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Gonda News: मनरेगा में गड़बड़ियों पर लगेगी लगाम, पलक झपकाने पर लगेगी हाजिरी
Wed, 29 Jan 2025 10:59 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 29 Jan 2025 10:59 PM IST
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मोतीगंज/गोंडा। मनरेगा में गड़बड़ी पर लगाम लगाने के लिए नया सॉफ्टवेयर लागू किया गया है। एनएमएमएस (नेशनल मोबाइल मॉनीटरिंग सिस्टम) के माध्यम से कार्यस्थल पर ही मजदूरों की हाजिरी लगाई जानी है।
खास बात ये है कि हाजिरी के समय जब मजदूर आंखों की पलक झपकाएंगे तभी हाजिरी लग पाएगी। कार्यस्थल पर जितने श्रमिक मौजूद रहेंगे, रोजगार सेवक सिर्फ उनकी ही हाजिरी दर्ज कर पाएंगे। ऑनलाइन मॉनीटरिंग होने से मजदूरों की संख्या बढ़ाने का खेल अब नहीं चल पाएगा। अफसर भी लगातार इस पर नजर रखेंगे।
जिले में 1192 ग्राम पंचायतें हैं। इन गांवों में मनरेगा के तहत मिट्टी पटाई, चकमार्ग पटाई, तालाब सौंदर्यीकरण, खेत समतलीकरण सहित कई अन्य कार्य कराए जाते हैं। सामग्री अंश पर 60 प्रतिशत और श्रम अंश पर 40 प्रतिशत धनराशि खर्च किए जाने का नियम है।
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अक्सर मजदूरों की संख्या बढ़ाने का खेल सामने आता रहता है। लगातार अफसरों के यहां गांवों से शिकायतें पहुंचती हैं। इनकी जांच और कार्रवाई में भी समय लगता है। अब इस सब पर अंकुश लगाने की योजना बन गई है।
सभी गांवों में एनएमएमएस से हाजिरी लगाने के लिए निर्देश जारी किए जा चुके हैं। ऐसे में गड़बड़ी करने वालों के मंसूबों पर पानी फिर गया है। अब वे कम मजदूरों को लगाकर अधिक की हाजिरी नहीं दर्ज करा पाएंगे। झंझरी ब्लॉक की अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी पूनम शुक्ला ने बताया कि अब ऑनलाइन हाजिरी दर्ज होगी। कार्य स्थल पर जितने मजदूर रहेंगे उन्हीं की हाजिरी लग पाएगी।
नहीं रहेगी गड़बड़ी की गुंजाइश
एनएमएमएस शुरू होने से मनरेगा में गड़बड़ी की बिल्कुल भी गुंजाइश नहीं रह पाएगी। सॉफ्टवेयर पर हाजिरी दर्ज करने को लेकर अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
अंकिता जैन, सीडीओ
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खास बात ये है कि हाजिरी के समय जब मजदूर आंखों की पलक झपकाएंगे तभी हाजिरी लग पाएगी। कार्यस्थल पर जितने श्रमिक मौजूद रहेंगे, रोजगार सेवक सिर्फ उनकी ही हाजिरी दर्ज कर पाएंगे। ऑनलाइन मॉनीटरिंग होने से मजदूरों की संख्या बढ़ाने का खेल अब नहीं चल पाएगा। अफसर भी लगातार इस पर नजर रखेंगे।
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जिले में 1192 ग्राम पंचायतें हैं। इन गांवों में मनरेगा के तहत मिट्टी पटाई, चकमार्ग पटाई, तालाब सौंदर्यीकरण, खेत समतलीकरण सहित कई अन्य कार्य कराए जाते हैं। सामग्री अंश पर 60 प्रतिशत और श्रम अंश पर 40 प्रतिशत धनराशि खर्च किए जाने का नियम है।
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अक्सर मजदूरों की संख्या बढ़ाने का खेल सामने आता रहता है। लगातार अफसरों के यहां गांवों से शिकायतें पहुंचती हैं। इनकी जांच और कार्रवाई में भी समय लगता है। अब इस सब पर अंकुश लगाने की योजना बन गई है।
सभी गांवों में एनएमएमएस से हाजिरी लगाने के लिए निर्देश जारी किए जा चुके हैं। ऐसे में गड़बड़ी करने वालों के मंसूबों पर पानी फिर गया है। अब वे कम मजदूरों को लगाकर अधिक की हाजिरी नहीं दर्ज करा पाएंगे। झंझरी ब्लॉक की अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी पूनम शुक्ला ने बताया कि अब ऑनलाइन हाजिरी दर्ज होगी। कार्य स्थल पर जितने मजदूर रहेंगे उन्हीं की हाजिरी लग पाएगी।
नहीं रहेगी गड़बड़ी की गुंजाइश
एनएमएमएस शुरू होने से मनरेगा में गड़बड़ी की बिल्कुल भी गुंजाइश नहीं रह पाएगी। सॉफ्टवेयर पर हाजिरी दर्ज करने को लेकर अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
अंकिता जैन, सीडीओ