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खुफिया एजेंसी रखेगी फर्जी वोटर आईडी बनाने वालों पर नजर
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गोंडा। विधानसभा चुनाव में फर्जी वोटर आईडी के सहारे मतदान कराने की इनपुट के बाद खुफिया एजेंसियों की सक्रियता बढ़ गयी है। मतदान के दौरान किसी भी तरह का फर्जीवाड़ा रोकने को खुफिया एजेंसियों ने जिला प्रशासन को एलर्ट जारी करते हुए इसकी रोकथाम को खुद की निगरानी और तेज कर दी है।
खुफिया एजेंसियों को मिली सूचना में सामने आया है कि चुनाव के दौरान कुछ लोग प्रत्याशी विशेष के पक्ष में फर्जी वोटिंग से जीत दिलाने के लिए फर्जी वोटर आईडी तैयार कराने में जुटे हैं। चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही ऐसे लोगों पर शिकंजा कसने को निगरानी और तेज हो गयी है। प्रशासन ने आम लोगों से भी चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने वाली किसी भी तरह की आशंकित गतिविधियों की जानकारी तुरंत देने की अपील भी की है। चुनाव प्रक्रिया को पूरी निष्पक्षता के साथ पूरा कराने के लिए प्रशासन हर स्तर पर सावधानी बरत रहा है। इसके लिए 105 अधिकारियों की टीम पहले ही लगा दी है जो जिले में राजनैतिक दलों से जुड़ी है छोटी बड़ी गतिविधियों पर करीबी नजर बनाए हुए है। साथ ही फर्जी वोटर आईडी तैयार करने वालों की भी निगरानी बढ़ा दी गयी है।
जिला निर्वाचन अधिकारी व डीएम मार्कंडेय शाही ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग से दिशा निर्देश जारी किए गए हैं कि कुछ लोग फर्जी मतदाता फोटो पहचान पत्र (इपिक) बना कर मतदान के दौरान फर्जीवाड़ा की कोशिश कर सकते हैं। ऐसे लोगों की धरपकड़ को कड़ी निगरानी बरती जा रही है। ऐसे आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराकर सीधे जेल भेजने की कार्यवाही की जायेगी। सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे इस पर नजर रखें तथा स्थानीय स्तर पर खुफिया तंत्र को सक्रिय करें।
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खुफिया एजेंसियों को मिली सूचना में सामने आया है कि चुनाव के दौरान कुछ लोग प्रत्याशी विशेष के पक्ष में फर्जी वोटिंग से जीत दिलाने के लिए फर्जी वोटर आईडी तैयार कराने में जुटे हैं। चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही ऐसे लोगों पर शिकंजा कसने को निगरानी और तेज हो गयी है। प्रशासन ने आम लोगों से भी चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने वाली किसी भी तरह की आशंकित गतिविधियों की जानकारी तुरंत देने की अपील भी की है। चुनाव प्रक्रिया को पूरी निष्पक्षता के साथ पूरा कराने के लिए प्रशासन हर स्तर पर सावधानी बरत रहा है। इसके लिए 105 अधिकारियों की टीम पहले ही लगा दी है जो जिले में राजनैतिक दलों से जुड़ी है छोटी बड़ी गतिविधियों पर करीबी नजर बनाए हुए है। साथ ही फर्जी वोटर आईडी तैयार करने वालों की भी निगरानी बढ़ा दी गयी है।
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जिला निर्वाचन अधिकारी व डीएम मार्कंडेय शाही ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग से दिशा निर्देश जारी किए गए हैं कि कुछ लोग फर्जी मतदाता फोटो पहचान पत्र (इपिक) बना कर मतदान के दौरान फर्जीवाड़ा की कोशिश कर सकते हैं। ऐसे लोगों की धरपकड़ को कड़ी निगरानी बरती जा रही है। ऐसे आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराकर सीधे जेल भेजने की कार्यवाही की जायेगी। सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे इस पर नजर रखें तथा स्थानीय स्तर पर खुफिया तंत्र को सक्रिय करें।
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