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कटरा के प्रमुख, जिपं सदस्य समेत 20 प्रधानों के इस्तीफे
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गोंडा। कटरा बाजार ब्लॉक के ब्लॉक प्रमुख भवानी प्रसाद व जिला पंचायत सदस्य भवानी भीख शुक्ल के साथ ही 20 ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों ने अपने पद से इस्तीफे की पेशकश कर दी है। अफसरशाही से खफा पंचायत प्रतिनिधियों ने अध्यक्ष जिला पंचायत को संबोधित इस्तीफा जिला पंचायत को सौंपा है। पंचायत राज के नियमों के तहत जिला पंचायत अध्यक्ष ही इस्तीफे पर विचार कर सकती हैं। पंचायत प्रतिनिधियों में गुस्सा मुख्य विकास अधिकारी शशांक त्रिपाठी के गुरुवार की शाम को ब्लॉक में पहुंच कर वहां बने एक आवास की जांच करने पर है। फिलहाल इस्तीफा देने वालों ने कर्तव्य पालन में कठिनाई होने की बात कही है। इस्तीफे के बाद कटरा बाजार ब्लॉक में सियासी संग्राम तेज हो गया है।
कटरा बाजार ब्लॉक मनरेगा कार्यों को लेकर अक्सर चर्चा में रहता है। बीते साल अपर आयुक्त मनरेगा योगेश कुमार की जांच के बाद सीडीओ आशीष कुमार ने ब्लॉक के कई अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की थी। कार्रवाई होने के बाद ब्लॉक में मनरेगा का कार्य करीब-करीब ठप चल रहा है। तत्कालीन सीडीओ के तबादले और नए सीडीओ शशांक त्रिपाठी के काम संभालने के बाद विवाद तो थमा, लेकिन कार्य की रफ्तार थमी हुई है। माना जा रहा है कि नए वित्तीय वर्ष में अप्रैल से कार्य में तेजी आती। इसी बीच शुक्रवार को एक बार फिर कटरा बाजार चर्चा में आ गया।
वहां के ब्लॉक प्रमुख भवानी प्रसाद व जिला पंचायत सदस्य भवानी भीख शुक्ल ने इस्तीफे की पेशकश की और इस्तीफे में कर्तव्यों का पालन न कर पाने का कारण बताते हुए इस्तीफा जिला पंचायत अध्यक्ष के कार्यालय में सौंपा। इसके बाद तो पंचायत प्रतिनिधियों में इस्तीफा देने की होड़ मच गई और दोपहर तक 20 से अधिक प्रधानों ने अपना इस्तीफा दे दिया। अनुमान जताया जा रहा है कि अभी 10 और ग्राम प्रधान इस्तीफा दे देंगे। पंचायत प्रतिनिधियों के इस कदम से खलबली मच गई है, सियासी खेमे के साथ ही अधिकारियों के बीच में चर्चा जोर पकड़ रही है।
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सीडीओ के ब्लाक में पहुंचने पर मचा बवाल, प्रतिनिधि खफा
इस्तीफा देने वाले पंचायत प्रतिनिधियों ने भले ही अपने इस्तीफे में सीडीओ पर कोई आरोप नहीं मढ़ा है, लेकिन उनके भीतर गुस्सा दिख रहा है। विवाद गुरुवार की देर शाम सीडीओ शशांक त्रिपाठी अचानक ब्लॉक कटरा बाजार के परिसर में पहुंच गए और वहां एक कमरे का ताला खुलवाकर कुछ अभिलेख देखे। यही बात ब्लॉक प्रमुख को नागवार गुजरी। लोग बताते हैं कि सीडीओ के कदम की बात रात में पूरे क्षेत्र में फैल गई। सुबह जिला पंचायत सदस्य व भाजपा जिला कार्य समिति के सदस्य भवानी भीख शुक्ल ने जानकारी की। वह बोले तो कुछ नही लेकिन उन्होंने जिला पंचायत सदस्य के पद से