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दूध उत्पादन को बढ़ावा देने की कवायद
बलरामपुर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 23 Jul 2015 11:04 PM IST
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जिले में दूध उत्पादन को बढ़ावा देने की कवायद शुरू कर दी गई है। कामधेनू योजना के तहत 20 लाभार्थियों का चयन माइक्रोप्लान के लिए किया जाएगा। माइक्रोप्लान योजना के संचालन के लिए पशुपालकों को 75 प्रतिशत धनराशि बैंकों से पांच साल तक बिना ब्याज के उपलब्ध कराया जाएगा।
25 प्रतिशत धनराशि लाभार्थी को स्वयं लगाना होगा। काऊ यूनिट लगाने पर पशुपालक को एक लाख 25 हजार रुपये की सब्सिडी भी दी जाएगी। योजना से छोटे व मझोले पशुपालकों को लाभ मिलेगा। ये बातें मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. यूएल गुप्ता ने विकास भवन स्थित सीवीओ कार्यालय में गुरुवार को पशुपालकों व चिकित्सकों को कामधेनू योजना की जानकारी देते हुए कहीं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने कामधेनू व मिनी कामधेनू योजना के तहत लाभार्थियों को बिना ब्याज के पांच साल तक बैंकों से ऋण उपलब्ध कराने की सुविधा प्रदान की थी। शासन ने योजना में माइक्रोप्लान को भी शामिल कर लिया है। 27 लाख रुपये की लागत से 20 पशुओं की डेयरी का संचालन शुरू करने के लिए पशुपालकों को बैंकों से पांच साल तक बिना ब्याज के ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
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पशुपालक को योजना का 25 प्रतिशत धनराशि छह लाख 74 हजार 750 रुपये स्वयं लगाना होगा। सरकार की तरफ से 20 लाख 25 हजार रुपये पांच साल तक बिना ब्याज के ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। गाय की यूनिट लगाने वाले लाभार्थियों को एक लाख 25 हजार रुपये की सब्सिडी भी दी जाएगी।
योजना का लाभ पाने के लिए लाभार्थियों को विकास भवन स्थित मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के कार्यालय में या ब्लॉक स्तर पर संचालित पशु अस्पतालों में आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ लाभार्थियों को बैंक अकाउंट सहित एक बीघे का काऊ शेड और ढाई बीघा जमीन चारागाह के लिए तहसील द्वारा जारी खतौनी प्रमाण पत्र देना अनिवार्य होगा।
इस योजना के तहत जिले के छोटे व मझोले पशुपालक भी लाभ ले सकते हैं। सीवीओ ने कहा कि जिलाधिकारी प्रीति शुक्ला के निर्देश पर सभी बैंकों को माइक्रोप्लान योजना का प्रारूप उपलब्ध करा दिया गया है।
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25 प्रतिशत धनराशि लाभार्थी को स्वयं लगाना होगा। काऊ यूनिट लगाने पर पशुपालक को एक लाख 25 हजार रुपये की सब्सिडी भी दी जाएगी। योजना से छोटे व मझोले पशुपालकों को लाभ मिलेगा। ये बातें मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. यूएल गुप्ता ने विकास भवन स्थित सीवीओ कार्यालय में गुरुवार को पशुपालकों व चिकित्सकों को कामधेनू योजना की जानकारी देते हुए कहीं।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने कामधेनू व मिनी कामधेनू योजना के तहत लाभार्थियों को बिना ब्याज के पांच साल तक बैंकों से ऋण उपलब्ध कराने की सुविधा प्रदान की थी। शासन ने योजना में माइक्रोप्लान को भी शामिल कर लिया है। 27 लाख रुपये की लागत से 20 पशुओं की डेयरी का संचालन शुरू करने के लिए पशुपालकों को बैंकों से पांच साल तक बिना ब्याज के ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
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पशुपालक को योजना का 25 प्रतिशत धनराशि छह लाख 74 हजार 750 रुपये स्वयं लगाना होगा। सरकार की तरफ से 20 लाख 25 हजार रुपये पांच साल तक बिना ब्याज के ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। गाय की यूनिट लगाने वाले लाभार्थियों को एक लाख 25 हजार रुपये की सब्सिडी भी दी जाएगी।
योजना का लाभ पाने के लिए लाभार्थियों को विकास भवन स्थित मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के कार्यालय में या ब्लॉक स्तर पर संचालित पशु अस्पतालों में आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ लाभार्थियों को बैंक अकाउंट सहित एक बीघे का काऊ शेड और ढाई बीघा जमीन चारागाह के लिए तहसील द्वारा जारी खतौनी प्रमाण पत्र देना अनिवार्य होगा।
इस योजना के तहत जिले के छोटे व मझोले पशुपालक भी लाभ ले सकते हैं। सीवीओ ने कहा कि जिलाधिकारी प्रीति शुक्ला के निर्देश पर सभी बैंकों को माइक्रोप्लान योजना का प्रारूप उपलब्ध करा दिया गया है।