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26.50 लाख मतदाता पंचायत चुनाव में दिखाएंगे दम

Sat, 30 Jan 2021 10:14 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 30 Jan 2021 10:14 PM IST
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More than eight lakh young voters will decide panchayats
गोंडा। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तिथियों के बारे में फैसले की आस लगाए लोग तैयारियों में जुटे हैं। मतदाताओं को जोड़ने के लिए पंचायत में दांव अजमाने वाले जुटे हैं। 5 फरवरी को अंतिम मतदाता की सूची जारी होना तय हो गया है।
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इस बार पंचायत चुनाव में 26. 50 लाख मतदाता दम दिखाएंगे। अभी तक 26 लाख 4 हजार की सूची फाइनल है और 5 फरवरी को नए मतदाताओं के साथ सूची आएगी। इस बार आठ लाख के करीब युवा मतदाता पंचायत चुनाव में प्रत्याशियों के किस्मत का फैसला करेंगे।
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पंचायत के मतदाताओं की अंतिम सूची 22 जनवरी को जारी होने थी, लेकिन अब वह सूची 5 फरवरी को जारी होनी है। अनंतिम रूप से तैयार सूची में 26 लाख 4 हजार मतदाता थे। माना जा रहा था कि अंतिम सूची जारी होने के बाद मतदाताओं की स्थिति साफ हो जाएगी।
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अंतिम सूची जारी होने के बाद मतदाताओं की संख्या 26 लाख 50 हजार के करीब होना तय है। मतदाताओं की सूची का अब 1214 पंचायतों की तैयार हो रही है, अभी पूरी कार्रवाई 1054 पंचायतों के लिए हुई थी लेकिन 160 नई पंचायतों के गठन होने के बाद उन्हें जोड़ कर सूची बनाई जा रही है।
यह अलग बात है कि 10 पंचायतों के चुनाव बाद में होंगे। लेकिन मतदाताओं की सूची सभी की तैयार हो गई। यही नही अंतिम रूप से सूची जारी होने के बाद भी कोई मतदाता बनने से वंचित रह गया है और वह पात्र है तो नामांकन के पहले तक वह अपना नाम जुड़वा सकेगा। निर्वाचन विभाग मतदाता सूची को तैयार कराने में जुटा है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में सबसे महत्वपूर्ण पदों के आरक्षण का है, अभी तक शासन से आरक्षण के लिए कोई आदेश जारी नही किया गया है। चर्चाओं में है कि आरक्षण सूची 20 फरवरी के आसपास जारी हो सकती है। आरक्षण रोटेशन के आधार पर होने के संकेत भी मिल रहे हैं।
माना जा रहा है कि क्षेत्र व जिला पंचायत में चक्रानुक्रम आरक्षण पूरा होने पर नये सिरे से आरक्षण लागू होगा। वहीं प्रधान व सदस्यों के लिए आरक्षण का चक्रानुक्रम होने की उम्मीद है। कारण वर्ष 2015 में इन पदों पर नए सिरे से आरक्षण तय किया गया था।
पहले से ही तय है कि जिला पंचायतों का आरक्षण राज्य से तय होता रहा है और इस बार भी ऐसे ही होगा बाकी ग्राम पंचायत व क्षेत्र पंचायत की सीटों का आरक्षण जिला स्तरीय समिति करती है। इसी के साथ ही चुनाव की तिथियों पर भी निगाहें टिकी हैं। पंचायत चुनाव के जानकारों की मानें तो अप्रैल माह में ही चुनाव हो सकेंगे।
जिले की पुराने 1044 पंचायतों का कार्यकाल खत्म 24 दिसंबर को पूरा हो गया था। अब पंचायतों की संख्या 160 बढ़ गई है। पुरानी पंचायतों के कार्यकाल पूरे होने पर 24 दिसंबर की आधी रात से छह महीने के लिए प्रशासक नियुक्त कर दिए गए थे। जो नियमों के तहत 24 जून तक ही रह सकेंगे।

इसके अलावा पंचायत चुनाव की तिथियां तय होने के बाद ही यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए तिथियां तय हो सकेंगी। ऐसे में चुनाव तो 24 जून से पहले ही कराने ही होंगे। अब बोर्ड परीक्षा के लिए भी एक महीने का समय देना होगा और यह भी जून से पहले ही कराना होगा। ऐसे में अप्रैल तक पंचायत चुनाव पूरे करने होंगे। जिससे कम से कम परीक्षा का समय मिल सके।
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