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सीएम ऑफिस पहुुंचा गर्भस्थ शिशु के मौत का मामला, डॉक्टर से पूछताछ
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फोटो-11 गोंडा के अमर उजाला में शुक्रवार के अंक में प्रकाशित खबर। -संवाद
- फोटो : GONDA
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गोंडा। मूक बधिर गर्भवती को सही समय पर इलाज नहीं मिलने से उसके गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई थी। अमर उजाला में यह खबर प्रकाशित होने के बाद मामला गरमा गया है। परिजनों ने अमर उजाला की खबर के साथ मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को टैग शिकायत की। इस पूरे प्रकरण को संज्ञान लेकर मुख्यमंत्री के कार्यालय से पूछताछ की गई। सीएमएस डॉ. सुषमा सिंह व डॉ. सुवर्णा कुमार को फोन करके पूरे मामले की जानकारी ली गई। जिलाधिकारी और सीएमएस की ओर से टीम गठित कर जांच कराने की बात कही जा रही है।
जिला महिला अस्पताल में बीते गुरुवार को प्रसव कराने आई मूक बधिर महिला के परिजनों ने आरोप लगाया था कि गर्भवती पूजा मिश्रा को इलाज न मिल पाने और अस्पताल कर्मियों की लापरवाही के चलते समय से इलाज नहीं मिल पाया। जिससे गर्भस्थ शिशु की मौत हो गयी। मामले को अमर उजाला में एक अप्रैल के अंक में ‘मूक बधिर को नहीं मिला इलाज, गर्भस्थ शिशु की मौत’ शीर्षक के साथ प्रमुखता से प्रकाशित किया गया। शुक्रवार को पीड़िता के परिजन विजय शुक्ला ने अमर उजाला की कटिंग के साथ मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को ट्विट कर शिकायत दर्ज कराई।
जिला महिला अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुषमा सिंह ने बताया कि उनके पास मुख्यमंत्री कार्यालय से फोन कर पूरे प्रकरण की जानकारी ली गई। वरिष्ठ महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. सुवर्णा कुमार के पास भी मामले की जानकारी जुटाने के लिए सीएम कार्यालय से फोन आया। दूसरी ओर प्रकरण में जिलाधिकारी डॉ. उज्ज्वल कुमार ने जांच के लिए टीम गठित किया। सीएमएस डॉ. सुषमा सिंह ने बताया कि उनके स्तर से भी तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की गई। जिसमें डॉ. सुषमा सिन्हा, डॉ. शालू महेेश तथा डॉ. यूसूफ मोबिन किदवई शामिल हैं।
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जिला महिला अस्पताल में बीते गुरुवार को प्रसव कराने आई मूक बधिर महिला के परिजनों ने आरोप लगाया था कि गर्भवती पूजा मिश्रा को इलाज न मिल पाने और अस्पताल कर्मियों की लापरवाही के चलते समय से इलाज नहीं मिल पाया। जिससे गर्भस्थ शिशु की मौत हो गयी। मामले को अमर उजाला में एक अप्रैल के अंक में ‘मूक बधिर को नहीं मिला इलाज, गर्भस्थ शिशु की मौत’ शीर्षक के साथ प्रमुखता से प्रकाशित किया गया। शुक्रवार को पीड़िता के परिजन विजय शुक्ला ने अमर उजाला की कटिंग के साथ मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को ट्विट कर शिकायत दर्ज कराई।
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जिला महिला अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुषमा सिंह ने बताया कि उनके पास मुख्यमंत्री कार्यालय से फोन कर पूरे प्रकरण की जानकारी ली गई। वरिष्ठ महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. सुवर्णा कुमार के पास भी मामले की जानकारी जुटाने के लिए सीएम कार्यालय से फोन आया। दूसरी ओर प्रकरण में जिलाधिकारी डॉ. उज्ज्वल कुमार ने जांच के लिए टीम गठित किया। सीएमएस डॉ. सुषमा सिंह ने बताया कि उनके स्तर से भी तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की गई। जिसमें डॉ. सुषमा सिन्हा, डॉ. शालू महेेश तथा डॉ. यूसूफ मोबिन किदवई शामिल हैं।
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