इस्तीफा दे दिया। इसके साथ ही ब्लॉक प्रमुख और प्रधानों ने भी इस्तीफा दे दिया। विवाद के बारे में सीडीओ शशांक त्रिपाठी से जानकारी की गई तो उन्होंने बताया कि वह सामान्य रूप से ब्लॉक गए थे। वह देख रहे थे कि ब्लॉक परिसर की व्यवस्था कैसी है। साफ-सफाई के साथ ही मार्च होने से विकास कार्यों को तेज करने की जानकारी कर रहे थे। इसमें किसी को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए थी। ब्लॉक में किसी पंचायत प्रतिनिधि से उनकी कोई मुलाकात भी नहीं हुई, ऐसे में विवाद की कोई बात ही नहीं है।
एक साथ इस्तीफे से दिखी पंचायत प्रतिनिधियों की एकता
कटरा बाजार ब्लाक में सम्मान के लिए इस्तीफा देकर पंचायत प्रतिनिधियों ने एकता दिखाई। भाजपा कार्य समिति सदस्य व जिला पंचायत सदस्य जमथरा भवानी भीख शुक्ल के साथ ब्लाक प्रमुख भवानी प्रसाद के साथ ही 20 प्रधानों ने इस्तीफा दिया। इस्तीफा देने वालों में बौनापुर की प्रधान जुगरानी शुक्ला, महापारा की प्रधान बिट्टू देवी, विरवा के केशरी प्रसाद, सेहरिया कला के अशोक सिंह, पैडीबरा की प्रभावती, नकहा की पार्वती देवी, कटुआ नाला की जहूरा बेगम, टेढ़ी की प्रधान पार्वती देवी, झौनहा के राम तीरथ, छप्परतल्ला के विश्वनाथ सिंह, नदावा की नीलम तिवारी, लक्ष्मनपुर की छोटका, जगदीशपुर बल्दी के सहनाज, परसिया रानी के राम नरायन, बसभरिया के राघवेन्द्र, भैंसहा के नन्द किशोर चौबे, भरथा इटहिया की सुमन देवी, जगतापुर की कृष्णावती, तिलका की मंजू मिश्रा, चुर्रामुर्रा के डॉ. चन्द्र शेखर पांडे ने प्रधान पद से इस्तीफा दिया है।
इस्तीफा देने वालों में भाजपा से जुड़े अधिकतर प्रतिनिधि
अफसरों की अनदेखी और परेशान करने से आहत होकर इस्तीफा देने वाले पंचायत प्रतिनिधियों में अधिकतर सत्ताधारी दल भाजपा से जुड़े हैं। जिला पंचायत सदस्य भवानी भीख शुक्ला तो पार्टी की जिला कार्य समिति के सदस्य हैं। इसके अलावा कटरा बाजार विधायक बावन सिंह के काफी करीबी हैं। यही नहीं कैसरगंज संसदीय सीट के सांसद बृजभूषण शरण सिंह के भी करीबी हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात तो यह है कि कटरा बाजार क्षेत्र के निवासी भाजपा के जिलाध्यक्ष सूर्य नरायन त्रिपाठी भी हैं। इसके बाद भी पंचायत प्रतिनिधियों को अफसरों से परेशानी होना चौंकाने वाला है।
दो दिन पहले सपा के पूर्व विधायक बैजनाथ दूबे ने की थी जांच की मांग
दो दिन पहले ही सपा के पूर्व विधायक बैजनाथ दूबे ने कटरा बाजार ब्लॉक को घेरते हुए जांच की मांग का ज्ञापन प्रशासन को सौंपा था। आरोप लगाया था कि मनरेगा आदि कार्यों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हो रही है। सीबीआई जांच की मांग की थी। दो दिन बाद ही कटरा के पंचायत प्रतिनिधियों का कदम उठाना खासा चर्चा में हैं।
कटरा बाजार के पंचायत प्रतिनिधियों के इस्तीफों में अभी कोई विचार संभव नहीं है। अध्यक्ष जिला पंचायत बाहर हैं। उनके आने के बाद इस्तीफों पर विचार होगा। पंचायत प्रतिनिधियों की समस्या भी जानी जाएगी। -नान बच्चा पांडे, प्रतिनिधि अध्यक्ष जिला पंचायत
