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तेंदुए ने बच्ची को बनाया निवाला
अमर उजाला/बलरामपुर
Updated Fri, 15 Jul 2016 11:36 PM IST
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बच्ची की मौत के बाद रोती महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
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हरैया सतघरवा थाना क्षेत्र में तेंदुए ने तीन स्थानों पर हमला कर एक बच्ची को निवाला बना लिया तथा वृद्धा व बच्ची को घायल कर दिया। तेंदुए के ताबड़तोड़ हमले से आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने छानबीन शुरू कर दी है।
हरैया सतघरवा थाना क्षेत्र के टेंगनवार गांव निवासी सीताराम की बेटी प्रेम कुमारी (8) अपनी मां रामसंवारी के साथ गुरुवार की शाम घास काटने गांव के बाहर मक्के के खेत में गई थी। इसी दौरान खेत में बैठे तेंदुए ने अचानक प्रेम कुमारी को दबोच लिया और जंगल की तरफ भाग गया।
मां के शोर मचाने पर ग्रामीणों ने प्रेमकुमारी की तलाश शुरू कर दी। देर रात उसका शव दूर जंगल में मिला। उधर, पड़ोस के रतनवा गांव में देर रात घर के आंगन में सो रही रामरती (65) पर जंगल से आए तेंदुए ने हमला कर दिया। रामरती के दाहिने हाथ में चोट आई है।
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रामरती को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे तेंदुए ने मोतीपुर कला गांव निवासी बाउर की पुत्री बिंदू (9) पर हमला कर दिया। बिंदू गांव के बाहर मक्के के खेत की रखवाली कर रही थी। उसके चेहरे तथा गले पर गंभीर चोट आई है।
बिंदू के शोर मचाने पर आसपास के लोग दौड़े तो तेंदुआ उसे छोड़कर जंगल की तरफ भाग गया। बिंदू को सीएचसी शिवपुरा में भर्ती कराया गया। जहां हालत गंभीर होने पर डॉक्टर ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। मौके पर पहुंचे बनकटवा रेंजर तिलकराम आदि ने प्रेम कुमारी के पिता सीताराम को 10 हजार रुपये की तात्कालिक आर्थिक मदद दी तथा ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली।
क्षेत्र में ताबड़तोड़ हो रहे तेंदुओं के हमले से नाराज ग्रामीणों ने शुक्रवार को जोरदार प्रदर्शन किया। टेंगनवार के ग्राम प्रधान रामनरेश यादव तथा रतनवा के प्रधान महेश यादव के नेतृत्व में ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर घटनाओं के लिए वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया।
प्रदर्शन में शामिल बड़कऊ यादव, राम सुमिरन, राम किशुन, उमानाथ, मंशाराम, अलखराम, राकेश, धर्मदास, प्रेम कुमार, केशवराम, खेदू, पेशकार तथा रामसहाय ने बताया कि क्षेत्र में लगातार तेंदुए का हमला जारी है। वन विभाग के लोग तेंदुओं पर अंकुश लगाने के बजाय केवल ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह देते हैं। यही नहीं घायलों को सरकारी मदद भी नहीं दिलाई जाती है। इन लोगों ने डीएम तथा डीएफओ से क्षेत्र के गांवों में घूम रहे तेंदुओं पर प्रभावी अंकुश लगाने की मांग की है।
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हरैया सतघरवा थाना क्षेत्र के टेंगनवार गांव निवासी सीताराम की बेटी प्रेम कुमारी (8) अपनी मां रामसंवारी के साथ गुरुवार की शाम घास काटने गांव के बाहर मक्के के खेत में गई थी। इसी दौरान खेत में बैठे तेंदुए ने अचानक प्रेम कुमारी को दबोच लिया और जंगल की तरफ भाग गया।
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मां के शोर मचाने पर ग्रामीणों ने प्रेमकुमारी की तलाश शुरू कर दी। देर रात उसका शव दूर जंगल में मिला। उधर, पड़ोस के रतनवा गांव में देर रात घर के आंगन में सो रही रामरती (65) पर जंगल से आए तेंदुए ने हमला कर दिया। रामरती के दाहिने हाथ में चोट आई है।
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रामरती को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे तेंदुए ने मोतीपुर कला गांव निवासी बाउर की पुत्री बिंदू (9) पर हमला कर दिया। बिंदू गांव के बाहर मक्के के खेत की रखवाली कर रही थी। उसके चेहरे तथा गले पर गंभीर चोट आई है।
बिंदू के शोर मचाने पर आसपास के लोग दौड़े तो तेंदुआ उसे छोड़कर जंगल की तरफ भाग गया। बिंदू को सीएचसी शिवपुरा में भर्ती कराया गया। जहां हालत गंभीर होने पर डॉक्टर ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। मौके पर पहुंचे बनकटवा रेंजर तिलकराम आदि ने प्रेम कुमारी के पिता सीताराम को 10 हजार रुपये की तात्कालिक आर्थिक मदद दी तथा ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली।
क्षेत्र में ताबड़तोड़ हो रहे तेंदुओं के हमले से नाराज ग्रामीणों ने शुक्रवार को जोरदार प्रदर्शन किया। टेंगनवार के ग्राम प्रधान रामनरेश यादव तथा रतनवा के प्रधान महेश यादव के नेतृत्व में ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर घटनाओं के लिए वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया।
प्रदर्शन में शामिल बड़कऊ यादव, राम सुमिरन, राम किशुन, उमानाथ, मंशाराम, अलखराम, राकेश, धर्मदास, प्रेम कुमार, केशवराम, खेदू, पेशकार तथा रामसहाय ने बताया कि क्षेत्र में लगातार तेंदुए का हमला जारी है। वन विभाग के लोग तेंदुओं पर अंकुश लगाने के बजाय केवल ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह देते हैं। यही नहीं घायलों को सरकारी मदद भी नहीं दिलाई जाती है। इन लोगों ने डीएम तथा डीएफओ से क्षेत्र के गांवों में घूम रहे तेंदुओं पर प्रभावी अंकुश लगाने की मांग की है।