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फर्जी अभिलेख मिले तो दर्ज होगी एफआईआर
बलरामपुर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 07 Jan 2016 11:50 PM IST
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फर्जी अभिलेख के सहारे नौकरी हथियाने वाले प्रशिक्षु शिक्षकों की अब खैर नहीं है। बेसिक शिक्षा महकमा ने फर्जी अभिलेख वाले प्रशिक्षु शिक्षकों के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सभी प्रशिक्षु शिक्षकों के कुंडली खंगालने का काम शुरू हो गया है। जिले के 1440 प्रशिक्षु शिक्षकों के अभिलेखों को महकमा संबंधित बोर्डों को भेजकर जांच कराने में जुट गया है।
जांच रिपोर्ट में फर्जी अभिलेख पाए जाने पर संबंधित प्रशिक्षु शिक्षक की बर्खास्तगी के साथ-साथ बीएसए ने केस दर्ज कराने की भी चेतावनी दी है।
बीएसए जय सिंह ने बताया कि जिले में वर्ष 2011 में टीईटी उत्तीर्ण होने वाले 1440 प्रशिक्षु शिक्षकों की तैनाती की गई थी। प्रथम चरण में छह माह का क्रियात्मक व सैद्धांतिक प्रशिक्षण पूरा करने वाले 835 प्रशिक्षु शिक्षकों को प्राथमकि स्कूलों में मौलिक तैनाती दी गई है।
दूसरे चरण में 517 प्रशिक्षु शिक्षकों को क्रियात्मक व सैद्धांतिक प्रशिक्षण पूरा कराकर जिले के शिक्षकविहीन प्राथमिक स्कूलों में मौलिक रूप से तैनाती दी गई है। बाकी बचे 94 प्रशिक्षु शिक्षकों को तृृतीय चरण का छह माह का क्रियात्मक व सैद्घांतिक प्रशिक्षण पूरा कराया जा रहा है।
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प्रशिक्षण पूरा होने के बाद इन 94 प्रशिक्षु शिक्षकों को भी प्राथमिक स्कूलों में मौलिक तैनाती दी जाएगी। सभी 1440 प्रशिक्षु शिक्षकों के अभिलेखों की जांच-पड़ताल कराने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
विभिन्न बोर्डों व संस्थानों से उत्तीर्ण कर डिग्री अर्जित करने वाले सभी प्रशिक्षु के अभिलेखों की जांच कराई जा रही है। बोर्ड व संस्थान की रिपोर्ट में फर्जी होने का खुलासा होने पर संबंधित प्रशिक्षु शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
डिग्री व प्रमाण पत्र फर्जी मिलने पर संबंधित प्रशिक्षु शिक्षक को बर्खास्त करने के साथ-साथ एफआईआर भी दर्ज कराया जाएगा।
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जांच रिपोर्ट में फर्जी अभिलेख पाए जाने पर संबंधित प्रशिक्षु शिक्षक की बर्खास्तगी के साथ-साथ बीएसए ने केस दर्ज कराने की भी चेतावनी दी है।
बीएसए जय सिंह ने बताया कि जिले में वर्ष 2011 में टीईटी उत्तीर्ण होने वाले 1440 प्रशिक्षु शिक्षकों की तैनाती की गई थी। प्रथम चरण में छह माह का क्रियात्मक व सैद्धांतिक प्रशिक्षण पूरा करने वाले 835 प्रशिक्षु शिक्षकों को प्राथमकि स्कूलों में मौलिक तैनाती दी गई है।
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दूसरे चरण में 517 प्रशिक्षु शिक्षकों को क्रियात्मक व सैद्धांतिक प्रशिक्षण पूरा कराकर जिले के शिक्षकविहीन प्राथमिक स्कूलों में मौलिक रूप से तैनाती दी गई है। बाकी बचे 94 प्रशिक्षु शिक्षकों को तृृतीय चरण का छह माह का क्रियात्मक व सैद्घांतिक प्रशिक्षण पूरा कराया जा रहा है।
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प्रशिक्षण पूरा होने के बाद इन 94 प्रशिक्षु शिक्षकों को भी प्राथमिक स्कूलों में मौलिक तैनाती दी जाएगी। सभी 1440 प्रशिक्षु शिक्षकों के अभिलेखों की जांच-पड़ताल कराने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
विभिन्न बोर्डों व संस्थानों से उत्तीर्ण कर डिग्री अर्जित करने वाले सभी प्रशिक्षु के अभिलेखों की जांच कराई जा रही है। बोर्ड व संस्थान की रिपोर्ट में फर्जी होने का खुलासा होने पर संबंधित प्रशिक्षु शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
डिग्री व प्रमाण पत्र फर्जी मिलने पर संबंधित प्रशिक्षु शिक्षक को बर्खास्त करने के साथ-साथ एफआईआर भी दर्ज कराया जाएगा।