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बर्निंग ट्रेन बनने से बची जनसेवा एक्सप्रेस
अमर उजाला/गोंडा
Updated Thu, 27 Apr 2017 10:58 PM IST
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ट्रेन से निकलता धुआं
- फोटो : अमर उजाला
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अमृतसर से सहरसा बिहार जा रही जनसेवा एक्सप्रेस की सात नंबर बोगी में गुरुवार को अचानक आग की लपटें उठने लगीं। ट्रेन अभी मिश्रौलिया रेलवे क्रॉसिंग पहुंची ही थी कि गेटमैन जगप्रसाद ने लोको पायलट को सिग्नल देकर गाड़ी को रुकवा दिया। जिसके बाद ट्रेन की जनरल बोगी में बैठे यात्री कूदकर भागने लगे।
उधर, ट्रेन की सात नंबर बोगी में आग लगने की सूचना जब तक फायर ब्रिगेड को मिली, तब तक मिश्रौलिया गांव के लोगों ने यात्रियों की मदद से आग पर काबू पा लिया। इससे जनसेवा एक्सप्रेस बर्निंग ट्रेन बनने से बच गई। वहीं, ट्रेन की बोगी में लगी आग को बुझाने तक मिश्रौलिया रेल फाटक भी करीब एक घंटे तक बंद रहा, जिससे गोंडा-बहराइच मार्ग पर वाहनों का लंबा जाम लग गया।
बताया जाता है कि अमृतसर से सहरसा बिहार जाने वाली जनसेवा एक्सप्रेस ट्रेन के गोंडा पहुंचने का समय दिन के एक बजे निर्धारित है। गुरुवार को यह ट्रेन दोपहर 12.40 बजे जैसे ही मिश्रौलिया रेलवे समपार फाटक 262 के पास पहुंची कि यहां तैनात गेटमैन जगप्रसाद को गाड़ी की एक बोगी में पहिए के पास ब्रेकशू से आग की लपटें और धुआं निकलता दिखाई दिया।
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इस पर गेटमैन ने ट्रेन के लोको पायलट मदनलाल को इसका सिग्नल दिया। जिस पर मदनलाल ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को मिश्रौलिया रेलवे फाटक पर ही खड़ा कर दिया। उधर, इसी बीच बोगी नंबर सात के भीतर लगे पंखे में भी अचानक तेज स्पार्किंग से आग लग गई, जिससे इस बोगी में सवार यात्री ट्रेन के रुकते ही जिधर से भी जगह मिली, उधर से नीचे कूदकर भागने लगे।
ट्रेन की बोगी नंबर सात के ऊपरी हिस्से से आग की तेज लपटें और धुआं निकलते देख आनन-फानन में लोको पायलट ने गार्ड के डिब्बे में रखे तीन अग्निशमन यंत्र से काबू पाने का काम शुरू ही किया था कि इतने में मिश्रौलिया गांव के लोग भी इकट्ठा हो गए और उन्होंने वहीं पास के एक तालाब से पंपिंग सेट लगाकर जैसे-तैसे आग पर काबू पाया।
हालांकि आग बुझते-बुझते फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंच गई। जिसके बाद रेल अधिकारियों का मौके पर जमावड़ा होना शुरू हो गया। बाद में बोगी नंबर सात के डिब्बे को काटकर अलग करने के बाद उसे ट्रेन के सबसे पिछले हिस्से में जोड़ा गया। जबकि इस बोगी में सवार यात्रियों को अन्य बोगियों में शिफ्ट किए जाने के बाद गाड़ी को आगे के लिए रवाना किया गया। इस दौरान करीब एक घंटे तक ट्रेन मिश्रौलिया रेलवे फाटक पर खड़ी रही, जिससे गोंडा-बहराइच मार्ग का आवागमन पूरी तरह से बाधित रहा।
