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गजलें सुन लोग मंत्रमुग्ध
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 12 Feb 2016 11:49 PM IST
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गोंडा महोत्सव पूरे परवान पर है। शुक्रवार को विभिन्न आयोजन तो हुए ही, लेकिन गुरुवार की रात डॉ. हरिओम की शाम-ए-गजल की महफिल ने लोगों को गुनगुनाने पर विवश कर दिया। डॉ. हरिओम (आईएएस) खेल निदेशक की गजलों का दौर चला तो हर जुबां गुनगुनाता नजर आया। उन्होंने ‘मैं रोया परदेश में, भूला मां का प्यार’, मुस्कुराती हुई सुबह हो तुम’ सुनाकर समां बांध दिया।
खचाखच भरे पंडाल में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रद्धा सिंह, सूरज सिंह सहित अन्य अधिकारी भी गजल गुनगुनाते नजर आए। उन्होंने अपने एलबम रोशनी के पंख से ‘मेरी आंखों में आरजू तेरी’, ‘मैं तेरे प्यार का मारा हुआ हूं’, पब्लिक की डिमांड पर पुराने दौर के गीत भी गाए और लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
‘चौदहवीं का चांद हो या आफताब हो’ मेरी जोहराजबी, तूझे मालूम नहीं आदि गीत प्रस्तुत किए। इसके बाद जनता की डिमांड पर उन्होंने शराब मयखाना शादी बरबादी को जोड़ते हुए ‘पत्ती-पत्ती गुलाब हो जाये, हर कली मस्त ख्वाब हो जाये’, ‘महफिल-महफिल मयखाने की बात चली’, ‘तुमको देखा जहां-जहां हमने, किये सजदे वहां-वहां हमने’, ‘जिंदगी में तो सभी प्यार किया करते हैं’ प्रस्तुत कर खूब वाहवाही बटोरी।
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उनके साथ गजल प्रस्तुति के दौरान तबले पर इब्राहीम, गिटार पर राकेश आर्या, की बोर्ड पर मयंक, आक्टोपैड पर विशाल ने चार चांद लगाए। इसके पहले लोक नृत्य फिर भोजपुरी गायक गगनदीप सिंह ने संगीत का समां बांधा, उस पर लोग थिरकने को मजबूर हो गए।
जिले के ही चेतपुर निवासी गगनदीप के गीत ‘सोने कै महलवा’, ‘गोण्डा जिलवा भइया यूपी कै सम्मान बाटी, आन बान शान बाटी हो’, ‘आज काल कै नार छबीली, कैसेन नाच नचावत थी’ प्रस्तुत किया।
इसके बाद उन्होंने मंच से भोजपुरी गायक बालेश्वर की रचना ‘नाच वालों का थोड़ा भरोसा करो, दल बदलू कै कौनो भरोसा नही’ प्रस्तुत किया।
इस गीत के बाद उन्होंने शहीद हनुमंथप्पा को मंच से श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए नमन किया और पाकिस्तान को चेताते हुए एक देशभक्ति गीत ‘हमरे देश का बच्चा-बच्चा आईटम बम से खेला है, दो चार बम जब तुमने फेंका हम समझा कोई ढेला है’ प्रस्तुत किया, जिसकी उपस्थित लोगों ने खूब सराहना की।
गगनदीप की प्रस्तुति के बाद शास्त्रीय संगीत का दौर चला जिसमें प्रज्ञा पाठक ने ‘श्री राधे रानी अकेले मत जईयो जमुना के तीर‘, ‘रंगी सारी गुलाबी चुनरिया रे, मोहे मारे नजरिया सांवरिया’, अंखिया में मेरे कड़की गड़े’ प्रस्तुत किया। फिर उत्तराखंड के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी। भोजपुरी गायक अविनाश मधुर ने भी अपनी भोजपुरी गायिकी से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
गोंडा महोत्सव में दोपहर को रस्साकसी प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें पहली टीम पुलिस व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के बीच मुकाबला हुआ। इसमें पुलिस टीम विजयी रही।
