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Gonda News: सीएमओ दफ्तर के बाहर तड़पती रही टीबी मरीज
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गोंडा के सीएमओ कार्यालय के बाहर जमीन पर लेटी टीबी मरीज। -संवाद
- फोटो : GONDA
गोंडा। सीएमओ दफ्तर के ठीक सामने जमीन पर एक टीबी मरीज दर्द से तड़प रही थी और तीमारदार उसको भर्ती कराने के लिए तमाम जतन कर रहे थे। ये सूरत-ए-हाल शनिवार को दिखा तो स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत एक बार फिर उजागर हुई। जिला अस्पताल में टीबी का इलाज सीएमओ के अधीन है लेकिन सीएमओ कार्यालय के जिम्मेदार कहते कि टीबी मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था बस्ती जनपद में है।
वर्ष 2025 तक जिले को टीबीमुक्त करने का सपना साकार करने के लिए हर महीने लाखों रुपये खर्च कर प्रचार प्रसार किया जा रहा है। लेकिन टीबी के गंभीर मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था नहीं है। शनिवार को बाबागंज निवासी टीबी मरीज प्रियंका को जिला अस्पताल स्थित टीबी क्लीनिक में दिखाया गया। डॉक्टर ने गंभीर बताकर भर्ती करने का सुझाव दिया लेकिन किसी को पता नहीं कि टीबी मरीजों को भर्ती कहां किया जाता है।
मरीज सीएमओ कार्यालय के बाहर जमीन पर पड़ी तड़पती रही। उसकी बेटी पूजा ने जिला अस्पताल के डॉक्टर से बात की तो उन्होंने बताया कि टीबी मरीज को भर्ती करने का काम सीएमओ के तहत होता है।
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सीएमओ कार्यालय में तैनात क्षय रोग के जिला कार्यक्रम समन्वयक विवेक शरन ने बताया कि जिले में टीबी मरीजों को भर्ती करने की कोई व्यवस्था नहीं है। गंभीर मरीजों को बस्ती स्थित एमडीआर सेंटर में भर्ती किया जाता है। मरीज का फोटो खींचे जाने की खबर प्रमुख अधीक्षक तक पहुंची तो डॉ. कुलदीप पांडेय ने मरीज को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। (संवाद)
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वर्ष 2025 तक जिले को टीबीमुक्त करने का सपना साकार करने के लिए हर महीने लाखों रुपये खर्च कर प्रचार प्रसार किया जा रहा है। लेकिन टीबी के गंभीर मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था नहीं है। शनिवार को बाबागंज निवासी टीबी मरीज प्रियंका को जिला अस्पताल स्थित टीबी क्लीनिक में दिखाया गया। डॉक्टर ने गंभीर बताकर भर्ती करने का सुझाव दिया लेकिन किसी को पता नहीं कि टीबी मरीजों को भर्ती कहां किया जाता है।
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मरीज सीएमओ कार्यालय के बाहर जमीन पर पड़ी तड़पती रही। उसकी बेटी पूजा ने जिला अस्पताल के डॉक्टर से बात की तो उन्होंने बताया कि टीबी मरीज को भर्ती करने का काम सीएमओ के तहत होता है।
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सीएमओ कार्यालय में तैनात क्षय रोग के जिला कार्यक्रम समन्वयक विवेक शरन ने बताया कि जिले में टीबी मरीजों को भर्ती करने की कोई व्यवस्था नहीं है। गंभीर मरीजों को बस्ती स्थित एमडीआर सेंटर में भर्ती किया जाता है। मरीज का फोटो खींचे जाने की खबर प्रमुख अधीक्षक तक पहुंची तो डॉ. कुलदीप पांडेय ने मरीज को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। (संवाद)