गुरुवार की दोपहर अमृतसर से सहरसा बिहार जा रही जनसेवा एक्सप्रेस की सात नंबर बोगी में पहले ब्रेकशू तो बाद में पंखे की शॉर्ट सर्किट से लगी आग की डीआरएम आलोक सिंह ने जांच के आदेश दिए हैं। इसके लिए उन्होंने चार सदस्यीय एक टीम भी गठित की है। गुरुवार को जले हुए इसी डिब्बे में बैठाकर रेल अधिकारियों की एक टीम को गोरखपुर भेजा गया। यह अधिकारी गोरखपुर जाकर इस ट्रेन के डिब्बे में लगी आग की जांच करेंगे।
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उधर, ट्रेन की सात नंबर बोगी में आग लगने की सूचना जब तक फायर ब्रिगेड को मिली, तब तक मिश्रौलिया गांव के लोगों ने यात्रियों की मदद से आग पर काबू पा लिया। इससे जनसेवा एक्सप्रेस बर्निंग ट्रेन बनने से बच गई। वहीं, ट्रेन की बोगी में लगी आग को बुझाने तक मिश्रौलिया रेल फाटक भी करीब एक घंटे तक बंद रहा, जिससे गोंडा-बहराइच मार्ग पर वाहनों का लंबा जाम लग गया।
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बताया जाता है कि अमृतसर से सहरसा बिहार जाने वाली जनसेवा एक्सप्रेस ट्रेन के गोंडा पहुंचने का समय दिन के एक बजे निर्धारित है। गुरुवार को यह ट्रेन दोपहर 12.40 बजे जैसे ही मिश्रौलिया रेलवे समपार फाटक 262 के पास पहुंची कि यहां तैनात गेटमैन जगप्रसाद को गाड़ी की एक बोगी में पहिए के पास ब्रेकशू से आग की लपटें और धुआं निकलता दिखाई दिया।
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इस पर गेटमैन ने ट्रेन के लोको पायलट मदनलाल को इसका सिग्नल दिया। जिस पर मदनलाल ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को मिश्रौलिया रेलवे फाटक पर ही खड़ा कर दिया। उधर, इसी बीच बोगी नंबर सात के भीतर लगे पंखे में भी अचानक तेज स्पार्किंग से आग लग गई, जिससे इस बोगी में सवार यात्री ट्रेन के रुकते ही जिधर से भी जगह मिली, उधर से नीचे कूदकर भागने लगे।
ट्रेन की बोगी नंबर सात के ऊपरी हिस्से से आग की तेज लपटें और धुआं निकलते देख आनन-फानन में लोको पायलट ने गार्ड के डिब्बे में रखे तीन अग्निशमन यंत्र से काबू पाने का काम शुरू ही किया था कि इतने में मिश्रौलिया गांव के लोग भी इकट्ठा हो गए और उन्होंने वहीं पास के एक तालाब से पंपिंग सेट लगाकर जैसे-तैसे आग पर काबू पाया।
हालांकि आग बुझते-बुझते फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंच गई। जिसके बाद रेल अधिकारियों का मौके पर जमावड़ा होना शुरू हो गया। बाद में बोगी नंबर सात के डिब्बे को काटकर अलग करने के बाद उसे ट्रेन के सबसे पिछले हिस्से में जोड़ा गया। जबकि इस बोगी में सवार यात्रियों को अन्य बोगियों में शिफ्ट किए जाने के बाद गाड़ी को आगे के लिए रवाना किया गया। इस दौरान करीब एक घंटे तक ट्रेन मिश्रौलिया रेलवे फाटक पर खड़ी रही, जिससे गोंडा-बहराइच मार्ग का आवागमन पूरी तरह से बाधित रहा।
गुरुवार की दोपहर अमृतसर से सहरसा बिहार जा रही जनसेवा एक्सप्रेस की सात नंबर बोगी में पहले ब्रेकशू तो बाद में पंखे की शॉर्ट सर्किट से लगी आग की डीआरएम आलोक सिंह ने जांच के आदेश दिए हैं। इसके लिए उन्होंने चार सदस्यीय एक टीम भी गठित की है। गुरुवार को जले हुए इसी डिब्बे में बैठाकर रेल अधिकारियों की एक टीम को गोरखपुर भेजा गया। यह अधिकारी गोरखपुर जाकर इस ट्रेन के डिब्बे में लगी आग की जांच करेंगे।