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दोनो सांसदों के प्रबंधन वाले इंटर कालेजों की प्रबंध समिति भंग
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गोंडा। शिक्षक भर्ती में हुई अनियमितता के मामले में फंसे जिले के नौ इंटर कालेजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक ने कार्रवाई के घेरे में फंसे इंटर कालेजों के प्रबंधकों को हटाने और प्रशासक बैठाने की संस्तुति की है।
इसमें एक इंटर कालेज के प्रबंधक कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह और दो इंटर कालेजों के प्रबंधक गोंडा के सांसद कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ राजा भैय्या हैं वहीं एक इंटर कालेज के प्रबंधक पूर्व विधायक अवधेश कुमार सिंह उर्फ मंजू सिंह हैं। इनको भी प्रबंधक पद से हटाने और प्रबंध समिति को भंग करने की संस्तुति की गयी है।
जानकारों की माने तो माध्यमिक विद्यालयों में फर्जी नियुक्तियों के मामले में चल रही जांच की आंच अब कई बड़ों तक पहुंच सकती है। बेसिक शिक्षा में भर्तियों की जांच एसआईटी और एसटीएफ कर रही है तो माध्यमिक की जांच ईओडब्ल्यू कर रही है।
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मामले की जांच में नियुक्तियों में नियमों की अनदेखी के मामले में दो पूर्व डीआईओएस की मुश्किलें भी बढ़ सकती है। जिले के नौ सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में 40 शिक्षक और छह कर्मचारियों की नियुक्तियां नियम दर किनार कर की गयी थी।
साल 2018 में इस मामले में कार्रवाई भी हुई थी। मामले की जांच आयुक्त ने तीन सदस्यीय टीम से कराई थी, इसके बाद भी पूरी तरह से स्थिति साफ नहीं हो पाई थी। जिन कालेजों में नियुक्तियां हुईं थीं वह सभी जिले के प्रभावशाली लोगों से जुड़े हुए थे।
ऐसे में मामले की जांच आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा को सौंपी गई है। इससे सरकार को हुए आर्थिक नुकसान की जांच भी सामने आएगी। वर्ष 2018 में राम खेलावन वर्मा के निलंबन के बाद तत्कालीन डीआईओएस हृदय नरायण त्रिपाठी ने विद्यालयों के शिक्षकों का वेतन रोक दिया। बताया गया कि इन विद्यालयों में 46 नियुक्तियां फर्जी पाई गई हैं। इनमें 40 शिक्षक के पद पर तथा छह चतुर्थ श्रेणी के पद पर तैनात किए गए हैं।
एपी इंटर कॉलेज मनकापुर में 12 शिक्षक तथा तीन चतुर्थ श्रेणी कर्मी, आरपी इंटर कॉलेज मनकापुर में दो शिक्षक व दो चतुर्थ श्रेणी कर्मी की नियुक्ति हुई थी। एपी व आरपी के प्रबधंक सांसद कीर्तिवर्धन सिंह व पूर्व मंत्री कुंवर आनंद सिंह हैं। डीपी इंटर कॉलेज में दो कर्मी नियुक्त हुए थे।
इस कालेज के प्रबंधक कुंवर अतुल सिंह हैं। श्री गांधी विद्यालय इंटर कॉलेज में दो शिक्षकों व एक चतुर्थ श्रेणी कर्मी की नियुक्ति हुई थी। इसके भी प्रबंधक सांसद कीर्तिवर्धन सिंह हैं। एमडीबी सिंह इंटर कॉलेज तरबगंज में पांच शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी। इसके प्रबंधक पूर्व प्रमुख जीतन सिंह हैं। राजेंद्र नाथ लाहिड़ी इंटर कॉलेज में तीन शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी।
डीएवी इंटर कॉलेज नवाबगंज में चार शिक्षक नियुक्त हुए थे। इसके प्रबंधक कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह हैं। सुभाष इंटर कॉलेज में चार तथा जनता इंटर कॉलेज अमदही में छह शिक्षकों की नियुक्ति प्रथम दृष्टया फर्जी पाई गई थीं। जनता इंटर कालेज अमदही के प्रबंधक पूर्व विधायक अवधेश कुमार उर्फ मंजू सिंह हैं।
