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नेताओं ने स्कूलों को दिया 5.78 करोड़ अनुदान
अमर उजाला/बलरामपुर
Updated Sat, 23 Apr 2016 11:10 PM IST
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पिछले करीब साढ़े चार साल में जिले के माननीयों ने स्कूल तथा कॉलेजों को अनुदान के नाम पर अब तक पांच करोड़ 78 लाख रुपये दिए हैं। अनुदान देने के मामले में जहां कुछ ने जमकर दरियादिली दिखाई तो वहीं कुछ इसके प्रति काफी सावधान दिख रहे हैं।
पूर्व के माननीय भी इस मामले में पीछे नहीं रहे हैं। श्रावस्ती सांसद तथा उतरौला विधायक ने अपने कार्यकाल में अभी तक स्कूलों को अनुदान देने से दूरी बनाए रखी है।
अमर उजाला टीम’ ने शनिवार को जिले के माननीयों की निधि के खर्च की पड़ताल की तो स्कूल-कॉलेजों को अनुदान में बड़ी रकम देने का पता चला। हालांकि माननीयों ने किस स्कूल को क्या दिया? ये बताने से अधिकारी-कर्मचारी कन्नी काट रहे हैं। पेश है रिपोर्ट -
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सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं जंतु उद्यान राज्यमंत्री डॉ. एसपी यादव ने साढ़े चार साल के कार्यकाल में स्कूलों पर सबसे कम पैसा खर्च किया है। मंत्री के परिवारीजन गैसड़ी तथा बलरामपुर में दो स्कूलों का संचालन कर रहे हैं इसके बावजूद उन्होंने जिले के स्कूलों को करीब 69 लाख रुपये ही अपनी निधि से अनुदान दिया है।
बलरामपुर सदर सीट से सपा विधायक जगराम पासवान तथा उनके परिवारीजन क्षेत्र में कोई विद्यालय तो नहीं चलाते हैं मगर विधायक ने चार साल में स्कूलों को करीब एक करोड़ 90 लाख रुपये अनुदान दिया है। विधायक का कहना है कि क्षेत्र में शिक्षा के विकास पर उनका ज्यादा जोर है।
तुलसीपुर क्षेत्र के सपा विधायक मशहूद खां ने भी स्कूलों पर खूब दरियादिली दिखाई है। विधायक ने पिछले तीन साल में अपनी निधि से स्कूलों को दो करोड़ 47 लाख रुपये अनुदान दिया है। हालांकि विधायक तथा उनके परिवारीजन किसी स्कूल का संचालन नहीं कर रहे हैं। इसके बावजूद विधायक ने मात्र तीन साल में ही करीब ढाई करोड़ रुपये स्कूलों पर खर्च कर दिए।
गोंडा-बलरामपुर क्षेत्र की पूर्व एमएलसी सविता सिंह ने भी अपने कार्यकाल में दो जिलों के स्कूलों पर करीब 69 लाख रुपये खर्च किये हैं। ये आंकडे़ विकास भवन में माननीयों द्वारा स्कूलों को दी गई मदद का ब्यौरा खंगालने पर मिले हैं। हालांकि माननीयों ने किस स्कूल को कितना पैसा दिया, इसकी जानकारी देने से अधिकारी व कर्मचारी कन्नी काट रहे हैं।
पूर्व के कार्यकाल में अपने ही स्कूलों को विधायक निधि देने के मामले में फंस चुके उतरौला से सपा विधायक आरिफ अनवर हाशमी इस बार के कार्यकाल में काफी सतर्क हैं। विधायक तथा उनके परिवारीजन क्षेत्र में करीब आधा दर्जन डिग्री कॉलेज का संचालन करा रहे हैं। विधायक ने अपने वर्तमान कार्यकाल में किसी भी स्कूल को कोई पैसा नहीं दिया है।
श्रावस्ती के भाजपा सांसद दद्दन मिश्र ने दो साल के कार्यकाल में अभी तक स्कूलों को अपनी निधि से कोई अनुदान नहीं दिया है। पूर्व सांसद विनय कुमार पांडेय ने अपने बाबा के नाम से संचालित इंटर कॉलेज को निधि देकर उपकृत किया था। वर्तमान सांसद अभी स्कूलों पर दरियादिली दिखाने में पीछे दिख दे रहे हैं। आने वाले समय में सांसद क्या करेंगे? ये देखना अभी बाकी है।
