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स्कूलों में ताला व शिक्षक नदारद
अमर उजाला/गोंडा
Updated Sat, 13 Aug 2016 10:52 PM IST
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बंद पड़ा स्कूल
- फोटो : अमर उजाला
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बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में पढ़ाई से लेकर परीक्षा कराने तक का अंदाज निराला है। इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को बिना किताब दिए ही सत्र परीक्षा कराने के बेसिक शिक्षा विभाग के दावे को परखने के लिए अमर उजाला की टीम ने शनिवार को जो कुछ देखा, वह इन परिषदीय विद्यालयों की पढ़ाई व परीक्षा कराने के दावे की पोल खोलने के लिए काफी है। प्रथम सत्र परीक्षा के अंतिम दिन रुपईडीह के दो स्कूल बंद मिले। इसके साथ ही कई स्कूलों से शिक्षक ही नदारद रहे। ऐसे में इस प्रथम सत्र परीक्षा के आयोजन पर सवालिया निशान लग गया है।
अफसरों के लाख प्रयासों के बाद भी बेसिक शिक्षा बेसिक विभाग के परिषदीय विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था बदहाल है। शिक्षा सत्र के तीन माह बीत जाने के बाद भी बेसिक शिक्षा विभाग अब तक जिले के 3.75 लाख नौनिहालों को किताब नहीं उपलब्ध करा सका है। इसके बावजूद बिना किताबों के ही 11 से 13 अगस्त के बीच प्रथम सत्र परीक्षा के कार्यक्रम की घोषणा कर दी गई।
इस प्रथम सत्र परीक्षा की हकीकत देखने के लिए शनिवार को अमर उजाला की टीम रुपईडीह के परिषदीय विद्यालयों में पहुंची तो कहीं स्कूलों में ताला लटकता मिला तो कहीं इन स्कूलों से शिक्षक ही नदारद रहे। इन स्कूलों में सत्र परीक्षा कागजों में पूरी करा दी र्गइं।
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पूर्व माध्यमिक विद्यालय का भवन बदहाल है। इस भवन पर सड़क बनाने वाले मजदूरों ने कब्जा जमा रखा है। विद्यालय की कक्षाएं प्राथमिक विद्यालय के अतिरिक्त कक्ष में संचालित की जाती हैं। शनिवार की सुबह 9 बजे तक इस विद्यालय में तैनात इंचार्ज प्रधानाध्यापक मो. शकील व सहायक अध्यापक संजय सिंह विद्यालय नहीं पहुंचे थे। बच्चे स्कूल के कैंपस में खेल रहे थे। शिक्षकों के संबंध में जानकारी करने पर बच्चों ने बताया कि गुरू जी 10 बजे के पहले नहीं आएंगे।
प्राथमिक विद्यालय तेंदुआ चौखड़िया में 130 बच्चों का नामांकन है। इस स्कूल में इंचार्ज प्रधानाध्यापक सुधीर प्रताप सिंह, सहायक अध्यापक शिव प्रताप व शिक्षामित्र अन्नपूर्णा शुक्ला की तैनाती है। लेकि न शनिवार की दोपहर 12.30 बजे इस विद्यालय में भी ताला लटक रहा था। आसपास के लोगों ने बताया कि विद्यालय में यहां तैनात शिक्षक कभी-कभार ही समय से स्कूल आते हैं।
प्राथमिक विद्यालय बल़ुआ ककरा में कुल 87 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। यहां की शिक्षा व्यवस्था की देखरेख के लिए प्रधानाध्यापक भानु प्रताप सिंह, सहायक अध्यापक शिव ओंकार मिश्र, भरत किशोर तिवारी व शिक्षामित्र विवेक कुमार की तैनाती है। जिसमें से भानुप्रताप सिंह 11 अगस्त से ही विद्यालय नहीं आए हैं। भरत किशोर तिवारी शनिवार को विद्यालय नहीं आए थे। विद्यालय में कुल 42 बच्चे मौजूद थे, लेकिन परीक्षा का कहीं नामोनिशान नहीं था। परीक्षा कराने के सवाल पर विद्यालय में मौजूद सहायक अध्यापक शिव ओंकार मिश्र ने बताया कि परीक्षा कराई जा रही है।
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अफसरों के लाख प्रयासों के बाद भी बेसिक शिक्षा बेसिक विभाग के परिषदीय विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था बदहाल है। शिक्षा सत्र के तीन माह बीत जाने के बाद भी बेसिक शिक्षा विभाग अब तक जिले के 3.75 लाख नौनिहालों को किताब नहीं उपलब्ध करा सका है। इसके बावजूद बिना किताबों के ही 11 से 13 अगस्त के बीच प्रथम सत्र परीक्षा के कार्यक्रम की घोषणा कर दी गई।
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इस प्रथम सत्र परीक्षा की हकीकत देखने के लिए शनिवार को अमर उजाला की टीम रुपईडीह के परिषदीय विद्यालयों में पहुंची तो कहीं स्कूलों में ताला लटकता मिला तो कहीं इन स्कूलों से शिक्षक ही नदारद रहे। इन स्कूलों में सत्र परीक्षा कागजों में पूरी करा दी र्गइं।
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पूर्व माध्यमिक विद्यालय का भवन बदहाल है। इस भवन पर सड़क बनाने वाले मजदूरों ने कब्जा जमा रखा है। विद्यालय की कक्षाएं प्राथमिक विद्यालय के अतिरिक्त कक्ष में संचालित की जाती हैं। शनिवार की सुबह 9 बजे तक इस विद्यालय में तैनात इंचार्ज प्रधानाध्यापक मो. शकील व सहायक अध्यापक संजय सिंह विद्यालय नहीं पहुंचे थे। बच्चे स्कूल के कैंपस में खेल रहे थे। शिक्षकों के संबंध में जानकारी करने पर बच्चों ने बताया कि गुरू जी 10 बजे के पहले नहीं आएंगे।
प्राथमिक विद्यालय तेंदुआ चौखड़िया में 130 बच्चों का नामांकन है। इस स्कूल में इंचार्ज प्रधानाध्यापक सुधीर प्रताप सिंह, सहायक अध्यापक शिव प्रताप व शिक्षामित्र अन्नपूर्णा शुक्ला की तैनाती है। लेकि न शनिवार की दोपहर 12.30 बजे इस विद्यालय में भी ताला लटक रहा था। आसपास के लोगों ने बताया कि विद्यालय में यहां तैनात शिक्षक कभी-कभार ही समय से स्कूल आते हैं।
प्राथमिक विद्यालय बल़ुआ ककरा में कुल 87 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। यहां की शिक्षा व्यवस्था की देखरेख के लिए प्रधानाध्यापक भानु प्रताप सिंह, सहायक अध्यापक शिव ओंकार मिश्र, भरत किशोर तिवारी व शिक्षामित्र विवेक कुमार की तैनाती है। जिसमें से भानुप्रताप सिंह 11 अगस्त से ही विद्यालय नहीं आए हैं। भरत किशोर तिवारी शनिवार को विद्यालय नहीं आए थे। विद्यालय में कुल 42 बच्चे मौजूद थे, लेकिन परीक्षा का कहीं नामोनिशान नहीं था। परीक्षा कराने के सवाल पर विद्यालय में मौजूद सहायक अध्यापक शिव ओंकार मिश्र ने बताया कि परीक्षा कराई जा रही है।