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Gonda News: मेडिकल कॉलेज में पहली बार हुई घुटने की सर्जरी
Tue, 06 Jan 2026 12:28 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 06 Jan 2026 12:28 AM IST
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गोंडा। चलने में असमर्थ मरीज के घुटने (लिगामेंट) की मेडिकल कॉलेज में दूरबीन विधि से सर्जरी की गई है। मरीज का सफल ऑपरेशन डॉ. अतुल सिंह ने किया है। इसी तरह देवरिया के रहने वाले एक बुजुर्ग का कूल्हा प्रत्यारोपण किया गया है। दोनों मरीज अब स्वस्थ हैं।
मेडिकल कॉलेज के डॉ. अतुल सिंह ने बताया कि लिगामेंट सर्जरी की यहां कोई सुविधा नहीं थी। तरबगंज के सेमरा जमालखानी निवासी अवध किशोर का दो साल पहले घुटना टूट गया था। उन्होंने कई जगह इलाज कराया, लेकिन फायदा नहीं हुआ। मेडिकल कॉलेज आने पर उन्होंने अवध किशोर का इलाज शुरू किया। ऑपरेशन के लिए लखनऊ से किराये पर मशीन मंगवाई गई। एक जनवरी को घुटने का दूरबीन विधि से ऑपरेशन किया गया। मरीज अब स्वस्थ है।
डॉ. अतुल ने बताया कि इसी तरह का ऑपरेशन 2024 में भी किया था। जनवरी में दूसरा ऑपरेशन किया है। दोनों सफल हैं। उन्होंने बताया कि लखनऊ व कानपुर में इस तरह का ऑपरेशन कराने में एक लाख रुपये से अधिक खर्च आएगा। निजी अस्पतालों में दो से तीन लाख रुपये में ऑपरेशन होता है। गोंडा मेडिकल कॉलेज में अब वह रेग्युलर ऑपरेशन कर रहे हैं। अवध किशोर ने बताया कि पहले चलने में बहुत मुश्किल होती थी। चलने पर आवाज आती थी। अब बिल्कुल ठीक हैं।
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देवरिया निवासी किशन सिंह ने बताया कि कूल्हे में दिक्कत थी। हड्डी सड़ गई थी। छह-सात महीने से परेशान थे। एक रिश्तेदार ने देवरिया में बताया था कि गोंडा में डॉ. अतुल सिंह बेहतर इलाज करते हैं। इसके बाद वह लोग आ गए। गोंडा मेडिकल कॉलेज में कूल्हे का प्रत्यारोपण कराया है। अब आराम है।
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मेडिकल कॉलेज के डॉ. अतुल सिंह ने बताया कि लिगामेंट सर्जरी की यहां कोई सुविधा नहीं थी। तरबगंज के सेमरा जमालखानी निवासी अवध किशोर का दो साल पहले घुटना टूट गया था। उन्होंने कई जगह इलाज कराया, लेकिन फायदा नहीं हुआ। मेडिकल कॉलेज आने पर उन्होंने अवध किशोर का इलाज शुरू किया। ऑपरेशन के लिए लखनऊ से किराये पर मशीन मंगवाई गई। एक जनवरी को घुटने का दूरबीन विधि से ऑपरेशन किया गया। मरीज अब स्वस्थ है।
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डॉ. अतुल ने बताया कि इसी तरह का ऑपरेशन 2024 में भी किया था। जनवरी में दूसरा ऑपरेशन किया है। दोनों सफल हैं। उन्होंने बताया कि लखनऊ व कानपुर में इस तरह का ऑपरेशन कराने में एक लाख रुपये से अधिक खर्च आएगा। निजी अस्पतालों में दो से तीन लाख रुपये में ऑपरेशन होता है। गोंडा मेडिकल कॉलेज में अब वह रेग्युलर ऑपरेशन कर रहे हैं। अवध किशोर ने बताया कि पहले चलने में बहुत मुश्किल होती थी। चलने पर आवाज आती थी। अब बिल्कुल ठीक हैं।
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देवरिया निवासी किशन सिंह ने बताया कि कूल्हे में दिक्कत थी। हड्डी सड़ गई थी। छह-सात महीने से परेशान थे। एक रिश्तेदार ने देवरिया में बताया था कि गोंडा में डॉ. अतुल सिंह बेहतर इलाज करते हैं। इसके बाद वह लोग आ गए। गोंडा मेडिकल कॉलेज में कूल्हे का प्रत्यारोपण कराया है। अब आराम है।