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Gonda News: युवक को आत्महत्या के लिए उकसाने में मां-बेटी को मिली जमानत
Mon, 27 Oct 2025 11:00 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 27 Oct 2025 11:00 PM IST
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गोंडा। युवक से मारपीट और आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में आरोपी मां और बेटी को बड़ी राहत मिली है। दोनों का जमानत प्रार्थनापत्र हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया है।
उमरीबेगमगंज के ग्राम अकौनी के मजरा पूरेमेठिया निवासी पंचम साहू ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें बताया कि उनके बेटे धर्मेंद्र साहू की शादी नवाबगंज के बल्लीपुर के मजरा गदरहन पुरवा निवासी लौटन साहू की बेटी काजल साहू से 20 अप्रैल 2025 को होनी थी। दो जनवरी 2025 को काजल ने फोन करके धर्मेंद्र को अपने घर बुलाया। वहां शादी को लेकर आपस में कहासुनी हुई तो लौटन, उनकी पत्नी गीता साहू, काजल व उसकी बहन आंचल ने धर्मेंद्र को मारापीटा और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। इसके बाद बेटे ने घर आकर घटना की जानकारी दी और कहा कि वह काजल से शादी नहीं करेगा। मानसिक रूप से परेशान धर्मेंद्र ने अगले दिन तीन जनवरी को सुबह फांसी लगाकर जान दे दी।
मुकदमे के दौरान आरोपी गीता साहू व काजल साहू को सत्र न्यायालय से जमानत नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में याचिका प्रस्तुत कर जमानत स्वीकार करने की याचना की। याचिका की सुनवाई के दौरान मामले के तथ्य, साक्ष्य और परिस्थितियों पर विचार करते हुए न्यायमूर्ति पंकज भाटिया ने जेल में बंद गीता साहू व काजल साहू का जमानत प्रार्थनापत्र सशर्त स्वीकार कर लिया। न्यायालय ने संबंधित न्यायालय में 20-20 हजार रुपये का व्यक्तिगत बंधपत्र और इसी धनराशि की दो-दो जमानत प्रस्तुत करने पर दोनों को रिहा करने का आदेश दिया है।
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उमरीबेगमगंज के ग्राम अकौनी के मजरा पूरेमेठिया निवासी पंचम साहू ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें बताया कि उनके बेटे धर्मेंद्र साहू की शादी नवाबगंज के बल्लीपुर के मजरा गदरहन पुरवा निवासी लौटन साहू की बेटी काजल साहू से 20 अप्रैल 2025 को होनी थी। दो जनवरी 2025 को काजल ने फोन करके धर्मेंद्र को अपने घर बुलाया। वहां शादी को लेकर आपस में कहासुनी हुई तो लौटन, उनकी पत्नी गीता साहू, काजल व उसकी बहन आंचल ने धर्मेंद्र को मारापीटा और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। इसके बाद बेटे ने घर आकर घटना की जानकारी दी और कहा कि वह काजल से शादी नहीं करेगा। मानसिक रूप से परेशान धर्मेंद्र ने अगले दिन तीन जनवरी को सुबह फांसी लगाकर जान दे दी।
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मुकदमे के दौरान आरोपी गीता साहू व काजल साहू को सत्र न्यायालय से जमानत नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में याचिका प्रस्तुत कर जमानत स्वीकार करने की याचना की। याचिका की सुनवाई के दौरान मामले के तथ्य, साक्ष्य और परिस्थितियों पर विचार करते हुए न्यायमूर्ति पंकज भाटिया ने जेल में बंद गीता साहू व काजल साहू का जमानत प्रार्थनापत्र सशर्त स्वीकार कर लिया। न्यायालय ने संबंधित न्यायालय में 20-20 हजार रुपये का व्यक्तिगत बंधपत्र और इसी धनराशि की दो-दो जमानत प्रस्तुत करने पर दोनों को रिहा करने का आदेश दिया है।
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