दो महीने में गोंडा से चालू हो जाएगी मेमू
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साथ ही मेमू ट्रेन से राजधानी के सफर का जो सपना रेलवे बीते 7 वर्षों से गोंडा के लोगों को दिखाता आ रहा है, वह भी इस बिजलीघर के बनकर चालू होने के बाद पूरा हो जाएगा। बताया जाता है कि गोंडा से राजधानी के बीच मेमू ट्रेन चलाने के पीछे बिजली की जो सबसे बड़ी समस्या रेलवे के समक्ष थी, उसे बस्ती में 25 केवीए का नया बिजलीघर बनाकर रेलवे ने दूर कर लिया है। जिससे इसके संचालन का रास्ता लगभग साफ हो गया है।
हालांकि अभी रेलवे के पास मेमू ट्रेन चलाने के लिए उसकी एक भी रैक उपलब्ध नहीं है। जिसके कारण उसका संचालन रुका पड़ा है। लेकिन बताया जाता है कि इसके लिए उत्तर रेलवे से 4 रैकों की डिमांड भेजी गई है, जैसे ही यह रैक पूर्वोत्तर रेलवे को मिलती है, गोंडा से लखनऊ के बीच मेमू ट्रेन चलनी शुरू हो जाएगी। जिसमें दो महीने का समय लगने की बात रेल अधिकारी बता रहे हैं।
गोंडा से लखनऊ के बीच मेमू ट्रेन का संचालन शुरू होने से जिले की 34 लाख आबादी को इसका सीधा फायदा मिलने लगेगा। अभी लोगों को पैसेेंजर ट्रेन से लखनऊ आने-जाने में अपना काफी समय ट्रेन के इंतजार और इसकी पासिंग में बर्बाद करना पड़ता है। लेकिन मेमू ट्रेन के चलने से उन्हें राजधानी की यात्रा में अपना ज्यादा समय नहीं गंवाना पड़ेगा। साथ ही ट्रेन के आने-जाने का समय भी नियत रहेगा। वहीं जो लोग अभी पैसेंजर ट्रेन के बजाय भीड़भाड़ वाली एक्सप्रेस व सुपरफास्ट ट्रेनों से सफर करते हैं, उनकी भीड़ भी इस ओर डायवर्ट हो जाएगी।
गोंडा से लखनऊ के बीच बिजली से चलने वाली मेमू ट्रेन के चलते ही इस रूट के करीब एक दर्जन छोटे-बड़े स्टेशनों के दिन बहुर जाएंगे। यहां के लोगों को अपने गंतव्य तक आने-जाने के लिए न सिर्फ एक बेहतर आवागमन का विकल्प मुहैया होगा, बल्कि इसके जरिए उनके रोजगार में भी बढ़ोत्तरी होने की संभावना है।
मौजूदा वक्त इस रूट पर पड़ने वाले सिर्फ बड़े स्टेशनों जैसे करनैलगंज, जरवल रोड, बुढ़वल और बाराबंकी के बाद सीधे लखनऊ के ही ज्यादातर स्टेशनों पर ट्रेनों का स्टापेज होता है। लेकिन मेमू ट्रेन चलने के बाद गोंडा कचहरी, मैजापुर, सरयू, चौकाघाट, कस्तूरी, घाघराघाट, जहंगीराबाद, मल्हौर जैसे छोटे स्टेशनों पर भी मेमू ट्रेन का ठहराव होगा।
मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी, पूर्वोत्तर रेलवे संजय यादव का कहना है कि गोंडा से लखनऊ के बीच मेमू ट्रेन चलाने में बिजली की जो समस्या उनके आड़े पहले आ रही थी, उसे बस्ती में 25 केवीए का नया बिजलीघर बनाकर दूर कर लिया गया है।
मौजूदा वक्त उनके पास गोंडा से लखनऊ के बीच मेमू ट्रेन संचालन के लिए एक भी रैक उपलब्ध नहीं है। जिसकी डिमांड उत्तर रेलवे को भेजी गई है। जैसे ही उत्तर रेलवे से उन्हें मेमू की 4 रैकें मिल जाती हैं, गोंडा से लखनऊ के बीच मेमू ट्रेन को संचालन शुरू कर दिया जाएगा। साथ ही आने वाले दिनों में गोंडा से लखनऊ व गोरखपुर के बीच जो ट्रेनें अभी डीजल से चल रही हैं, वह सभी बिजली से चलने लगेंगी।