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Gonda News: समितियों पर खाद नहीं, बैरंग लौट रहे किसान

Tue, 12 Aug 2025 11:07 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Tue, 12 Aug 2025 11:07 PM IST
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No fertilizers at committees, farmers return empty handed
इटियाथोक(गोंडा)। बहुउद्देश्यीय साधन सहकारी समिति लिमिटेड जानकीनगर में चार दिन से खाद नहीं है। करीब दो दर्जन से अधिक गांवों के किसान खाद के लिए परेशान हैं। यही हाल विकास खंड की बाकी समितियों का भी है।
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समिति के सचिव मदन मोहन तिवारी ने बताया कि चार दिन से खाद नहीं आई है। इस वजह से किसानों को वापस लौटाना पड़ रहा है। उधर प्राइवेट खाद विक्रेताओं के यहां भी उर्वरक उपलब्ध नहीं है। भवानीपुर खुर्द के किसान आनंद सिंह, लोहशीशा के रोज अली,पन्ना बगुलहा के शकील अंसारी, मो.शमीम का कहना है कि खाद नहीं मिल पा रही है।
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मंगलवार को बहुउद्देश्यीय प्राथमिक ग्रामीण साधन सहकारी समिति निबिहा परसपुर, नरौरा भर्रापुर में खाद न होने से ताला लगा रहा। यहां आए किसान वापस लौट गए। साधन सहकारी समिति लिमिटेड जानकी नगर के पूर्व अध्यक्ष अनूप तिवारी ने समितियां पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराए जाने की मांग की है। किसानों की फसलें खाद के अभाव में खराब होने के कगार पर हैं।
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धानेपुर संवाद के अनुसार साधन सहकारी समिति रेतवागाड़ा, माधवगंज व बी पैक्स धानेपुर में 600-600 बोरी खाद भेजने की तैयारी कर ली गई है। एडीओ कोऑपरेटिव सुधीर सिंह ने बताया कि तीनों समितियों पर मंगलवार को खाद पहुंच जाएगी। वहीं सचिव दिवाकर तिवारी व रामभवन ने बताया कि विभागीय अधिकारियों के आदेशानुसार किसानों को खतौनी व आधार की फोटो कापी लाना अनिवार्य होगा।गौरा चौकी संवाद के अनुसार खाद की कमी से लोगों को समस्या हो रही है। जिला कृषि अधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि 50 प्रतिशत प्राइवेट व 50 प्रतिशत सहकारी समितियां पर यूरिया खाद का आवंटन किया जाएगा।

साधन सहकारी समितियों का बुरा हाल
जिले में 166 के सापेक्ष सिर्फ 120 साधन सहकारी समितियां ही खाद का वितरण कर रही हैं, जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इनमें से 144 समिति को वित्तीय वर्ष 2014-15 में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत मदद मिले थे। 120 साधन सहकारी समितियों के माध्यम से खाद का वितरण कराया जा रहा है। कर्मचारियों की कमी से यह समस्या हो रही है। एआर रविशंकर का कहना है कि समस्या का समाधान किया जा रहा है।
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