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भूमि विवाद के मामलों का जल्द निस्तारण करें अधिकारी : राज्यपाल
Thu, 27 Mar 2025 11:29 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 27 Mar 2025 11:29 PM IST
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मेडिकल कॉलेज में डॉ. तन्वी जायसवाल को सम्मानित करतीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल। स्रोत: विभाग
गोंडा।
मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम में बृहस्पतिवार को आयोजित आंगनबाड़ी संसाधन किट वितरण समारोह में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने पात्रों को योजनाओं से लाभान्वित किया। कार्यक्रम में उन्होंने कहा, प्रदेश की जेलों में भूमि विवाद और दहेज उत्पीड़न के मामलों में सबसे अधिक बंदी निरुद्ध हैं। जितनी जल्दी हो सके, अधिकारियों को भूमि विवाद के मामलों का निस्तारण करना चाहिए।
राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने वर्ष 2007 में गुजरात सरकार में अपने राजस्व मंत्री के कार्यकाल के बारे में बताया। उन्होंने कहा, भूमि विवाद हल करने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था लागू की गई थी। इससे कहीं भी बैठे व्यक्ति को ऑनलाइन माध्यम से पूरा ब्योरा मिलने लगा। इससे विवाद कम हो गए। भूमि विवाद में भाई-भाई दुश्मन बन रहे हैं। एक-दूसरे को हिस्सा नहीं देना चाहते हैं। अधिकारियों को जितनी जल्दी हो सके भूमि विवाद के मामले निस्तारित कराने चाहिए। राज्यपाल ने कहा, भूमि विवाद के निस्तारण के लिए प्रदेश में प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी स्वामित्व योजना लागू है। इसे प्रभावी तरीके से लागू कर भूमि विवाद के मामलों को हल करना चाहिए।
उन्होंने महिलाओं के साथ हो रहे अपराधों पर चिंता जताई। कहा, प्रदेश सरकार के आठ साल पूरे होने पर भव्य आयोजन हो रहे हैं। 10 साल पूरे होने पर बाल विवाह, दहेज प्रथा और महिला उत्पीड़न पूरी तरह से रोकने के लिए संकल्प लेना चाहिए। इस दौरान एमएलसी मंजू सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम मिश्र, विधायक रमापति शास्त्री, बावन सिंह, प्रभात वर्मा, अजय सिंह, कमिश्नर शशिभूषण लाल सुशील, डीएम नेहा शर्मा और सीडीओ अंकिता जैन आदि अधिकारी मौजूद रहे।
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मेरठ की घटना पर बोलीं- सजग रहने की जरूरत
मेरठ के सौरभ हत्याकांड की ओर इशारा करते हुए राज्यपाल ने चिंता जताई। स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत पांच युवाओं को टैबलेट देते हुए उन्होंने कहा, आज के दौर में युवाओं को सोशल मीडिया के प्रति सजग रहने की जरूरत है। मां को खुद अपनी ही बेटी को फांसी देने की मांग करनी पड़ रही है। पढ़े-लिखे लोगों का समाज कहां जा रहा है। युवाओं को टैबलेट का इस्तेमाल सकारात्मक काम में करना चाहिए।
नौकरी के बजाय खुद मुकाम हासिल करें युवा
राज्यपाल ने कहा, युवाओं को नौकरी के बजाय खुद प्रशिक्षण लेकर स्वरोजगार में मुकाम हासिल करना होगा। राज्यपाल ने उदाहरण देते हुए कहा, सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में पढ़ने वाली अयोध्या की छात्रा ने चाय बनाने का काम शुरू किया। साफ-सफाई के साथ ही मेहनत से काम किया। अब खुद को स्थापित करने के साथ ही तीन और लोगों को काम दे रही हैं। कहा कि स्वयं सहायता समूह की महिलाएं खुद प्रोडक्ट बनाकर शॉपिंग साइट के माध्यम से देश-विदेश में पहचान बना रहीं हैं। अधिकारियों को मिलेट्स के लिए न सिर्फ किसानों को प्रेरित करना चाहिए बल्कि उत्पाद की बिक्री व ब्रांडिंग के लिए प्रयास करने चाहिए।
