कहने लगा। भाई रामसरन ने मना किया तो श्रीराम क्रिकेट का बैट लेकर पहुंचा और उन्हें मारने लगा। जिससे उनके सिर व शरीर पर गंभीर चोटें आईं। उन्होंने कोतवाली में सूचना दी। रामसरन को गंभीर हालत में जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज शुरू होते ही उनकी मृत्यु हो गई। विवेचना में अपराध के पुख्ता साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। विचारण के दौरान न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी करार दिया। बृहस्पतिवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-चतुर्थ रामदयाल ने श्रीराम गोड़िया को सात साल के सश्रम कारावास व 10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष के अनुसार करनैलगंज के ग्राम कुतुबपुर गोड़ियन पुरवा निवासी देवचंद्र ने कोतवाली में केस दर्ज कराया था। इसमें कहा कि उनके बड़े भाई रामसरन और गांव के ही श्रीराम गोड़िया में दो माह पहले कहासुनी हुई थी। दो अप्रैल 2018 की सुबह जब वह अपने घर के पीछे लाही की फसल काट रहे थे तो श्रीराम गोड़िया उनकी बेटी रूबी को अपशब्द कहने लगा। भाई रामसरन ने मना किया तो श्रीराम क्रिकेट का बैट लेकर पहुंचा और उन्हें मारने लगा। जिससे उनके सिर व शरीर पर गंभीर चोटें आईं। उन्होंने कोतवाली में सूचना दी। रामसरन को गंभीर हालत में जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज शुरू होते ही उनकी मृत्यु हो गई। विवेचना में अपराध के पुख्ता साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। विचारण के दौरान न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी करार दिया। बृहस्पतिवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-चतुर्थ रामदयाल ने श्रीराम गोड़िया को सात साल के सश्रम कारावास व 10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।