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Gonda News: मां वाराही देवी मंदिर का होगा कायाकल्प
Thu, 13 Feb 2025 11:29 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 13 Feb 2025 11:29 PM IST
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गोंडा। चैत्र नवरात्र से पहले उमरी बेगमगंज के मुकुंदपुर स्थित मां वाराही देवी मंदिर के सुंदरीकरण की योजना तैयार की गई है। इसमें मंदिर की साफ-सफाई के साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर फोकस किया जाएगा। इसको लेकर प्रशासन कार्ययोजना तैयार कर रहा है।
मुख्यालय से 35 किलोमीटर दूर स्थित मां वाराही देवी मंदिर में चैत्र नवरात्र में पूजन का विशेष महत्व है। चैत्र नवरात्र में यहां श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है। ऐसे में जिला प्रशासन ने इस बार मंदिर में विशेष प्रबंध करने की तैयारी शुरू कर दी है। मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग, ठहराव स्थल के साथ ही अन्य सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। सुरक्षा को लेकर अलग से प्रबंध किए जाएंगे।
डीएम नेहा शर्मा ने बताया कि मां वाराही देवी मंदिर का धार्मिक महत्व है। यहां चैत्र नवरात्र में पूजन का विशेष महत्व है। ऐसे में चैत्र नवरात्र से पहले मंदिर की सुविधाओं के विकास की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। जल्द ही इसे धरातल पर उतारा जाएगा।
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ये काम होंगे
-- मंदिर के गर्भगृह को बेहतर बनाया जाएगा। टाइल्स आदि लगाए जाएंगे।
-- श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए प्रबंध किए जाएंगे।
-- मंदिर के समीप स्थित पोखरे का विकास किया जाएगा।
-- श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, प्रसाधन व अन्य प्रबंध किए जाएंगे।
-- मंदिर परिसर में प्रकाश की व्यवस्था के साथ ही बैठने का इंतजाम होगा।
मंदिर का है ऐतिहासिक महत्व
मुकंदपुर स्थित मां वाराही देवी मंदिर भक्तों की आस्था का केंद्र है। पुराण के अनुसार, जब हिरण्यकश्यप के भाई हिरण्याक्ष का वध करने के लिए भगवान विष्णु ने वराह अवतार लिया था। तब पाताल लोक जाने के लिए आदिशक्ति की उपासना की थी, तो मुकुंदपुर में सुखनई नदी के तट पर मां वाराही देवी अवतरित हुईं थीं। मंदिर में एक सुरंग भी है। मान्यता के अनुसार भगवान वराह ने पाताल लोक तक का मार्ग इसी सुरंग से तय किया था और हिरण्याक्ष का वध किया था। मंदिर की सुरंग के गर्भगृह में अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित है।
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मुख्यालय से 35 किलोमीटर दूर स्थित मां वाराही देवी मंदिर में चैत्र नवरात्र में पूजन का विशेष महत्व है। चैत्र नवरात्र में यहां श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है। ऐसे में जिला प्रशासन ने इस बार मंदिर में विशेष प्रबंध करने की तैयारी शुरू कर दी है। मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग, ठहराव स्थल के साथ ही अन्य सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। सुरक्षा को लेकर अलग से प्रबंध किए जाएंगे।
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डीएम नेहा शर्मा ने बताया कि मां वाराही देवी मंदिर का धार्मिक महत्व है। यहां चैत्र नवरात्र में पूजन का विशेष महत्व है। ऐसे में चैत्र नवरात्र से पहले मंदिर की सुविधाओं के विकास की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। जल्द ही इसे धरातल पर उतारा जाएगा।
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ये काम होंगे
मंदिर का है ऐतिहासिक महत्व
मुकंदपुर स्थित मां वाराही देवी मंदिर भक्तों की आस्था का केंद्र है। पुराण के अनुसार, जब हिरण्यकश्यप के भाई हिरण्याक्ष का वध करने के लिए भगवान विष्णु ने वराह अवतार लिया था। तब पाताल लोक जाने के लिए आदिशक्ति की उपासना की थी, तो मुकुंदपुर में सुखनई नदी के तट पर मां वाराही देवी अवतरित हुईं थीं। मंदिर में एक सुरंग भी है। मान्यता के अनुसार भगवान वराह ने पाताल लोक तक का मार्ग इसी सुरंग से तय किया था और हिरण्याक्ष का वध किया था। मंदिर की सुरंग के गर्भगृह में अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित है।