दूसरी प्रतियोगिता राजस्व टीम व पिंट मीडिया के बीच हुई। इसमें प्रिंट मीडिया ने बाजी मारी। रस्साकसी प्रतियोगिता के दौरान सैकड़ों लोगों ने उपस्थित रहकर आनंद लिया। इस प्रतियोगिता का उद्घाटन डीएम अजय कुमार उपाध्याय ने किया।
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खचाखच भरे पंडाल में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रद्धा सिंह, सूरज सिंह सहित अन्य अधिकारी भी गजल गुनगुनाते नजर आए। उन्होंने अपने एलबम रोशनी के पंख से ‘मेरी आंखों में आरजू तेरी’, ‘मैं तेरे प्यार का मारा हुआ हूं’, पब्लिक की डिमांड पर पुराने दौर के गीत भी गाए और लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
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‘चौदहवीं का चांद हो या आफताब हो’ मेरी जोहराजबी, तूझे मालूम नहीं आदि गीत प्रस्तुत किए। इसके बाद जनता की डिमांड पर उन्होंने शराब मयखाना शादी बरबादी को जोड़ते हुए ‘पत्ती-पत्ती गुलाब हो जाये, हर कली मस्त ख्वाब हो जाये’, ‘महफिल-महफिल मयखाने की बात चली’, ‘तुमको देखा जहां-जहां हमने, किये सजदे वहां-वहां हमने’, ‘जिंदगी में तो सभी प्यार किया करते हैं’ प्रस्तुत कर खूब वाहवाही बटोरी।
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उनके साथ गजल प्रस्तुति के दौरान तबले पर इब्राहीम, गिटार पर राकेश आर्या, की बोर्ड पर मयंक, आक्टोपैड पर विशाल ने चार चांद लगाए। इसके पहले लोक नृत्य फिर भोजपुरी गायक गगनदीप सिंह ने संगीत का समां बांधा, उस पर लोग थिरकने को मजबूर हो गए।
जिले के ही चेतपुर निवासी गगनदीप के गीत ‘सोने कै महलवा’, ‘गोण्डा जिलवा भइया यूपी कै सम्मान बाटी, आन बान शान बाटी हो’, ‘आज काल कै नार छबीली, कैसेन नाच नचावत थी’ प्रस्तुत किया।
इसके बाद उन्होंने मंच से भोजपुरी गायक बालेश्वर की रचना ‘नाच वालों का थोड़ा भरोसा करो, दल बदलू कै कौनो भरोसा नही’ प्रस्तुत किया।
इस गीत के बाद उन्होंने शहीद हनुमंथप्पा को मंच से श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए नमन किया और पाकिस्तान को चेताते हुए एक देशभक्ति गीत ‘हमरे देश का बच्चा-बच्चा आईटम बम से खेला है, दो चार बम जब तुमने फेंका हम समझा कोई ढेला है’ प्रस्तुत किया, जिसकी उपस्थित लोगों ने खूब सराहना की।
गगनदीप की प्रस्तुति के बाद शास्त्रीय संगीत का दौर चला जिसमें प्रज्ञा पाठक ने ‘श्री राधे रानी अकेले मत जईयो जमुना के तीर‘, ‘रंगी सारी गुलाबी चुनरिया रे, मोहे मारे नजरिया सांवरिया’, अंखिया में मेरे कड़की गड़े’ प्रस्तुत किया। फिर उत्तराखंड के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी। भोजपुरी गायक अविनाश मधुर ने भी अपनी भोजपुरी गायिकी से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
गोंडा महोत्सव में दोपहर को रस्साकसी प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें पहली टीम पुलिस व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के बीच मुकाबला हुआ। इसमें पुलिस टीम विजयी रही।
दूसरी प्रतियोगिता राजस्व टीम व पिंट मीडिया के बीच हुई। इसमें प्रिंट मीडिया ने बाजी मारी। रस्साकसी प्रतियोगिता के दौरान सैकड़ों लोगों ने उपस्थित रहकर आनंद लिया। इस प्रतियोगिता का उद्घाटन डीएम अजय कुमार उपाध्याय ने किया।