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Gonda News: अपर आयुक्त को वापस की जांच रिपोर्ट
Wed, 23 Sep 2026 11:19 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Wed, 23 Sep 2026 11:19 PM IST
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गोंडा। राजस्व मामलों की जांच में बरती जा रही लापरवाही पर देवीपाटन मंडल की मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने सख्त रुख अपनाया है। बहराइच के रुपईडीहा निवासी विशाल अग्रवाल की शिकायत पर अपर आयुक्त (प्रशासन) की ओर से प्रस्तुत जांच रिपोर्ट को मंडलायुक्त ने त्रुटिपूर्ण बताते हुए वापस कर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से पूछताछ कर 10 दिन के भीतर स्पष्ट और नियम संगत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
मंडलायुक्त की ओर से जारी पत्र के अनुसार, 18 सितंबर को प्रस्तुत जांच आख्या में कई कमियां पाई गईं। पत्र में कहा गया है कि जांच आख्या में उप जिलाधिकारी नानपारा से आख्या प्राप्त किए जाने का उल्लेख है, जबकि उप जिलाधिकारी की ओर से अलग से कोई आख्या उपलब्ध नहीं है। उप जिलाधिकारी नानपारा की 28 जुलाई 2026 की आख्या तहसीलदार की आख्या पर आधारित है, लेकिन जांच रिपोर्ट के साथ तहसीलदार की मूल आख्या भी उपलब्ध नहीं है। उप जिलाधिकारी की रिपोर्ट के साथ संलग्न तहसीलदार की अग्रसारण रिपोर्ट भी मूल रूप से लेखपाल और राजस्व निरीक्षक की रिपोर्ट है।
मंडलायुक्त ने अपर आयुक्त (प्रशासन) को यह स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं कि क्या उप जिलाधिकारी नानपारा के न्यायालय में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 80 के तहत प्रश्नगत वाद की जांच के दौरान आवेदक से शपथपत्र और अन्य अभिलेखीय साक्ष्य मांगे गए थे।
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उन्होंने उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, लेखपाल, न्यायालय सहायक और शिकायतकर्ता से आवश्यक पूछताछ कर नियम संगत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। इसके साथ ही मंडलायुक्त ने उप जिलाधिकारी नानपारा के न्यायालय की कार्यप्रणाली को लेकर भी 10 दिन के भीतर रिपोर्ट तलब की है।
रिपोर्ट में एक जनवरी 2026 से अब तक धारा 80 के तहत ऑनलाइन प्राप्त कितने आवेदन पत्र किस आधार पर निरस्त किए गए, इसकी जांच कर स्पष्ट विवरण देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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मंडलायुक्त की ओर से जारी पत्र के अनुसार, 18 सितंबर को प्रस्तुत जांच आख्या में कई कमियां पाई गईं। पत्र में कहा गया है कि जांच आख्या में उप जिलाधिकारी नानपारा से आख्या प्राप्त किए जाने का उल्लेख है, जबकि उप जिलाधिकारी की ओर से अलग से कोई आख्या उपलब्ध नहीं है। उप जिलाधिकारी नानपारा की 28 जुलाई 2026 की आख्या तहसीलदार की आख्या पर आधारित है, लेकिन जांच रिपोर्ट के साथ तहसीलदार की मूल आख्या भी उपलब्ध नहीं है। उप जिलाधिकारी की रिपोर्ट के साथ संलग्न तहसीलदार की अग्रसारण रिपोर्ट भी मूल रूप से लेखपाल और राजस्व निरीक्षक की रिपोर्ट है।
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मंडलायुक्त ने अपर आयुक्त (प्रशासन) को यह स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं कि क्या उप जिलाधिकारी नानपारा के न्यायालय में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 80 के तहत प्रश्नगत वाद की जांच के दौरान आवेदक से शपथपत्र और अन्य अभिलेखीय साक्ष्य मांगे गए थे।
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उन्होंने उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, लेखपाल, न्यायालय सहायक और शिकायतकर्ता से आवश्यक पूछताछ कर नियम संगत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। इसके साथ ही मंडलायुक्त ने उप जिलाधिकारी नानपारा के न्यायालय की कार्यप्रणाली को लेकर भी 10 दिन के भीतर रिपोर्ट तलब की है।
रिपोर्ट में एक जनवरी 2026 से अब तक धारा 80 के तहत ऑनलाइन प्राप्त कितने आवेदन पत्र किस आधार पर निरस्त किए गए, इसकी जांच कर स्पष्ट विवरण देने के निर्देश भी दिए गए हैं।