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गांव की ओर मुड़े तो कलम कदम के साथ चल पड़ी भाषा

Tue, 21 Dec 2021 11:06 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 21 Dec 2021 11:06 PM IST
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poet
गोंडा में महाकवि ऋषि राम तिवारी (फाइल फोटो) - फोटो : GONDA
कटरा बाजार/दुबहाबाजार (गोंडा)। 60 सालों से साहित्य साधना में रत कवि ऋषिराम तिवारी सरल का मंगलवार को महाप्रयाण हो गया। हाईस्कूल तक पढ़ाई पूरी कर सरल जी ने अध्यापन के साथ साहित्य रचना में अपना पूरा जीवन व्यतीत किया। वह 86 वर्ष के थे। अंतिम पड़ाव पर भी वह साहित्य साधना में रत रहे।
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जिले के कटरा बाजार ब्लाक क्षेत्र के पूरेबदल ग्राम पंचायत के तिवारीपुरवा गांव में पंडित ऋषिराम तिवारी सरल का जन्म 1936 में एक साधारण परिवार में हुआ था। फखरुद्दीन अली अहमद राजकीय इंटर कालेज से हाईस्कूल तक की शिक्षा ग्रहण की। इसके बाद वह गांव की ओर मुड़े तो कलम और कदम को एक साथ बढ़ाते हुए अध्यापन के कार्य के साथ साहित्य साधना में लीन हो गए। उनके तीन पुत्रों में बड़े पुत्र पदुमनाथ तिवारी का अभी कुछ माह पहले ही निधन हो गया था। इसके बावजूद वह एक संत की भांति साहित्य साधना से विरत नहीं हुए।
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गांव की सोंधी माटी में बरगद पेड़ के नीचे पिछले 60 सालों से स्वांत: सुखाय के लिए लेखन करते रहे। सरल जी को आधुनिक युग का तुलसी भी कहा जाता है। सरल जी की पहली रचना 1960 में सुमनमाल के रूप में आई। 1961 में अपराजिता लिखी, 1963 में अर्जुन-हनुमान युद्ध तथा 1965 में फिर से शंभू रचित बियाह शीर्षक से खंड काव्य की रचना की। 1968 में सरस सत्सई मुक्तक, 1970 में पाषाण पुरुष, 1975 में राजमणि, 1994 में लव कुश गाथा, 1998 में उत्तरायण का सूर्य, 2001 में काव्य देवता, 2004 में ज्ञान गोविंद, 2006 में श्रीमद्भागवत सारामृत तथा 2010 में बुध शरणम गच्छामि जैसी अमर रचनाओं को समाज के सामने रखा। सरल जी ने रामायण ग्रंथ को अपनी सरल रामकथा के रूप में परिमार्जित किया। इसमें सात खंड लिखे। सरल जी ने कुल 22 रचनाएं लिखीं।
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सुमन माल, विविध रचनाएं, राजमणि, मध्यकालीन इतिहास, राम कथा, उत्तरायण का सूर्य, काव्यदेवता, तुलसी चरित्र, महाभारत मंथना, भीष्म चरित, श्रीमद्भागवत (सारामृत), श्रीमद्भागवत गीता (ज्ञान गोविंद), जय हनुमान, युद्ध चरित्र पर आप दीपो भवरू, गौरव गान, सरल भजनावली, मगहर का मसीहा (कबीर चरित्र), फिर से शंभू रचाया ब्याह, अर्जुन हनुमान युद्ध (खंड काव्य), सरल सत्सई आदि ग्रंथ लिखे हैं। उन्होंने दो उपन्यास भी लिखे हैं। उनके निधन की खबर सुनकर भारतीय इंटर कालेज के पूर्व प्रधानाचार्य सूर्य प्रकाश तिवारी, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सूर्य नरायन तिवारी, भाजपा जिला उपाध्यक्ष अर्जुन प्रसाद तिवारी, ब्लॉक प्रमुख भवानी भीख शुक्ल, भाजपा नेता विनोद कुमार शुक्ल सहित हजारों लोग उनके अंतिम दर्शन हो गांव पहुंचे।
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