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दोपहर तक चला प्रदर्शन, फिर मिली राहत
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फोटो-7 गोंडा के सीएमओ कार्यालय में प्रदर्शन करते कर्मी। -संवाद
- फोटो : GONDA
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गोंडा। बुधवार की दोपहर तक धरना प्रदर्शन करने के बाद संविदा कर्मियों को राहत भरी खबर मिली। करीब 150 कर्मियों के नौकरी को एक माह की संजीवनी और मिल गई, लेकिन कर्मियों के मन में पांच माह से मानदेय न मिलने का मलाल है।
बुधवार की सुबह दूसरे दिन भी सेवा विस्तार को लेकर कर्मियों का प्रदर्शन चलता रहा। सुबह सभी कर्मियों ने इकट्ठा होकर सीएमओ का घेराव कर सेवा विस्तार किए जाने की मांग की। फिर वहीं कार्यालय पर प्रदर्शन करते हुए धरने पर बैठ गए। कर्मियों के आंदोलन के चलते पर्चा काउंटर पर मरीजों की कोरोना जांच, दवा वितरण तथा टीकाकरण प्रभावित रहा। दोपहर बाद करीब दो बजे सीएमओ ने इन कर्मियों को बताया कि मिशन निदेशक ने उनकी सेवा एक माह की बढ़ा दी है।
मिशन निदेशक अपर्णा उपाध्याय ने जिलाधिकारी व सीएमओ को पत्र लिखकर कर्मियों की सेवा एक माह तक बढ़ाने का निर्देश दिया। इन कर्मियों से 30 मई जून तक सेवा ली जाएगी। यह सेवा विस्तार सिर्फ उन कर्मियों पर लागू होगा जिनका हस्ताक्षर 31 मार्च तक रजिस्टर्ड है।
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बकाया मानदेय दिलाने की मांग
संविदा कर्मियों के सेवा को एक माह की संजीवनी तो मिल गई लेकिन पांच माह का बकाया मानदेय की कोई खबर नहीं है। स्टाफ नर्स चंदन मिश्र ने बताया कि उन्हें पिछले पांच महीने से मानदेय नहीं मिला है। कई बार उच्च अधिकारियों से मांग की गई लेकिन कोई सुध लेने वाला नहीं है। कोरोना संक्रमण के समय से लेकर अब तक मरीजों की सेवा करने वाले कर्मियों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है।
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बुधवार की सुबह दूसरे दिन भी सेवा विस्तार को लेकर कर्मियों का प्रदर्शन चलता रहा। सुबह सभी कर्मियों ने इकट्ठा होकर सीएमओ का घेराव कर सेवा विस्तार किए जाने की मांग की। फिर वहीं कार्यालय पर प्रदर्शन करते हुए धरने पर बैठ गए। कर्मियों के आंदोलन के चलते पर्चा काउंटर पर मरीजों की कोरोना जांच, दवा वितरण तथा टीकाकरण प्रभावित रहा। दोपहर बाद करीब दो बजे सीएमओ ने इन कर्मियों को बताया कि मिशन निदेशक ने उनकी सेवा एक माह की बढ़ा दी है।
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मिशन निदेशक अपर्णा उपाध्याय ने जिलाधिकारी व सीएमओ को पत्र लिखकर कर्मियों की सेवा एक माह तक बढ़ाने का निर्देश दिया। इन कर्मियों से 30 मई जून तक सेवा ली जाएगी। यह सेवा विस्तार सिर्फ उन कर्मियों पर लागू होगा जिनका हस्ताक्षर 31 मार्च तक रजिस्टर्ड है।
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बकाया मानदेय दिलाने की मांग
संविदा कर्मियों के सेवा को एक माह की संजीवनी तो मिल गई लेकिन पांच माह का बकाया मानदेय की कोई खबर नहीं है। स्टाफ नर्स चंदन मिश्र ने बताया कि उन्हें पिछले पांच महीने से मानदेय नहीं मिला है। कई बार उच्च अधिकारियों से मांग की गई लेकिन कोई सुध लेने वाला नहीं है। कोरोना संक्रमण के समय से लेकर अब तक मरीजों की सेवा करने वाले कर्मियों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है।