कटरा बाजार के पंचायत प्रतिनिधियों के इस्तीफे की जानकारी हुई है, मैं तो ब्लॉक में रुटीन कार्य के तहत गया था। विकास कार्य की जानकारी करने के साथ ही कोरोना से बचाव को लेकर जानकारी कर रहा था। किसी से न तो कोई बात हुई है और न ही ऐसी कोई कार्रवाई की है कि जिससे किसी को कष्ट हो। -शशांक त्रिपाठी, सीडीओ
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कटरा बाजार ब्लॉक मनरेगा कार्यों को लेकर अक्सर चर्चा में रहता है। बीते साल अपर आयुक्त मनरेगा योगेश कुमार की जांच के बाद सीडीओ आशीष कुमार ने ब्लॉक के कई अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की थी। कार्रवाई होने के बाद ब्लॉक में मनरेगा का कार्य करीब-करीब ठप चल रहा है। तत्कालीन सीडीओ के तबादले और नए सीडीओ शशांक त्रिपाठी के काम संभालने के बाद विवाद तो थमा, लेकिन कार्य की रफ्तार थमी हुई है। माना जा रहा है कि नए वित्तीय वर्ष में अप्रैल से कार्य में तेजी आती। इसी बीच शुक्रवार को एक बार फिर कटरा बाजार चर्चा में आ गया।
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वहां के ब्लॉक प्रमुख भवानी प्रसाद व जिला पंचायत सदस्य भवानी भीख शुक्ल ने इस्तीफे की पेशकश की और इस्तीफे में कर्तव्यों का पालन न कर पाने का कारण बताते हुए इस्तीफा जिला पंचायत अध्यक्ष के कार्यालय में सौंपा। इसके बाद तो पंचायत प्रतिनिधियों में इस्तीफा देने की होड़ मच गई और दोपहर तक 20 से अधिक प्रधानों ने अपना इस्तीफा दे दिया। अनुमान जताया जा रहा है कि अभी 10 और ग्राम प्रधान इस्तीफा दे देंगे। पंचायत प्रतिनिधियों के इस कदम से खलबली मच गई है, सियासी खेमे के साथ ही अधिकारियों के बीच में चर्चा जोर पकड़ रही है।
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सीडीओ के ब्लाक में पहुंचने पर मचा बवाल, प्रतिनिधि खफा
इस्तीफा देने वाले पंचायत प्रतिनिधियों ने भले ही अपने इस्तीफे में सीडीओ पर कोई आरोप नहीं मढ़ा है, लेकिन उनके भीतर गुस्सा दिख रहा है। विवाद गुरुवार की देर शाम सीडीओ शशांक त्रिपाठी अचानक ब्लॉक कटरा बाजार के परिसर में पहुंच गए और वहां एक कमरे का ताला खुलवाकर कुछ अभिलेख देखे। यही बात ब्लॉक प्रमुख को नागवार गुजरी। लोग बताते हैं कि सीडीओ के कदम की बात रात में पूरे क्षेत्र में फैल गई। सुबह जिला पंचायत सदस्य व भाजपा जिला कार्य समिति के सदस्य भवानी भीख शुक्ल ने जानकारी की। वह बोले तो कुछ नही लेकिन उन्होंने जिला पंचायत सदस्य के पद से इस्तीफा दे दिया। इसके साथ ही ब्लॉक प्रमुख और प्रधानों ने भी इस्तीफा दे दिया। विवाद के बारे में सीडीओ शशांक त्रिपाठी से जानकारी की गई तो उन्होंने बताया कि वह सामान्य रूप से ब्लॉक गए थे। वह देख रहे थे कि ब्लॉक परिसर की व्यवस्था कैसी है। साफ-सफाई के साथ ही मार्च होने से विकास कार्यों को तेज करने की जानकारी कर रहे थे। इसमें किसी को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए थी। ब्लॉक में किसी पंचायत प्रतिनिधि से उनकी कोई मुलाकात भी नहीं हुई, ऐसे में विवाद की कोई बात ही नहीं है।
