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फर्जी शिक्षकों पर केस न होने पर डीआईओएस को नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 28 Sep 2016 11:38 PM IST
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- फोटो : demo pic
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माध्यमिक शिक्षा विभाग के राजकीय स्कूलों में जाली शैक्षिक दस्तावेज लगाकर नौकरी करने वाले देवीपाटन मंडल के 25 शिक्षकों के खिलाफ चार माह बाद भी एफआईआर नहीं दर्ज की गई।
इसे गंभीरता से लेते हुए माध्यमिक शिक्षा के देवीपाटन मंडल के संयुक्त शिक्षा निदेशक ने बुधवार को मंडल के चारों जिलों के जिला विद्यालय निरीक्षकों को नोटिस जारी कर इस प्रकरण में अब तक की गई कार्रवाई का ब्योरा एक सप्ताह में तलब किया है। जेडी के इस रुख से माध्यमिक शिक्षा विभाग में खलबली मच गई है।
देवीपाटन मंडल के राजकीय विद्यालयों में दो वर्ष पहले शिक्षकों की तैनाती की गई थी। इन शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों का जब सत्यापन कराया गया तो पूरे मंडल में 25 शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेख फर्जी पाए गए।
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सत्यापन रिपोर्ट मिलने के बाद मई में जाली दस्तावेज लगाकर नौकरी करने वाले इन शिक्षकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए गए। इस आदेश के बाद इनको नौकरी से तो हटा दिया गया लेकिन इनके खिलाफ एफआईआर कराने की कार्रवाई को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
माध्यमिक शिक्षा के देवीपाटन मंडल के संयुक्त शिक्षा निदेशक उदयराज ने बताया कि जब इस प्रकरण की समीक्षा की गई तो प्राथमिकी न दर्ज कराए जाने का खुलासा हुआ। इसे गंभीरता से लेते हुए उन्होंने बुधवार को जिला विद्यालय निरीक्षकों को इन शिक्षकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
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इसे गंभीरता से लेते हुए माध्यमिक शिक्षा के देवीपाटन मंडल के संयुक्त शिक्षा निदेशक ने बुधवार को मंडल के चारों जिलों के जिला विद्यालय निरीक्षकों को नोटिस जारी कर इस प्रकरण में अब तक की गई कार्रवाई का ब्योरा एक सप्ताह में तलब किया है। जेडी के इस रुख से माध्यमिक शिक्षा विभाग में खलबली मच गई है।
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देवीपाटन मंडल के राजकीय विद्यालयों में दो वर्ष पहले शिक्षकों की तैनाती की गई थी। इन शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों का जब सत्यापन कराया गया तो पूरे मंडल में 25 शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेख फर्जी पाए गए।
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सत्यापन रिपोर्ट मिलने के बाद मई में जाली दस्तावेज लगाकर नौकरी करने वाले इन शिक्षकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए गए। इस आदेश के बाद इनको नौकरी से तो हटा दिया गया लेकिन इनके खिलाफ एफआईआर कराने की कार्रवाई को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
माध्यमिक शिक्षा के देवीपाटन मंडल के संयुक्त शिक्षा निदेशक उदयराज ने बताया कि जब इस प्रकरण की समीक्षा की गई तो प्राथमिकी न दर्ज कराए जाने का खुलासा हुआ। इसे गंभीरता से लेते हुए उन्होंने बुधवार को जिला विद्यालय निरीक्षकों को इन शिक्षकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।