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व्हाट्सएप पर डाली सेल्फी, बोले-कुछ देर में पहुंच रहा हूं
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गोंडा के ऐली परसोली के प्राथमिक विद्यालय जाने के लिए कैथीघाट पर नांव पर सवार होने से पहले शिक्षक ?
- फोटो : GONDA
गोंडा। पीपा पुल से टकराकर ऐली परसौली के टेपरहनपुरवा में नाव डूबने की घटना में ऐली परसौली डीहा माडल प्राथमिक विद्यालय में तैनात प्रभारी प्रधानाध्यापक संदीप गुप्ता की मौत हो गई थी। मंगलवार को हुई इस घटना के बाद पूरे जिले में शिक्षक की मौत पर लोगों ने गहरा शोक जताया है। मंगलवार देर रात से एक फोटो सोशल मीडिया पर कई शिक्षकों ने शेयर की है। जिसमें दावा किया जा रहा है कि वो फोटो मृतक शिक्षक ने स्कूल के लिए रवाना होने से पहले स्कूल के वाट्सएप ग्रुप पर पोस्ट की थी।
ऐली परसौली डीहा के प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक के पर तैनात राधेलाल ने बताया कि प्रभारी प्रधानाध्यापक संदीप गुप्ता ने विद्यालय के स्टाफ का एक वाट्सएप ग्रुप बना रखा था। इस पर माडल स्कूल में रोजाना की गतिविधियां और सूचनाओं का आदान प्रदान किया जाता था। उन्होंने बताया कि ग्रुप में केवल चार लोग ही शामिल हैं। जिसमें मृतक शिक्षक संदीप गुप्ता के अलावा राधेलाल सहित दो सहायक अध्यापक और एक शिक्षामित्र इस ग्रुप में जुड़े हुए थे।
शिक्षक राधेलालन ने बताया कि मंगलवार को सुबह 10 बजकर 39 मिनट पर देर होता देख उन्होंने नदी के पास की अपनी एक सेल्फी ग्रुप पर डाली और कहा कि नाव को इंतजार है, आ रही है। थोड़ी देर में स्कूल पहुंच जाऊंगा। इसकी कुछ ही देर बाद घटना की सूचना मिली तो सभी लोग घटनास्थल की ओर भागे तो पता चला कि अब संदीप गुप्ता काल के गाल में समा चुके थे। इस घटना के बाद जो भी वो पोस्ट देख रहा था वो भावुका हो उठा।
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बीआरसी का प्रशिक्षण स्थगित
ऐली परसौली के माडल स्कूल में तैनात शिक्षक संदीप गुप्ता की मंगलवार को नाव डूबने से हुई मौत के बाद कई शिक्षक संगठनों ने शोक जताया है। बीईओ आनंद प्रकाश सिंह ने बुधवार को बीआरसी पर होने वाला प्रशिक्षण भी टाल दिया है। बुधवार को ऐली परसौली के स्कूल में सन्नाटा छाया रहा।
अपनों की ही ढंढ़ती रहीं निगाहें
मंगलवार को नाव डूबने के बाद नाव में सवार लगभग 26 लोगों को पीएसी और ग्रामीणों की सहायता से बाहर निकाल लिया गया लेकिन ऐली परसौली के तीन लोग अभी भी लापता थे। बुधवार सुबह से एसडीआरएफ की टीम लाजपता केशवराम पुत्र तुलसीराम, जगन्नाथ पुत्र लाल बहादुर और नत्था पुत्र छोटेलाल को ढूंढ़ती रही।
उनके साथ ही इन सभी के परिजन भी पूरे दिन भर अपनों के बारे में एक खबर पाने की आस में जमें रहे। बताया जा रहा है कि तीनों के परिजन मंगलवार दोपहर से घर नहीं गये। सूचना पर उनके रिश्तेदार भी मौके पर पहुंचे थे। लोग परिजनों को समझाने में लगे रहे। समय बीतने के साथ ही अपनों को जीवित पाने की आस भी खोती जा रही है। बुधवार देर शाम तक रेस्क्यू आपरेशन में किसी का भी पता नहीं लग पाया है।
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ऐली परसौली डीहा के प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक के पर तैनात राधेलाल ने बताया कि प्रभारी प्रधानाध्यापक संदीप गुप्ता ने विद्यालय के स्टाफ का एक वाट्सएप ग्रुप बना रखा था। इस पर माडल स्कूल में रोजाना की गतिविधियां और सूचनाओं का आदान प्रदान किया जाता था। उन्होंने बताया कि ग्रुप में केवल चार लोग ही शामिल हैं। जिसमें मृतक शिक्षक संदीप गुप्ता के अलावा राधेलाल सहित दो सहायक अध्यापक और एक शिक्षामित्र इस ग्रुप में जुड़े हुए थे।
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शिक्षक राधेलालन ने बताया कि मंगलवार को सुबह 10 बजकर 39 मिनट पर देर होता देख उन्होंने नदी के पास की अपनी एक सेल्फी ग्रुप पर डाली और कहा कि नाव को इंतजार है, आ रही है। थोड़ी देर में स्कूल पहुंच जाऊंगा। इसकी कुछ ही देर बाद घटना की सूचना मिली तो सभी लोग घटनास्थल की ओर भागे तो पता चला कि अब संदीप गुप्ता काल के गाल में समा चुके थे। इस घटना के बाद जो भी वो पोस्ट देख रहा था वो भावुका हो उठा।
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बीआरसी का प्रशिक्षण स्थगित
ऐली परसौली के माडल स्कूल में तैनात शिक्षक संदीप गुप्ता की मंगलवार को नाव डूबने से हुई मौत के बाद कई शिक्षक संगठनों ने शोक जताया है। बीईओ आनंद प्रकाश सिंह ने बुधवार को बीआरसी पर होने वाला प्रशिक्षण भी टाल दिया है। बुधवार को ऐली परसौली के स्कूल में सन्नाटा छाया रहा।
अपनों की ही ढंढ़ती रहीं निगाहें
मंगलवार को नाव डूबने के बाद नाव में सवार लगभग 26 लोगों को पीएसी और ग्रामीणों की सहायता से बाहर निकाल लिया गया लेकिन ऐली परसौली के तीन लोग अभी भी लापता थे। बुधवार सुबह से एसडीआरएफ की टीम लाजपता केशवराम पुत्र तुलसीराम, जगन्नाथ पुत्र लाल बहादुर और नत्था पुत्र छोटेलाल को ढूंढ़ती रही।
उनके साथ ही इन सभी के परिजन भी पूरे दिन भर अपनों के बारे में एक खबर पाने की आस में जमें रहे। बताया जा रहा है कि तीनों के परिजन मंगलवार दोपहर से घर नहीं गये। सूचना पर उनके रिश्तेदार भी मौके पर पहुंचे थे। लोग परिजनों को समझाने में लगे रहे। समय बीतने के साथ ही अपनों को जीवित पाने की आस भी खोती जा रही है। बुधवार देर शाम तक रेस्क्यू आपरेशन में किसी का भी पता नहीं लग पाया है।