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Gonda News: काव्य गोष्ठी कवियों ने बांधा समां
Tue, 06 Jun 2023 11:43 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 06 Jun 2023 11:43 PM IST
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गोंडा। करनैलगंज नगर के मोहल्ला कसगरान में हाजी मलिक के आवास पर मंगलवार को साहित्यिक संस्था बज्मे शामे गजल की काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता हाजी शब्बीर शबनम व संचालन याकूब सिद्दीकी ने किया। महामंत्री मुजीब सिद्दीकी ने साहित्य और समाज पर विचार व्यक्त किए।
शायर शब्बीर अहमद शबनम ने कहा- काम तो सब ही निपट जाते हैं रोते गाते, मगर काम मुश्किल है बेटी को रुखसत करना...। मुबीन मंसूरी ने जोर देकर कहा- काम हर हाल में आएगा मोहब्बत करना, फायदा दे नहीं सकता कभी नफरत करना...। वीरेंद्र विक्रम तिवारी बेतुक ने कहा- वरना उठ जाएगी दीवार हंसेंगे दुश्मन, सब्र करना न कभी घर में बगावत करना। कौसर सलमानी ने कहा- उसको आईना दिखाने की जरूरत क्या है, जिसकी फितरत में हो आइनों से नफरत करना...। अजय कुमार श्रीवास्तव ने जोशीले अंदाज में शायरी कही- नेक कामों की तरफ खुद ब खुद आ जाओगे, अपने मजहब की किताबों की तिलावत करना...।
साथ ही गणेश तिवारी नेश, डॉ. असलम हाशमी, हाजी नियाज अहमद, शब्बीर शाद, कारी मासूम रजा, सगीर सिद्दीकी, मुजीब सिद्दीकी, ताज मुहम्मद कुर्बान, अंजुमन वार्सी, उत्तम कुमार शोला, यासीन अंसारी, सलीम बेदिल और निजामुद्दीन शम्स ने कलाम पेश किया। इस मौके पर राशिद सिद्दीकी, हाजी जहीर वारसी, अब्दुल कयूम सिद्दीकी हरीश शुक्ल, सोनू श्रीवास्तव, अशरफ, कारी मासूम रजा आदि मौजूद रहे।
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शायर शब्बीर अहमद शबनम ने कहा- काम तो सब ही निपट जाते हैं रोते गाते, मगर काम मुश्किल है बेटी को रुखसत करना...। मुबीन मंसूरी ने जोर देकर कहा- काम हर हाल में आएगा मोहब्बत करना, फायदा दे नहीं सकता कभी नफरत करना...। वीरेंद्र विक्रम तिवारी बेतुक ने कहा- वरना उठ जाएगी दीवार हंसेंगे दुश्मन, सब्र करना न कभी घर में बगावत करना। कौसर सलमानी ने कहा- उसको आईना दिखाने की जरूरत क्या है, जिसकी फितरत में हो आइनों से नफरत करना...। अजय कुमार श्रीवास्तव ने जोशीले अंदाज में शायरी कही- नेक कामों की तरफ खुद ब खुद आ जाओगे, अपने मजहब की किताबों की तिलावत करना...।
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साथ ही गणेश तिवारी नेश, डॉ. असलम हाशमी, हाजी नियाज अहमद, शब्बीर शाद, कारी मासूम रजा, सगीर सिद्दीकी, मुजीब सिद्दीकी, ताज मुहम्मद कुर्बान, अंजुमन वार्सी, उत्तम कुमार शोला, यासीन अंसारी, सलीम बेदिल और निजामुद्दीन शम्स ने कलाम पेश किया। इस मौके पर राशिद सिद्दीकी, हाजी जहीर वारसी, अब्दुल कयूम सिद्दीकी हरीश शुक्ल, सोनू श्रीवास्तव, अशरफ, कारी मासूम रजा आदि मौजूद रहे।
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