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डेढ़ करोड़ के टेंडर का चोरी-छिपे कराया प्रकाशन
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 05 Nov 2015 12:10 AM IST
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बुधवार को कलेक्ट्रेट में जब डेढ़ करोड़ के टेंडर डाले जा रहे थे तो इसकी भनक सभासदों को लग गई। जिन्होंने तत्काल मामले में आयुक्त कार्यालय जाकर इसकी शिकायत दर्ज कराई। सभासदों का आरोप है कि इस तरह चोरी-छिपे टेंडर निकालकर पालिका प्रशासन करोड़ों रुपये के घपले की नींव तैयार कर रहा है।
मामला नगरीय क्षेत्र में तकरीबन डेढ़ करोड़ रुपये से होने वाले विकास कार्यों से जुड़ा है। बताया जाता है कि पिछले महीने नगर पालिका की ओर से लखनऊ से प्रकाशित एक स्थानीय अखबार में शहर में होने वाले 31 विकास कार्यों को कराने के लिए टेंडर प्रकाशित करवाया गया, जिसकी भनक तक स्थानीय ठेकेदारों को नहीं लगी।
बुधवार को कलेक्ट्रेट में जब इसके टेंडर डाले जा रहे थे तो इसकी जानकारी सभासदों को हो गई। उन्होंने पहले पूरा मामला पता किया और इसके बाद चोरी-छिपे टेंडर प्रकाशित करवाकर इसका काम अपने चहेतों को दिए जाने की शिकायत आयुक्त से की।
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सभासद वेद प्रकाश शुक्ल उर्फ बासु, शांति देवी चौरसिया, धर्मेंद्र कश्यप, अनिल तिवारी, सैय्यद मसऊद अली, हाजी शुएबुद्दीन व रईसा का आरोप है कि नपाप प्रशासन के जिम्मेदार चोरी-छिपे टेंडर का प्रकाशन कराकर डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से होने वाले 31 कामों का ठेका चहेतों को देना चाहते थे।
इसके लिए उन्होंने पहले इसकी पृष्ठभूमि तैयार की। इसके बाद इसका प्रकाशन लखनऊ से प्रकाशित एक ऐसे अखबार में कराया, जिसमें प्रकाशित टेंडरों की सूचना की उन्हें भनक तक नहीं लगी। बुधवार को कलेक्ट्रेट में चोरी-छिपे टेंडर डाले जा रहे थे।
सभासदों का आरोप है कि नपाप के जिम्मेदार लोग ऐसा करके करोड़ों रुपये का गोलमाल करना चाहते हैं। जब इस मामले में नपाप के अधिशासी अधिकारी बलवीर सिंह यादव से बात करने की कोशिश की गई तो उनका मोबाइल स्विचडऑफ मिला।
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मामला नगरीय क्षेत्र में तकरीबन डेढ़ करोड़ रुपये से होने वाले विकास कार्यों से जुड़ा है। बताया जाता है कि पिछले महीने नगर पालिका की ओर से लखनऊ से प्रकाशित एक स्थानीय अखबार में शहर में होने वाले 31 विकास कार्यों को कराने के लिए टेंडर प्रकाशित करवाया गया, जिसकी भनक तक स्थानीय ठेकेदारों को नहीं लगी।
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बुधवार को कलेक्ट्रेट में जब इसके टेंडर डाले जा रहे थे तो इसकी जानकारी सभासदों को हो गई। उन्होंने पहले पूरा मामला पता किया और इसके बाद चोरी-छिपे टेंडर प्रकाशित करवाकर इसका काम अपने चहेतों को दिए जाने की शिकायत आयुक्त से की।
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सभासद वेद प्रकाश शुक्ल उर्फ बासु, शांति देवी चौरसिया, धर्मेंद्र कश्यप, अनिल तिवारी, सैय्यद मसऊद अली, हाजी शुएबुद्दीन व रईसा का आरोप है कि नपाप प्रशासन के जिम्मेदार चोरी-छिपे टेंडर का प्रकाशन कराकर डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से होने वाले 31 कामों का ठेका चहेतों को देना चाहते थे।
इसके लिए उन्होंने पहले इसकी पृष्ठभूमि तैयार की। इसके बाद इसका प्रकाशन लखनऊ से प्रकाशित एक ऐसे अखबार में कराया, जिसमें प्रकाशित टेंडरों की सूचना की उन्हें भनक तक नहीं लगी। बुधवार को कलेक्ट्रेट में चोरी-छिपे टेंडर डाले जा रहे थे।
सभासदों का आरोप है कि नपाप के जिम्मेदार लोग ऐसा करके करोड़ों रुपये का गोलमाल करना चाहते हैं। जब इस मामले में नपाप के अधिशासी अधिकारी बलवीर सिंह यादव से बात करने की कोशिश की गई तो उनका मोबाइल स्विचडऑफ मिला।