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लापरवाही : सामान्य मरीजों के साथ भर्ती हो रहे डेंगू मरीज
Sat, 05 Oct 2024 11:16 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sat, 05 Oct 2024 11:16 PM IST
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गोंडा। शहर से लेकर गांव तक डेंगू मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। शनिवार को आठ नए केस के साथ डेंगू संक्रमितों की संख्या बढ़कर 80 पहुंच गई है। वहीं, बचाव के नाम पर स्वास्थ्य विभाग महज खानापूर्ति करता नजर आ रहा है। मेडिकल कॉलेज के पुरुष मेडिकल वार्ड में सामान्य मरीजों के साथ ही डेंगू के मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। ऐसे में वहां भर्ती अन्य बीमारियों के मरीजों पर भी डेंगू का खतरा मंडरा रहा है।
शनिवार को पटेलनगर निवासी आदिल को मेडिकल वार्ड में सामान्य मरीजों के बीच बेड नंबर पांच पर भर्ती किया गया था। फिजीशियन डॉक्टर राकेश पांडेय ने बताया कि मरीज का प्लेटलेट्स 17000 है। डेंगू की प्रारंभिक रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई, लेकिन दोपहर बाद मरीज के परिजन बिना बताए लेकर चले गए। इसी प्रकार मेडिकल वार्ड में डेंगू के दो अन्य संभावित मरीजों को भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। वहीं डेंगू के आरक्षित आइसोलेशन वार्ड में भी सामान्य मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। किसी भी मरीज को मच्छरदानी नहीं मिली है।
अस्पताल के इमरजेंसी के ठीक सामने कई महीनों से गंदा पानी भरा है। जिसमें मच्छरों का लार्वा पनप रहा है। अस्पताल आए मरीजों को डेंगू का भी खतरा बना रहता है। अस्पताल परिसर में ही गंदगी की भरमार है, जबकि विभाग की ओर से जिले भर में संचारी रोग नियंत्रण जागरूकता अभियान चला रहा है।
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चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एम डब्ल्यू खान का कहना है कि मेडिकल वार्ड में डेंगू के दो संभावित मरीज भर्ती है। जिनका एलाइजा जांच रिपोर्ट अभी तक नहीं आया है। रिपोर्ट आने के बाद उन्हें मच्छरदानी लगाकर आइसोलेशन में कर दिया जाएगा।
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शनिवार को पटेलनगर निवासी आदिल को मेडिकल वार्ड में सामान्य मरीजों के बीच बेड नंबर पांच पर भर्ती किया गया था। फिजीशियन डॉक्टर राकेश पांडेय ने बताया कि मरीज का प्लेटलेट्स 17000 है। डेंगू की प्रारंभिक रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई, लेकिन दोपहर बाद मरीज के परिजन बिना बताए लेकर चले गए। इसी प्रकार मेडिकल वार्ड में डेंगू के दो अन्य संभावित मरीजों को भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। वहीं डेंगू के आरक्षित आइसोलेशन वार्ड में भी सामान्य मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। किसी भी मरीज को मच्छरदानी नहीं मिली है।
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अस्पताल के इमरजेंसी के ठीक सामने कई महीनों से गंदा पानी भरा है। जिसमें मच्छरों का लार्वा पनप रहा है। अस्पताल आए मरीजों को डेंगू का भी खतरा बना रहता है। अस्पताल परिसर में ही गंदगी की भरमार है, जबकि विभाग की ओर से जिले भर में संचारी रोग नियंत्रण जागरूकता अभियान चला रहा है।
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चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एम डब्ल्यू खान का कहना है कि मेडिकल वार्ड में डेंगू के दो संभावित मरीज भर्ती है। जिनका एलाइजा जांच रिपोर्ट अभी तक नहीं आया है। रिपोर्ट आने के बाद उन्हें मच्छरदानी लगाकर आइसोलेशन में कर दिया जाएगा।