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Gonda News: अब बिना दवाओं के लाइट टैप संयंत्र से होगा कीट नियंत्रण
Thu, 08 Jan 2026 11:29 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 08 Jan 2026 11:29 PM IST
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जिला कृषि अधिकारी कार्यालय पर लाइट टैपिंग संयंत्र दिखाता कर्मी। -संवाद
गोंडा। किसानों को रासायनिक कीटनाशकों के दुष्प्रभाव से बचाने व जैविक खेती को प्रोत्साहित करने की दिशा में कृषि विभाग ने बड़ी पहल की है। पहले चरण में जिले के 1,600 किसानों को लाइट ट्रैप संयंत्र उपलब्ध कराए जाएंगे, इन पर 75 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। इस तकनीक से अब बिना दवाओं के ही फसलों में कीट नियंत्रण संभव होगा।
जिला कृषि अधिकारी कार्यालय के पास स्थित कृषि रक्षा इकाई में बृहस्पतिवार को 1,600 कलर कोटेड लाइट टैप संयंत्र की खेप आई है। पहले चरण में प्रत्येक विकासखंड में सौ-सौ संयंत्र दिए जाएंगे। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि एक एकड़ में दो लाइट ट्रैप संयंत्र लगाने से हानिकारक कीटों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। इससे न केवल कीटनाशकों पर होने वाला खर्च कम होगा, बल्कि फसलों की गुणवत्ता व उत्पादन में भी बढ़ोतरी होगी।
ये है लाइट ट्रैपिंग संयंत्र
लाइट ट्रैपिंग पर्यावरण के अनुकूल व किफायती संयंत्र है, जो सौर ऊर्जा से संचालित होगा। शाम को सूर्यास्त के बाद से रात करीब 10 बजे तक यह संयंत्र प्रकाश के प्रति आकर्षित होने वाले कीटों को अपनी ओर खींचेगी। कीट मशीन के नीचे लगे पानी के पात्र में गिरकर नष्ट हो जाते हैं। जिस रंग की फसल होगी, उसी रंग का ट्रैप संयंत्र लगाने से ज्यादा फायदा होगा। लाइट ट्रैप संयंत्र से पत्ती लपेटक, तना छेदक, कट वर्म, फल छेदक व तना सुरंगक जैसे हानिकारक कीटों के व्यस्कों को प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा सकता है। यह तकनीक धान, कपास, दलहन, मक्का, सोयाबीन सहित बागवानी फसलों के लिए उपयोगी मानी जा रही है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. सुधांशु ने बताया कि लाइट ट्रैप न केवल कीटों को नष्ट करता है, बल्कि इससे खेतों में कीटों की संख्या व प्रकोप की निगरानी भी की जा सकती है। इससे किसानों को समय रहते सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी।
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635 रुपये में मिलेगा ट्रैपिंग संयंत्र
कृषि रक्षा इकाइयों पर किसानों को 75 प्रतिशत अनुदान पर 635 रुपये में ट्रैपिंग संयंत्र मिल जाएगा। पहले चरण में सभी 16 विकासखंड में सौ-सौ किसानों को संयंत्र दिया जाएगा। बाद में सभी किसानों को मुहैया कराने की व्यवस्था की जाएगी।
सीपी सिंह, जिला कृषि अधिकारी
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जिला कृषि अधिकारी कार्यालय के पास स्थित कृषि रक्षा इकाई में बृहस्पतिवार को 1,600 कलर कोटेड लाइट टैप संयंत्र की खेप आई है। पहले चरण में प्रत्येक विकासखंड में सौ-सौ संयंत्र दिए जाएंगे। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि एक एकड़ में दो लाइट ट्रैप संयंत्र लगाने से हानिकारक कीटों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। इससे न केवल कीटनाशकों पर होने वाला खर्च कम होगा, बल्कि फसलों की गुणवत्ता व उत्पादन में भी बढ़ोतरी होगी।
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ये है लाइट ट्रैपिंग संयंत्र
लाइट ट्रैपिंग पर्यावरण के अनुकूल व किफायती संयंत्र है, जो सौर ऊर्जा से संचालित होगा। शाम को सूर्यास्त के बाद से रात करीब 10 बजे तक यह संयंत्र प्रकाश के प्रति आकर्षित होने वाले कीटों को अपनी ओर खींचेगी। कीट मशीन के नीचे लगे पानी के पात्र में गिरकर नष्ट हो जाते हैं। जिस रंग की फसल होगी, उसी रंग का ट्रैप संयंत्र लगाने से ज्यादा फायदा होगा। लाइट ट्रैप संयंत्र से पत्ती लपेटक, तना छेदक, कट वर्म, फल छेदक व तना सुरंगक जैसे हानिकारक कीटों के व्यस्कों को प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा सकता है। यह तकनीक धान, कपास, दलहन, मक्का, सोयाबीन सहित बागवानी फसलों के लिए उपयोगी मानी जा रही है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. सुधांशु ने बताया कि लाइट ट्रैप न केवल कीटों को नष्ट करता है, बल्कि इससे खेतों में कीटों की संख्या व प्रकोप की निगरानी भी की जा सकती है। इससे किसानों को समय रहते सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी।
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635 रुपये में मिलेगा ट्रैपिंग संयंत्र
कृषि रक्षा इकाइयों पर किसानों को 75 प्रतिशत अनुदान पर 635 रुपये में ट्रैपिंग संयंत्र मिल जाएगा। पहले चरण में सभी 16 विकासखंड में सौ-सौ किसानों को संयंत्र दिया जाएगा। बाद में सभी किसानों को मुहैया कराने की व्यवस्था की जाएगी।
सीपी सिंह, जिला कृषि अधिकारी