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आत्महत्या को मजबूर करने में जेठ को सात साल की कैद
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गोंडा। आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के मामले में बृहस्पतिवार को जनपद न्यायाधीश प्रदीप कुमार गुप्ता ने अभियुक्त को सात साल की कैद और एक लाख रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता बसंत शुक्ल ने बताया कि 24 नवंबर 2016 को तरबगंज थाना क्षेत्र के ग्राम चिरेबसना निवासी बाबादीन शुक्ल ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें कहा गया कि उसने अपनी पुत्री अर्चना की शादी 28 मई 2015 को कर्नलगंज के विनोद के साथ किया था। विनोद अपने रोजी-रोटी कमाने के लिए दिल्ली रहता था। घर में अर्चना अकेले रहती थी। घटना की रात विनोद का बड़ा भाई राजू अर्चना के कमरे में घुस गया और रस्सी से अर्चना का गला कसकर मार डाला। इस मामले में पुलिस ने राजू ओझा को अभियुक्त बनाया। मामले की सुनवाई सत्र न्यायाधीश प्रदीप कुमार गुप्ता की अदालत में हुई।
गवाहों एवं साक्ष्यों के आधार पर सुनवाई करते हुए सत्र न्यायाधीश ने अभियुक्त राजू ओझा को दोषी करार देते हुए सात साल कैद तथा एक लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न करने की दशा में एक वर्ष के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। अर्थदंड में से 50 हजार रुपये अर्चना के पिता बाबादीन को बतौर मुआवजा दिया जाएगा।
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जिला शासकीय अधिवक्ता बसंत शुक्ल ने बताया कि 24 नवंबर 2016 को तरबगंज थाना क्षेत्र के ग्राम चिरेबसना निवासी बाबादीन शुक्ल ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें कहा गया कि उसने अपनी पुत्री अर्चना की शादी 28 मई 2015 को कर्नलगंज के विनोद के साथ किया था। विनोद अपने रोजी-रोटी कमाने के लिए दिल्ली रहता था। घर में अर्चना अकेले रहती थी। घटना की रात विनोद का बड़ा भाई राजू अर्चना के कमरे में घुस गया और रस्सी से अर्चना का गला कसकर मार डाला। इस मामले में पुलिस ने राजू ओझा को अभियुक्त बनाया। मामले की सुनवाई सत्र न्यायाधीश प्रदीप कुमार गुप्ता की अदालत में हुई।
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गवाहों एवं साक्ष्यों के आधार पर सुनवाई करते हुए सत्र न्यायाधीश ने अभियुक्त राजू ओझा को दोषी करार देते हुए सात साल कैद तथा एक लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न करने की दशा में एक वर्ष के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। अर्थदंड में से 50 हजार रुपये अर्चना के पिता बाबादीन को बतौर मुआवजा दिया जाएगा।
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