{"_id":"8e735696db7ad76ef233298fd93da781","slug":"national-lok-adalat-950-cases-deal-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"राष्ट्रीय लोक अदालत में निपटे 950 मुकदमे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राष्ट्रीय लोक अदालत में निपटे 950 मुकदमे
बलरामपुर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 09 Aug 2015 12:15 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राष्ट्रीय लोक अदालत में फौजदारी, राजस्व, चकबंदी व पारिवारिक भरण पोषण के 950 वादों का निस्तारण सुलह समझौते के आधार पर किया गया। लोक अदालत की अध्यक्षता जिला जज उमेश सिंह ने की।
शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश रामचंद्र ने वैवाहिक व भरण-पोषण के 25 वादों का निस्तारण किया।
सीजेएम प्रमेंद्र कुमार ने 161, मुंसिफ सदर रवि कुमार गुप्ता ने पांच, मुंसिफ उतरौला प्रदीप कुमार सिंह ने 33, जेएम प्रथम हेमंत कुमार कुशवाहा ने चार, मुंसिफ प्रथम विकास ने 34 व जेएम द्वितीय बबिता पाठक ने 27 वादों का निस्तारण करते हुए अर्थदंड वसूला।
इसी तरह तहसील न्यायालयों में फौजदारी के 41, राजस्व के 260 व चकबंदी के 38 वादों का निस्तारण किया गया। बैंक वसूली वाद में भारतीय स्टेट बैंक के 94, सर्व यूपी ग्रामीण बैंक के 110, पंजाब नेशनल बैंक के नौ तथा इलाहाबाद बैंक के 107 वादों का आपसी समझौते के आधार पर निराकरण हुआ।
विज्ञापन
इस दौरान दोनों पक्षों में समझौता होने पर जिला उपभोक्ता फोरम के दो वादों का निस्तारण हुआ। यह जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव प्रमेंद्र कुमार सिंह ने दी।
विज्ञापन
शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश रामचंद्र ने वैवाहिक व भरण-पोषण के 25 वादों का निस्तारण किया।
सीजेएम प्रमेंद्र कुमार ने 161, मुंसिफ सदर रवि कुमार गुप्ता ने पांच, मुंसिफ उतरौला प्रदीप कुमार सिंह ने 33, जेएम प्रथम हेमंत कुमार कुशवाहा ने चार, मुंसिफ प्रथम विकास ने 34 व जेएम द्वितीय बबिता पाठक ने 27 वादों का निस्तारण करते हुए अर्थदंड वसूला।
विज्ञापन
इसी तरह तहसील न्यायालयों में फौजदारी के 41, राजस्व के 260 व चकबंदी के 38 वादों का निस्तारण किया गया। बैंक वसूली वाद में भारतीय स्टेट बैंक के 94, सर्व यूपी ग्रामीण बैंक के 110, पंजाब नेशनल बैंक के नौ तथा इलाहाबाद बैंक के 107 वादों का आपसी समझौते के आधार पर निराकरण हुआ।
विज्ञापन
इस दौरान दोनों पक्षों में समझौता होने पर जिला उपभोक्ता फोरम के दो वादों का निस्तारण हुआ। यह जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव प्रमेंद्र कुमार सिंह ने दी।