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Gonda News: रामजानकी मंदिर की भूमि का निजी पक्ष में कर दिया दाखिल खारिज
Wed, 03 Jan 2024 11:31 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 03 Jan 2024 11:31 PM IST
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गोंडा। देवीपाटन मंडल कमिश्नर ने श्रावस्ती के तहसील जमुनहा तहसील में रामजानकी मंंदिर भूमि को निजी कब्जे में दाखिल खारिज मामले को गंभीरता से लिया है।
साथ ही आदेश पारित करने वाले तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है। वहीं डीएम श्रावस्ती को विधिक परीक्षण कराकर विधि अनुरूप दोबारा आदेश पारित करने के निर्देश दिए हैं।
देवीपाटन मंडल कमिश्नर योगेश्वरराम मिश्र ने तत्कालीन तहसीलदार जमुनहा एवं वर्तमान उपजिलाधिकारी श्रावस्ती अहमद फरीद खान के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के लिए शासन को पत्र लिखा है।
मंडलायुक्त ने बताया कि वर्तमान उप जिलाधिकारी ने तहसीलदार रहते हुए राम जानकी मंदिर की भूमि को निजी पक्ष में कर दिया। उप जिलाधिकारी की ओर से नामांतरण आदेश (दाखिल खारिज) पारित करते समय पत्रावली में उपलब्ध अभिलेख एवं साक्ष्यों का विधिवत परीक्षण नहीं किया।
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बावजूद इसके आदेश पारित किया है। इसे देवीपाटन मंडल कमिश्नर ने कमिश्नर लिया है। वहीं प्रमुख सचिव नियुक्ति उत्तर प्रदेश शासन को कड़ी कार्रवाई के लिए संस्तुति की है।
वहीं श्रावस्ती के जिलाधिकारी को संबंधित प्रकरण में विधिक रूप से परीक्षण कराकर विधि संगत आदेश पारित करने का निर्देश दिए हैं।
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साथ ही आदेश पारित करने वाले तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है। वहीं डीएम श्रावस्ती को विधिक परीक्षण कराकर विधि अनुरूप दोबारा आदेश पारित करने के निर्देश दिए हैं।
देवीपाटन मंडल कमिश्नर योगेश्वरराम मिश्र ने तत्कालीन तहसीलदार जमुनहा एवं वर्तमान उपजिलाधिकारी श्रावस्ती अहमद फरीद खान के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के लिए शासन को पत्र लिखा है।
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मंडलायुक्त ने बताया कि वर्तमान उप जिलाधिकारी ने तहसीलदार रहते हुए राम जानकी मंदिर की भूमि को निजी पक्ष में कर दिया। उप जिलाधिकारी की ओर से नामांतरण आदेश (दाखिल खारिज) पारित करते समय पत्रावली में उपलब्ध अभिलेख एवं साक्ष्यों का विधिवत परीक्षण नहीं किया।
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बावजूद इसके आदेश पारित किया है। इसे देवीपाटन मंडल कमिश्नर ने कमिश्नर लिया है। वहीं प्रमुख सचिव नियुक्ति उत्तर प्रदेश शासन को कड़ी कार्रवाई के लिए संस्तुति की है।
वहीं श्रावस्ती के जिलाधिकारी को संबंधित प्रकरण में विधिक रूप से परीक्षण कराकर विधि संगत आदेश पारित करने का निर्देश दिए हैं।