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Gonda News: गोल्डेन कार्ड में नाम में त्रुटि से नहीं मिला मुफ्त इलाज
Sat, 26 Aug 2023 11:09 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 26 Aug 2023 11:09 PM IST
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गोंडा। आयुष्मान भारत योजना के तहत पांच लाख तक मुफ्त इलाज का दावा फेल साबित हो रहा है। किसी के नाम में शब्द त्रुटि है तो कोई परिवार वालों के नाम में गलती के कारण मुफ्त इलाज से वंचित हो रहा है। सीएमओ कार्यालय पर एक अगस्त से 24 अगस्त तक 288 शिकायतें आईं हैं। इनमें से सर्वाधिक त्रुटि नाम को लेकर हैं।
जिले में 2,82,857 परिवारों के 12,02,154 लाभार्थियों को योजना से जोड़ा गया है। 4.41 लाख लोगों का आयुष्मान कार्ड बनाया गया। मगर इनमें से करीब आठ हजार लाभार्थियों का नाम, जन्मतिथि या माता-पिता के नाम में त्रुटियां हैं। शुक्रवार को सीएमओ कार्यालय में शिकायत दर्ज कराने पहुंची पलक को ऑपरेशन कराना था। मगर उनके गोल्डेन कार्ड में लाभार्थी का नाम फलक लिखा है। जिसके कारण पैनल से जुड़े एक निजी अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद मुफ्त इलाज नहीं हो सका। इटियाथोक के महजबी का कार्ड पर नाम मजहबी लिखा है। जिससे गोल्डेन कार्ड से उपचार नहीं हो सका। इसी तरह निबरा, जरीना, उर्मिला, पिंटू सहित 288 लोग करीब 24 दिन में सीएमओ कार्यालय स्थित शिकायत निवारण पटल पर पहुंचे।
जिला शिकायत निवारण प्रबंधक शिवांशु मिश्र ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना की सूची या गोल्डेन कार्ड में अंकित नाम के संशोधन का कोई विकल्प नहीं दिया गया है। लाभार्थियों की शिकायत दर्ज कर सीएमओ व जिलाधिकारी को अवगत कराया जाएगा।
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जिले में 2,82,857 परिवारों के 12,02,154 लाभार्थियों को योजना से जोड़ा गया है। 4.41 लाख लोगों का आयुष्मान कार्ड बनाया गया। मगर इनमें से करीब आठ हजार लाभार्थियों का नाम, जन्मतिथि या माता-पिता के नाम में त्रुटियां हैं। शुक्रवार को सीएमओ कार्यालय में शिकायत दर्ज कराने पहुंची पलक को ऑपरेशन कराना था। मगर उनके गोल्डेन कार्ड में लाभार्थी का नाम फलक लिखा है। जिसके कारण पैनल से जुड़े एक निजी अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद मुफ्त इलाज नहीं हो सका। इटियाथोक के महजबी का कार्ड पर नाम मजहबी लिखा है। जिससे गोल्डेन कार्ड से उपचार नहीं हो सका। इसी तरह निबरा, जरीना, उर्मिला, पिंटू सहित 288 लोग करीब 24 दिन में सीएमओ कार्यालय स्थित शिकायत निवारण पटल पर पहुंचे।
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जिला शिकायत निवारण प्रबंधक शिवांशु मिश्र ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना की सूची या गोल्डेन कार्ड में अंकित नाम के संशोधन का कोई विकल्प नहीं दिया गया है। लाभार्थियों की शिकायत दर्ज कर सीएमओ व जिलाधिकारी को अवगत कराया जाएगा।
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