{"_id":"685ae62b9df035d9c30216a6","slug":"my-eyes-filled-with-tears-remembering-the-emergency-gonda-news-c-100-1-slko1026-139806-2025-06-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: आपातकाल को याद करके भर आईं आंखें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: आपातकाल को याद करके भर आईं आंखें
Tue, 24 Jun 2025 11:23 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 24 Jun 2025 11:23 PM IST
विज्ञापन
रविचंद्र त्रिपाठी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोंडा। आज ही के दिन 25 जून 1975 को देश में इमरजेंसी लागू की गई थी। आपातकाल का जिक्र करते ही बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष राधाकुंड निवासी रविचंद्र त्रिपाठी की आंखें भर आईं। कहा कि वह एक काला अध्याय था। उम्मीद ही नहीं थी कि बाहर की दुनिया भी देखेंगे, अपनों से मिलेंगे। वक्त ने करवट बदला और सुनहरे सपने के साथ जेल से बाहर आए।
रविचंद्र ने बताया कि वर्ष 1975 में वह छात्रों की अगुवाई कर रहे थे। जिस रात इमरजेंसी लागू की गई थी, उसी दिन मोहल्ले के देव प्रकाश तिवारी की बेटी की शादी थी। दोस्तों के साथ उनके यहां गए थे। तभी मित्र राकेश श्रीवास्तव ने आकर बताया कि आपके घर पुलिस पहुंची है। कुछ देर बाद पता चला कि पिता ठाकुर प्रसाद त्रिपाठी व आठ साल के छोटे भाई प्रकाश चंद्र को पुलिस पकड़ ले गई। पुलिस ने पिता को कपड़े तक नहीं पहनने दिया। पुलिस का सख्त रवैया देख खुद कोतवाली जाकर समर्पण कर दिया। पुलिस ने अभद्रता की। उत्पीड़न किया। इसके बाद जेल भेज दिया। जेल से ही स्नातक की परीक्षा पास की थी। रविचंद्र ने सरकार से मांग की है कि लोकतंत्र रक्षक सेनानियों को स्वतंत्रता सेनानियों की तरह सुविधाएं दी जाएं।
फखरुद़्दीन अली अहमद ने गोंडा से ग्रहण की थी शिक्षा
लोकतंत्र रक्षक सेनानी रविचंद्र त्रिपाठी का कहना है कि जिस वक्त देश में आपातकाल लागू हुआ, उस समय राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद थे। फखरुद्दीन अली अहमद ने गोंडा के राजकीय इंटर कॉलेज से जूनियर स्तर तक की पढ़ाई की थी। फखरुद्दीन अली अहमद की स्मृतियों को संजोने के लिए ही उनके नाम पर राजकीय इंटर कॉलेज का नामकरण कर दिया गया।
विज्ञापन
काले अध्याय के तौर पर मनाएगी भाजपा
भाजपा ने 50 वर्ष पूर्व लगाई गई इमरजेंसी को भारतीय लोकतंत्र के काले अध्याय के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी राघवेंद्र ओझा ने बताया कि आयोजन की तैयारी कर ली गई है।
विज्ञापन
रविचंद्र ने बताया कि वर्ष 1975 में वह छात्रों की अगुवाई कर रहे थे। जिस रात इमरजेंसी लागू की गई थी, उसी दिन मोहल्ले के देव प्रकाश तिवारी की बेटी की शादी थी। दोस्तों के साथ उनके यहां गए थे। तभी मित्र राकेश श्रीवास्तव ने आकर बताया कि आपके घर पुलिस पहुंची है। कुछ देर बाद पता चला कि पिता ठाकुर प्रसाद त्रिपाठी व आठ साल के छोटे भाई प्रकाश चंद्र को पुलिस पकड़ ले गई। पुलिस ने पिता को कपड़े तक नहीं पहनने दिया। पुलिस का सख्त रवैया देख खुद कोतवाली जाकर समर्पण कर दिया। पुलिस ने अभद्रता की। उत्पीड़न किया। इसके बाद जेल भेज दिया। जेल से ही स्नातक की परीक्षा पास की थी। रविचंद्र ने सरकार से मांग की है कि लोकतंत्र रक्षक सेनानियों को स्वतंत्रता सेनानियों की तरह सुविधाएं दी जाएं।
विज्ञापन
फखरुद़्दीन अली अहमद ने गोंडा से ग्रहण की थी शिक्षा
लोकतंत्र रक्षक सेनानी रविचंद्र त्रिपाठी का कहना है कि जिस वक्त देश में आपातकाल लागू हुआ, उस समय राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद थे। फखरुद्दीन अली अहमद ने गोंडा के राजकीय इंटर कॉलेज से जूनियर स्तर तक की पढ़ाई की थी। फखरुद्दीन अली अहमद की स्मृतियों को संजोने के लिए ही उनके नाम पर राजकीय इंटर कॉलेज का नामकरण कर दिया गया।
विज्ञापन
काले अध्याय के तौर पर मनाएगी भाजपा
भाजपा ने 50 वर्ष पूर्व लगाई गई इमरजेंसी को भारतीय लोकतंत्र के काले अध्याय के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी राघवेंद्र ओझा ने बताया कि आयोजन की तैयारी कर ली गई है।