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4 दिन में 1 लाख 17 हजार की आबादी की स्क्रीनिंग हुई

Fri, 06 Nov 2020 10:42 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 06 Nov 2020 10:42 PM IST
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Screening of 1 lakh 17 thousand population in 4 days
4 दिन में 1 लाख 17 हजार की आबादी की स्क्रीनिंग
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- 450 कार्यकर्ताओं की 150 टीमों ने जिले भर में की स्क्रीनिंग
- सक्रिय टीबी रोगी खोजी अभियान को सफल बनाने की मुहिम
संवाद न्यूज एजेंसी
गोंडा। समाज को क्षय रोग यानी टीबी की बीमारी से मुक्त बनाने के उद्देश्य से पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के तहत जिले में 2 नवंबर से 11 नवंबर तक सक्रिय टीबी रोगी खोज अभियान (एसीएफ) चलाया गया है। अभियान के सफल संचालन एवं लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत आबादी तक विभाग की पहुंच को सुनिश्चित करने हेतु विभाग की जिला एवं ब्लॉक स्तरीय टीमों द्वारा गांवों का नियमित भ्रमण किया जा रहा है। चार दिनों में जिले की लगभग 1 लाख 17 हजार की आबादी की स्क्रीनिंग कराई गई है।
शुक्रवार को डीसीपीएम डॉ. आरपी सिंह, एनटीईपी के जिला समन्वयक विवेक सरन, आरकेएसके के जिला समन्वयक रंजीत सिंह, एसटीएस राहुल तिवारी व उनकी टीम द्वारा करनैलगंज ब्लॉक के नयापुरवा, चंगेरिया तथा भंभुआ समेत कई अन्य गांवों का भ्रमण कर एसीएफ अभियान का गहनता से निरीक्षण किया गया। टीम ने टीबी मरीजों के घर जाकर उनका सत्यापन किया और ग्रामीणों से सरकार द्वारा टीबी के मरीजों को दी जा रही समस्त सुविधाओं तथा बीमारी से बचाव के उपाय बताए। इसके अलावा उन्होंने संबंधित डीएमसी पर पहुंचकर स्लाइडों की चेकिंग भी की। निरीक्षण में पाया गया कि टीमें बनाए गए माइक्रोप्लान के अनुसार चल रही हैं तथा प्रशिक्षित कर्मी ही उक्त कार्य में लगाये गये हैं, जिसके लिये उन्होंने टीम की सराहना भी की। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. मलिक आलमगीर ने बताया कि विभाग की ओर से गठित 150 टीमों द्वारा घर-घर भ्रमण कर लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है। संदिग्ध व्यक्तियों के बलगम की जांच के दौरान टीबी पॉजिटिव पाए गए मरीजों का विभाग की ओर से उपचार भी शुरू कर दिया गया है। डॉ. आलमगीर ने बताया कि अभियान में विभाग की ओर से जनपद की 10 प्रतिशत आबादी यानी 3.74 लाख आबादी को लक्षित किया गया है, जिनमें से अब तक चार दिनों में 1.17 लाख की आबादी में गठित टीमों द्वारा भ्रमण कर लक्ष्य के सापेक्ष लगभग 32 प्रतिशत आबादी की स्क्रीनिंग व जांच की गई। टीम की ओर से किये जा रहे क्षेत्र भ्रमण में लोगों की स्क्रीनिंग व पूछताछ के दौरान संदिग्ध पाए गये। 1003 लोगों के बलगम की जांच करायी गयी। जिसमें से अभी तक कुल 78 मरीज पाये गये।
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अभियान के बाद होगी टास्क फोर्स की बैठक
एसीएफ कार्यक्रम समाप्त होते ही डीएम की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय टीबी फोरम/जिला टीबी टास्क फोर्स एवं एसीएफ समीक्षा बैठक करायी जाएगी। इस अभियान में स्लम एरिया, दुर्गम क्षेत्र, कुपोषित आबादी, सघन आबादी, ईंट-भटटा तथा हाई रिस्क ग्रुप को विशेष रूप से शामिल किया गया है। शहरी क्षेत्र के अलावा 14 ब्लॉकों में कार्यक्रम चल रहा है। इसके लिए 450 स्वास्थ्य कर्मियों की 150 टीमे बनायी गई हैं। प्रत्येक टीम में तीन-तीन सदस्य हैं, जो चयनित क्षेत्र में घर-घर जाकर टीबी के लक्षणों व बचाव के बारे मे लोगों को जागरुक करती हैं। संदिग्ध लोगों का बलगम एकत्र कर टीम के सदस्यों द्वारा नजदीकी केन्द्र पर जांच हेतु भेज दिया जाता है।
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