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गोंडा: एक और भैंस की मौत पर बीमा कंपनी पर लगा जुर्माना
Fri, 10 Feb 2023 12:12 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Fri, 10 Feb 2023 12:12 AM IST
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गोंडा। जिला उपभोक्ता फोरम ने एक और भैंस की मौत के मामले में सुनवाई करते हुए बीमा कंपनी पर जुर्माना लगाने का आदेश दिया है। फोरम से भैंस की मौत का यह दूसरा मामला निस्तारित हुआ है।
पशुपालक को बीमित धनराशि के क्लेम का भुगतान न करने पर फोरम ने बीमा कंपनी पर आठ हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। डेढ़ माह में सात प्रतिशत ब्याज सहित बीमा क्लेम धनराशि 20 हजार रुपये भुगतान करना होगा।
इस बार का मामला सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम छजवा गोसाईंपुरवा निवासी राजितराम ने अधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद ओझा के माध्यम से जिला उपभोक्ता फोरम में प्रस्तुत परिवाद में कहा कि उसने साल 2011 में सर्वयूपी ग्रामीण बैंक शाखा धनेपुर से 40 हजार रुपए ऋण लेकर 17 नवंबर 2011 को 20 हजार रुपए में एक भैंस खरीदी थी। 960 रुपए का प्रीमियम अदाकर बजाज एलियांज जनरल इंश्योरेंस कंपनी लि. की हजरतगंज लखनऊ शाखा से अपने भैंस का 20 हजार रुपए का बीमा कराया था। जिसकी वैधता तिथि 30 नवंबर 2014 थी। 17 अक्टूबर 2013 को भैंस बीमार हुई और मर गई।
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परिवादी ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट व अन्य कागजात के साथ बीमा कंपनी को दावा प्रपत्र प्रस्तुत कर बीमित धनराशि 20 हजार रुपए दिलाने की मांग की। लेकिन बीमा कंपनी ने परिवादी को क्लेम न देने की नीयत से उसके दावे को लटकाए रखा। परिवाद की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षें की ओर से की गई बहस व पेश किए गए साक्ष्य के आधार पर फोरम ने माना कि बीमा कंपनी ने परिवादी को भैंस की बीमित धनराशि का समय से भुगतान न करना सेवा में कमी है।
मामले में निर्णय सुनाते हुए फोरम के अध्यक्ष रामानंद, सदस्य सुभाष सिंह व मंजू रावत ने बीमा कंपनी को सात प्रतिशत ब्याज के साथ बीमित धनराशि 20 हजार रुपए डेढ़ माह के अंदर परिवादी को भुगतान करने और शारीरिक, मानसिक व आर्थिक क्षतिपूर्ति के लिए पांच हजार तथा वाद खर्च के लिए तीन हजार रुपए परिवादी को अदा करने का आदेश दिया है। नियत अवधि में भुगतान न होने पर निर्णय की तिथि से वास्तविक भुगतान की तिथि तक बीमा धनराशि पर परिवादी को नौ प्रतिशत ब्याज देय होगा।
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पशुपालक को बीमित धनराशि के क्लेम का भुगतान न करने पर फोरम ने बीमा कंपनी पर आठ हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। डेढ़ माह में सात प्रतिशत ब्याज सहित बीमा क्लेम धनराशि 20 हजार रुपये भुगतान करना होगा।
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इस बार का मामला सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम छजवा गोसाईंपुरवा निवासी राजितराम ने अधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद ओझा के माध्यम से जिला उपभोक्ता फोरम में प्रस्तुत परिवाद में कहा कि उसने साल 2011 में सर्वयूपी ग्रामीण बैंक शाखा धनेपुर से 40 हजार रुपए ऋण लेकर 17 नवंबर 2011 को 20 हजार रुपए में एक भैंस खरीदी थी। 960 रुपए का प्रीमियम अदाकर बजाज एलियांज जनरल इंश्योरेंस कंपनी लि. की हजरतगंज लखनऊ शाखा से अपने भैंस का 20 हजार रुपए का बीमा कराया था। जिसकी वैधता तिथि 30 नवंबर 2014 थी। 17 अक्टूबर 2013 को भैंस बीमार हुई और मर गई।
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परिवादी ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट व अन्य कागजात के साथ बीमा कंपनी को दावा प्रपत्र प्रस्तुत कर बीमित धनराशि 20 हजार रुपए दिलाने की मांग की। लेकिन बीमा कंपनी ने परिवादी को क्लेम न देने की नीयत से उसके दावे को लटकाए रखा। परिवाद की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षें की ओर से की गई बहस व पेश किए गए साक्ष्य के आधार पर फोरम ने माना कि बीमा कंपनी ने परिवादी को भैंस की बीमित धनराशि का समय से भुगतान न करना सेवा में कमी है।
मामले में निर्णय सुनाते हुए फोरम के अध्यक्ष रामानंद, सदस्य सुभाष सिंह व मंजू रावत ने बीमा कंपनी को सात प्रतिशत ब्याज के साथ बीमित धनराशि 20 हजार रुपए डेढ़ माह के अंदर परिवादी को भुगतान करने और शारीरिक, मानसिक व आर्थिक क्षतिपूर्ति के लिए पांच हजार तथा वाद खर्च के लिए तीन हजार रुपए परिवादी को अदा करने का आदेश दिया है। नियत अवधि में भुगतान न होने पर निर्णय की तिथि से वास्तविक भुगतान की तिथि तक बीमा धनराशि पर परिवादी को नौ प्रतिशत ब्याज देय होगा।