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पूर्व के माननीय भी इस मामले में पीछे नहीं रहे हैं। श्रावस्ती सांसद तथा उतरौला विधायक ने अपने कार्यकाल में अभी तक स्कूलों को अनुदान देने से दूरी बनाए रखी है।
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अमर उजाला टीम’ ने शनिवार को जिले के माननीयों की निधि के खर्च की पड़ताल की तो स्कूल-कॉलेजों को अनुदान में बड़ी रकम देने का पता चला। हालांकि माननीयों ने किस स्कूल को क्या दिया? ये बताने से अधिकारी-कर्मचारी कन्नी काट रहे हैं। पेश है रिपोर्ट -
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सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं जंतु उद्यान राज्यमंत्री डॉ. एसपी यादव ने साढ़े चार साल के कार्यकाल में स्कूलों पर सबसे कम पैसा खर्च किया है। मंत्री के परिवारीजन गैसड़ी तथा बलरामपुर में दो स्कूलों का संचालन कर रहे हैं इसके बावजूद उन्होंने जिले के स्कूलों को करीब 69 लाख रुपये ही अपनी निधि से अनुदान दिया है।
बलरामपुर सदर सीट से सपा विधायक जगराम पासवान तथा उनके परिवारीजन क्षेत्र में कोई विद्यालय तो नहीं चलाते हैं मगर विधायक ने चार साल में स्कूलों को करीब एक करोड़ 90 लाख रुपये अनुदान दिया है। विधायक का कहना है कि क्षेत्र में शिक्षा के विकास पर उनका ज्यादा जोर है।
तुलसीपुर क्षेत्र के सपा विधायक मशहूद खां ने भी स्कूलों पर खूब दरियादिली दिखाई है। विधायक ने पिछले तीन साल में अपनी निधि से स्कूलों को दो करोड़ 47 लाख रुपये अनुदान दिया है। हालांकि विधायक तथा उनके परिवारीजन किसी स्कूल का संचालन नहीं कर रहे हैं। इसके बावजूद विधायक ने मात्र तीन साल में ही करीब ढाई करोड़ रुपये स्कूलों पर खर्च कर दिए।
गोंडा-बलरामपुर क्षेत्र की पूर्व एमएलसी सविता सिंह ने भी अपने कार्यकाल में दो जिलों के स्कूलों पर करीब 69 लाख रुपये खर्च किये हैं। ये आंकडे़ विकास भवन में माननीयों द्वारा स्कूलों को दी गई मदद का ब्यौरा खंगालने पर मिले हैं। हालांकि माननीयों ने किस स्कूल को कितना पैसा दिया, इसकी जानकारी देने से अधिकारी व कर्मचारी कन्नी काट रहे हैं।
पूर्व के कार्यकाल में अपने ही स्कूलों को विधायक निधि देने के मामले में फंस चुके उतरौला से सपा विधायक आरिफ अनवर हाशमी इस बार के कार्यकाल में काफी सतर्क हैं। विधायक तथा उनके परिवारीजन क्षेत्र में करीब आधा दर्जन डिग्री कॉलेज का संचालन करा रहे हैं। विधायक ने अपने वर्तमान कार्यकाल में किसी भी स्कूल को कोई पैसा नहीं दिया है।
श्रावस्ती के भाजपा सांसद दद्दन मिश्र ने दो साल के कार्यकाल में अभी तक स्कूलों को अपनी निधि से कोई अनुदान नहीं दिया है। पूर्व सांसद विनय कुमार पांडेय ने अपने बाबा के नाम से संचालित इंटर कॉलेज को निधि देकर उपकृत किया था। वर्तमान सांसद अभी स्कूलों पर दरियादिली दिखाने में पीछे दिख दे रहे हैं। आने वाले समय में सांसद क्या करेंगे? ये देखना अभी बाकी है।