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अपात्रों को दिए सात करोड़ अब वसूली में छूटा पसीना
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गोंडा। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ लेने वाले 3583 किसानों से वसूली करने में कृषि विभाग के पसीने छूट रहे हैं। योजना के तहत इन किसानों के खाते में किसान सम्मान निधि की दस किस्त यानि करीब सात करोड़ 16 लाख रुपये भेज दिए गए। सरकारी आदेश के अनुसार अब इन किसानों से वसूली करनी है। विभागीय अधिकारी इन लाभार्थियों को नोटिस भेज सम्मान निधि की धनराशि वापस करने की अपील कर रहे हैं।
जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के 499736 किसानों को सम्मान निधि की दसवीं किस्त का लाभ मिला है। विभागीय सर्वे के अनुसार इनमें से 3583 किसान अपात्र आयकर दाता, पति-पत्नी दोनों, सरकारी कर्मी चिह्नित किए गए। इन अपात्र किसानों को दस किश्त यानि सात करोड़ 16 लाख 60 हजार रुपये का भुगतान प्राप्त हुआ। धनराशि के वापसी के लिए पीएम किसान पोर्टल पर ऑनलाइन विकल्प दिए गए हैं। कृषि अधिकारी कार्यालय जाकर धनराशि जमा की जा सकती है। अपात्र किसानों की ओर से एक माह में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से प्राप्त धनराशि वापस नहीं की गई तो उनके खिलाफ आरसी जारी कर वसूली की जाएगी।
इनको माना गया अपात्र
उप कृषि निदेशक शैलेंद्र कुमार शाही ने अनुसार, पति-पत्नी, आयकरदाता, मृतक, भूमिहीन, जिन कृषकों ने भूमि बेच दी, पेंशनर (दस हजार से अधिक), संवैधानिक पदधारक, सरकारी कर्मचारी (समूह घ को छोड़कर), डॉक्टर, इंजीनियर, अधिवक्ता, सीए आदि को अपात्र कर वसूली की कार्रवाई की जाएगी। जिन किसानों को किसी कारणवश योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है तथा वह प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में पंजीकृत हैं। ऐसे किसान ( गलत नाम, गलत आधार नंबर) सुधार के लिए अपना नवीनतम आधार कार्ड, पंजीकृत बैंक पासबुक, विभाग में जमाकर दें ताकि किसान के डाटा में सुधार हो सके।
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जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के 499736 किसानों को सम्मान निधि की दसवीं किस्त का लाभ मिला है। विभागीय सर्वे के अनुसार इनमें से 3583 किसान अपात्र आयकर दाता, पति-पत्नी दोनों, सरकारी कर्मी चिह्नित किए गए। इन अपात्र किसानों को दस किश्त यानि सात करोड़ 16 लाख 60 हजार रुपये का भुगतान प्राप्त हुआ। धनराशि के वापसी के लिए पीएम किसान पोर्टल पर ऑनलाइन विकल्प दिए गए हैं। कृषि अधिकारी कार्यालय जाकर धनराशि जमा की जा सकती है। अपात्र किसानों की ओर से एक माह में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से प्राप्त धनराशि वापस नहीं की गई तो उनके खिलाफ आरसी जारी कर वसूली की जाएगी।
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इनको माना गया अपात्र
उप कृषि निदेशक शैलेंद्र कुमार शाही ने अनुसार, पति-पत्नी, आयकरदाता, मृतक, भूमिहीन, जिन कृषकों ने भूमि बेच दी, पेंशनर (दस हजार से अधिक), संवैधानिक पदधारक, सरकारी कर्मचारी (समूह घ को छोड़कर), डॉक्टर, इंजीनियर, अधिवक्ता, सीए आदि को अपात्र कर वसूली की कार्रवाई की जाएगी। जिन किसानों को किसी कारणवश योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है तथा वह प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में पंजीकृत हैं। ऐसे किसान ( गलत नाम, गलत आधार नंबर) सुधार के लिए अपना नवीनतम आधार कार्ड, पंजीकृत बैंक पासबुक, विभाग में जमाकर दें ताकि किसान के डाटा में सुधार हो सके।
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