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Gonda News: युवती की गैर इरादतन हत्या के दोषी मौसा और उसके पिता को उम्रकैद
Thu, 29 Aug 2024 11:27 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 29 Aug 2024 11:27 PM IST
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गोंडा। युवती की गैर इरादतन हत्या के मामले में दोषी मौसा और उसके पिता को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार देहात कोतवाली क्षेत्र के ग्राम मधईपुर निवासी राममूर्ति ने कोतवाली में केस दर्ज कराया। इसमें कहा कि एक साल पहले ग्राम पिढैया मौजा भगहर बुलंद के रहने वाले उनके साढ़ू संतोष कुमार और उसके पिता कृष्ण नारायण उनका घर बनवाने और लड़की की शादी कराने की बात कहकर उन्हें व उनकी 19 साल की बेटी निशा को अपने घर ले गए। विश्वास में लेकर दोनों ने उनकी आठ बीघा जमीन भी लिखवा लिया। निशा की शादी न करनी पड़े इसलिए उसे बेरहमी से पीटा। जब उसकी हालत खराब हुई तो उसे जिला अस्पताल ले गए। वहां इलाज के दौरान 18 जून 2021 को निशा की मौत हो गई। विवेचना के दौरान अपराध के पुख्ता साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया।
गैर इरादतन हत्या के अपराध के साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त संतोष कुमार और कृष्ण नारायण को दोषी करार दिया। बृहस्पतिवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ रामदयाल ने संतोष कुमार व कृष्ण नारायण को प्राकृतिक जीवन शेष रहने तक (आजीवन) सश्रम कारावास व 50-50 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अदालत ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 396 के तहत पीड़ित पिता को प्रतिकर दिलाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव को आदेश दिया है।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार देहात कोतवाली क्षेत्र के ग्राम मधईपुर निवासी राममूर्ति ने कोतवाली में केस दर्ज कराया। इसमें कहा कि एक साल पहले ग्राम पिढैया मौजा भगहर बुलंद के रहने वाले उनके साढ़ू संतोष कुमार और उसके पिता कृष्ण नारायण उनका घर बनवाने और लड़की की शादी कराने की बात कहकर उन्हें व उनकी 19 साल की बेटी निशा को अपने घर ले गए। विश्वास में लेकर दोनों ने उनकी आठ बीघा जमीन भी लिखवा लिया। निशा की शादी न करनी पड़े इसलिए उसे बेरहमी से पीटा। जब उसकी हालत खराब हुई तो उसे जिला अस्पताल ले गए। वहां इलाज के दौरान 18 जून 2021 को निशा की मौत हो गई। विवेचना के दौरान अपराध के पुख्ता साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया।
गैर इरादतन हत्या के अपराध के साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त संतोष कुमार और कृष्ण नारायण को दोषी करार दिया। बृहस्पतिवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ रामदयाल ने संतोष कुमार व कृष्ण नारायण को प्राकृतिक जीवन शेष रहने तक (आजीवन) सश्रम कारावास व 50-50 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अदालत ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 396 के तहत पीड़ित पिता को प्रतिकर दिलाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव को आदेश दिया है।
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