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मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम में बृहस्पतिवार को आयोजित आंगनबाड़ी संसाधन किट वितरण समारोह में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने पात्रों को योजनाओं से लाभान्वित किया। कार्यक्रम में उन्होंने कहा, प्रदेश की जेलों में भूमि विवाद और दहेज उत्पीड़न के मामलों में सबसे अधिक बंदी निरुद्ध हैं। जितनी जल्दी हो सके, अधिकारियों को भूमि विवाद के मामलों का निस्तारण करना चाहिए।
राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने वर्ष 2007 में गुजरात सरकार में अपने राजस्व मंत्री के कार्यकाल के बारे में बताया। उन्होंने कहा, भूमि विवाद हल करने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था लागू की गई थी। इससे कहीं भी बैठे व्यक्ति को ऑनलाइन माध्यम से पूरा ब्योरा मिलने लगा। इससे विवाद कम हो गए। भूमि विवाद में भाई-भाई दुश्मन बन रहे हैं। एक-दूसरे को हिस्सा नहीं देना चाहते हैं। अधिकारियों को जितनी जल्दी हो सके भूमि विवाद के मामले निस्तारित कराने चाहिए। राज्यपाल ने कहा, भूमि विवाद के निस्तारण के लिए प्रदेश में प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी स्वामित्व योजना लागू है। इसे प्रभावी तरीके से लागू कर भूमि विवाद के मामलों को हल करना चाहिए।
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उन्होंने महिलाओं के साथ हो रहे अपराधों पर चिंता जताई। कहा, प्रदेश सरकार के आठ साल पूरे होने पर भव्य आयोजन हो रहे हैं। 10 साल पूरे होने पर बाल विवाह, दहेज प्रथा और महिला उत्पीड़न पूरी तरह से रोकने के लिए संकल्प लेना चाहिए। इस दौरान एमएलसी मंजू सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम मिश्र, विधायक रमापति शास्त्री, बावन सिंह, प्रभात वर्मा, अजय सिंह, कमिश्नर शशिभूषण लाल सुशील, डीएम नेहा शर्मा और सीडीओ अंकिता जैन आदि अधिकारी मौजूद रहे।
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मेरठ की घटना पर बोलीं- सजग रहने की जरूरत
मेरठ के सौरभ हत्याकांड की ओर इशारा करते हुए राज्यपाल ने चिंता जताई। स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत पांच युवाओं को टैबलेट देते हुए उन्होंने कहा, आज के दौर में युवाओं को सोशल मीडिया के प्रति सजग रहने की जरूरत है। मां को खुद अपनी ही बेटी को फांसी देने की मांग करनी पड़ रही है। पढ़े-लिखे लोगों का समाज कहां जा रहा है। युवाओं को टैबलेट का इस्तेमाल सकारात्मक काम में करना चाहिए।
नौकरी के बजाय खुद मुकाम हासिल करें युवा
राज्यपाल ने कहा, युवाओं को नौकरी के बजाय खुद प्रशिक्षण लेकर स्वरोजगार में मुकाम हासिल करना होगा। राज्यपाल ने उदाहरण देते हुए कहा, सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में पढ़ने वाली अयोध्या की छात्रा ने चाय बनाने का काम शुरू किया। साफ-सफाई के साथ ही मेहनत से काम किया। अब खुद को स्थापित करने के साथ ही तीन और लोगों को काम दे रही हैं। कहा कि स्वयं सहायता समूह की महिलाएं खुद प्रोडक्ट बनाकर शॉपिंग साइट के माध्यम से देश-विदेश में पहचान बना रहीं हैं। अधिकारियों को मिलेट्स के लिए न सिर्फ किसानों को प्रेरित करना चाहिए बल्कि उत्पाद की बिक्री व ब्रांडिंग के लिए प्रयास करने चाहिए।