एक साथ इस्तीफे से दिखी पंचायत प्रतिनिधियों की एकता
कटरा बाजार ब्लाक में सम्मान के लिए इस्तीफा देकर पंचायत प्रतिनिधियों ने एकता दिखाई। भाजपा कार्य समिति सदस्य व जिला पंचायत सदस्य जमथरा भवानी भीख शुक्ल के साथ ब्लाक प्रमुख भवानी प्रसाद के साथ ही 20 प्रधानों ने इस्तीफा दिया। इस्तीफा देने वालों में बौनापुर की प्रधान जुगरानी शुक्ला, महापारा की प्रधान बिट्टू देवी, विरवा के केशरी प्रसाद, सेहरिया कला के अशोक सिंह, पैडीबरा की प्रभावती, नकहा की पार्वती देवी, कटुआ नाला की जहूरा बेगम, टेढ़ी की प्रधान पार्वती देवी, झौनहा के राम तीरथ, छप्परतल्ला के विश्वनाथ सिंह, नदावा की नीलम तिवारी, लक्ष्मनपुर की छोटका, जगदीशपुर बल्दी के सहनाज, परसिया रानी के राम नरायन, बसभरिया के राघवेन्द्र, भैंसहा के नन्द किशोर चौबे, भरथा इटहिया की सुमन देवी, जगतापुर की कृष्णावती, तिलका की मंजू मिश्रा, चुर्रामुर्रा के डॉ. चन्द्र शेखर पांडे ने प्रधान पद से इस्तीफा दिया है।
इस्तीफा देने वालों में भाजपा से जुड़े अधिकतर प्रतिनिधि
अफसरों की अनदेखी और परेशान करने से आहत होकर इस्तीफा देने वाले पंचायत प्रतिनिधियों में अधिकतर सत्ताधारी दल भाजपा से जुड़े हैं। जिला पंचायत सदस्य भवानी भीख शुक्ला तो पार्टी की जिला कार्य समिति के सदस्य हैं। इसके अलावा कटरा बाजार विधायक बावन सिंह के काफी करीबी हैं। यही नहीं कैसरगंज संसदीय सीट के सांसद बृजभूषण शरण सिंह के भी करीबी हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात तो यह है कि कटरा बाजार क्षेत्र के निवासी भाजपा के जिलाध्यक्ष सूर्य नरायन त्रिपाठी भी हैं। इसके बाद भी पंचायत प्रतिनिधियों को अफसरों से परेशानी होना चौंकाने वाला है।
दो दिन पहले सपा के पूर्व विधायक बैजनाथ दूबे ने की थी जांच की मांग
दो दिन पहले ही सपा के पूर्व विधायक बैजनाथ दूबे ने कटरा बाजार ब्लॉक को घेरते हुए जांच की मांग का ज्ञापन प्रशासन को सौंपा था। आरोप लगाया था कि मनरेगा आदि कार्यों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हो रही है। सीबीआई जांच की मांग की थी। दो दिन बाद ही कटरा के पंचायत प्रतिनिधियों का कदम उठाना खासा चर्चा में हैं।
कटरा बाजार के पंचायत प्रतिनिधियों के इस्तीफों में अभी कोई विचार संभव नहीं है। अध्यक्ष जिला पंचायत बाहर हैं। उनके आने के बाद इस्तीफों पर विचार होगा। पंचायत प्रतिनिधियों की समस्या भी जानी जाएगी। -नान बच्चा पांडे, प्रतिनिधि अध्यक्ष जिला पंचायत
कटरा बाजार के पंचायत प्रतिनिधियों के इस्तीफे की जानकारी हुई है, मैं तो ब्लॉक में रुटीन कार्य के तहत गया था। विकास कार्य की जानकारी करने के साथ ही कोरोना से बचाव को लेकर जानकारी कर रहा था। किसी से न तो कोई बात हुई है और न ही ऐसी कोई कार्रवाई की है कि जिससे किसी को कष्ट हो। -शशांक त्रिपाठी, सीडीओ