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इसमें एक इंटर कालेज के प्रबंधक कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह और दो इंटर कालेजों के प्रबंधक गोंडा के सांसद कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ राजा भैय्या हैं वहीं एक इंटर कालेज के प्रबंधक पूर्व विधायक अवधेश कुमार सिंह उर्फ मंजू सिंह हैं। इनको भी प्रबंधक पद से हटाने और प्रबंध समिति को भंग करने की संस्तुति की गयी है।
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जानकारों की माने तो माध्यमिक विद्यालयों में फर्जी नियुक्तियों के मामले में चल रही जांच की आंच अब कई बड़ों तक पहुंच सकती है। बेसिक शिक्षा में भर्तियों की जांच एसआईटी और एसटीएफ कर रही है तो माध्यमिक की जांच ईओडब्ल्यू कर रही है।
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मामले की जांच में नियुक्तियों में नियमों की अनदेखी के मामले में दो पूर्व डीआईओएस की मुश्किलें भी बढ़ सकती है। जिले के नौ सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में 40 शिक्षक और छह कर्मचारियों की नियुक्तियां नियम दर किनार कर की गयी थी।
साल 2018 में इस मामले में कार्रवाई भी हुई थी। मामले की जांच आयुक्त ने तीन सदस्यीय टीम से कराई थी, इसके बाद भी पूरी तरह से स्थिति साफ नहीं हो पाई थी। जिन कालेजों में नियुक्तियां हुईं थीं वह सभी जिले के प्रभावशाली लोगों से जुड़े हुए थे।
ऐसे में मामले की जांच आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा को सौंपी गई है। इससे सरकार को हुए आर्थिक नुकसान की जांच भी सामने आएगी। वर्ष 2018 में राम खेलावन वर्मा के निलंबन के बाद तत्कालीन डीआईओएस हृदय नरायण त्रिपाठी ने विद्यालयों के शिक्षकों का वेतन रोक दिया। बताया गया कि इन विद्यालयों में 46 नियुक्तियां फर्जी पाई गई हैं। इनमें 40 शिक्षक के पद पर तथा छह चतुर्थ श्रेणी के पद पर तैनात किए गए हैं।
एपी इंटर कॉलेज मनकापुर में 12 शिक्षक तथा तीन चतुर्थ श्रेणी कर्मी, आरपी इंटर कॉलेज मनकापुर में दो शिक्षक व दो चतुर्थ श्रेणी कर्मी की नियुक्ति हुई थी। एपी व आरपी के प्रबधंक सांसद कीर्तिवर्धन सिंह व पूर्व मंत्री कुंवर आनंद सिंह हैं। डीपी इंटर कॉलेज में दो कर्मी नियुक्त हुए थे।
इस कालेज के प्रबंधक कुंवर अतुल सिंह हैं। श्री गांधी विद्यालय इंटर कॉलेज में दो शिक्षकों व एक चतुर्थ श्रेणी कर्मी की नियुक्ति हुई थी। इसके भी प्रबंधक सांसद कीर्तिवर्धन सिंह हैं। एमडीबी सिंह इंटर कॉलेज तरबगंज में पांच शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी। इसके प्रबंधक पूर्व प्रमुख जीतन सिंह हैं। राजेंद्र नाथ लाहिड़ी इंटर कॉलेज में तीन शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी।
डीएवी इंटर कॉलेज नवाबगंज में चार शिक्षक नियुक्त हुए थे। इसके प्रबंधक कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह हैं। सुभाष इंटर कॉलेज में चार तथा जनता इंटर कॉलेज अमदही में छह शिक्षकों की नियुक्ति प्रथम दृष्टया फर्जी पाई गई थीं। जनता इंटर कालेज अमदही के प्रबंधक पूर्व विधायक अवधेश कुमार उर्फ मंजू सिंह हैं।