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प्रतीक ने रोशन किया जिले का नाम
अमर उजाला ब्यूरो/बलरामपुर
Updated Wed, 11 May 2016 11:40 PM IST
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प्रतीक
- फोटो : अमर उजाला
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सिविल सेेवा परीक्षा में चयनित होकर प्रतीक श्रीवास्तव ने जिले का नाम रोशन किया है। सिविल सेवा परीक्षा में उन्हें 385वीं रैंक हासिल हुई है। जिले के गौरा गांव के रहने वाले प्रतीक के सिविल सेवा में चयनित होने पर परिवारीजनों, रिश्तेदारों व मित्रों ने खुशी व्यक्त की है।
प्रतीक श्रीवास्तव ने बुधवार को बताया कि मित्र अमित ने फोन से जैसे ही सिविल सेवा में चयनित होने की सूचना दी उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। परिवार के लोग भी खुशी से झूम उठे। प्रतीक ने वर्ष 1991-93 तक बलरामपुर माडर्न इंटर कॉलेज में शिक्षा ग्रहण की। इसके बाद लखनऊ में रहकर पढ़ाई पूरी की। जयपुरिया कॉलेज से प्रतीक ने हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की पढ़ाई की। इसके बाद आईआईटी कानपुर से बीटेक किया।
पहली बार सिविल सेवा की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण की लेकिन मुख्य परीक्षा में सेलेक्ट नहीं हो सके। प्रतीक ने 25 वर्ष की उम्र में दूसरे प्रयास में सिविल सेवा की परीक्षा उत्तीर्ण की। उन्होंने कड़ी मेहनत को सफलता का मूलमंत्र बताया।
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इनके पिता सुरेश कुमार श्रीवास्तव आवास विकास परिषद लखनऊ में अकाउंटेंट व मां अनीता श्रीवास्तव जयपुरिया कॉलेज में शिक्षिका हैं जबकि भाई प्रखर पढ़ाई कर रहा है। बलरामपुर जनपद के गौरा गांव के मूल निवासी प्रतीक की सफलता पर परिवार के सतीश, महेश, आदर्श, आशीष, रजनी, प्रियंका आदि ने खुशी जताई है।
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प्रतीक श्रीवास्तव ने बुधवार को बताया कि मित्र अमित ने फोन से जैसे ही सिविल सेवा में चयनित होने की सूचना दी उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। परिवार के लोग भी खुशी से झूम उठे। प्रतीक ने वर्ष 1991-93 तक बलरामपुर माडर्न इंटर कॉलेज में शिक्षा ग्रहण की। इसके बाद लखनऊ में रहकर पढ़ाई पूरी की। जयपुरिया कॉलेज से प्रतीक ने हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की पढ़ाई की। इसके बाद आईआईटी कानपुर से बीटेक किया।
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पहली बार सिविल सेवा की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण की लेकिन मुख्य परीक्षा में सेलेक्ट नहीं हो सके। प्रतीक ने 25 वर्ष की उम्र में दूसरे प्रयास में सिविल सेवा की परीक्षा उत्तीर्ण की। उन्होंने कड़ी मेहनत को सफलता का मूलमंत्र बताया।
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इनके पिता सुरेश कुमार श्रीवास्तव आवास विकास परिषद लखनऊ में अकाउंटेंट व मां अनीता श्रीवास्तव जयपुरिया कॉलेज में शिक्षिका हैं जबकि भाई प्रखर पढ़ाई कर रहा है। बलरामपुर जनपद के गौरा गांव के मूल निवासी प्रतीक की सफलता पर परिवार के सतीश, महेश, आदर्श, आशीष, रजनी, प्रियंका आदि ने खुशी जताई है।