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Gonda News: नहीं चल सके 27 वेंटिलेटर, ऑक्सीजन प्लांट की फूली सांस
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गोंडा के कोविड अस्पताल में वेंटीलेटर की जांच करते अपर निदेशक डॉ. अनिल मिश्र। -संवाद
- फोटो : GONDA
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गोंडा। कोरोना संक्रमण की आहट सभी को फिर से डराने लगी है। स्वास्थ्य विभाग का अमला इससे निपटने की चाक चौबंद तैयारियों के इंतजाम का दावा भी कर रहा है। इसके बावजूद अस्पतालों में डॉक्टरों के साथ ही संसाधनों की कमी कायम बनी है। इलाज के लिए कोविड एल-1 अस्पताल में 30 में से 27 वेंटिलेटर खराब हालत में हैं जबकि ऑक्सीजन प्लांट की सांस भी फूलती दिखी। इसका खुलासा मंगलवार को अस्पतालों में कोरोना संक्रमण से निपटने के इंतजाम परखने के लिए हुई मॉकड्रिल में हुआ। इन खामियों को दूर किए बिना कोरोना के खिलाफ जंग जीतना बड़ी चुनौती बनेगा।
स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते जिला अस्पताल, सीएचसी व पीएचसी को मिलाकर संक्रमण के इलाज में अहम जिम्मेदारी निभाने वाले फिजिशियन चिकित्सक के 103 पद तैनाती न होने के कारण बीते लंबे समय से खाली पड़े हैं। मॉकड्रिल के दौरान 1500 एलपीएम वाला ऑक्सीजन प्लांट जरूरी प्रेशर तक नहीं दे पाया। अपर निदेशक चिकित्सा डॉ. अनिल मिश्र की अगुवाई में गठित टीम जिला अस्पताल स्थित कोविड वार्ड में तैयारियों की जमीनी हकीकत परखने पहुंची। यहां मौजूद 30 में से 27 वेंटिलेटर मॉकड्रिल के दौरान संचालित ही नहीं हो सके। कोविड अस्पताल के प्रभारी डॉ. दीपक कुमार ने बताया कि इन वेंटिलेटर को मरम्मत की दरकार है।
कोविड अस्पताल के लिए पीएम केयर फंड से स्थापित 1500 एलपीएम का ऑक्सीजन प्लांट पहले व दूसरे तल पर स्थित वार्ड में ऑक्सीजन का जरूरी प्रेशर तक नहीं पहुंचा सका। अपर निदेशक चिकित्सा ने बताया कि वेंटीलेटर चलाने के लिए ज्यादा प्रेशर से मिलने वाली ऑक्सीजन की जरूरत होती है, लेकिन यहां प्लांट से काफी कम प्रेशर की ऑक्सीजन मिली। ऐसे में ऑक्सीजन प्लांट से मिलने वाली ऑक्सीजन आपूर्ति से वेंटिलेटर संचालित नहीं हो सकता। उन्होंने ऑक्सीजन प्लांट लगाने वाली सायरस संस्था को पत्र भेजकर प्लांट में ऑक्सीजन का प्रेशर बढ़ाने की हिदायत भी दी। मॉकड्रिल के दौरान अस्पताल का फायर सेफ्टी सिस्टम भी खराब मिला। इस दौरान सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा, एसीएमओ डॉ. एपी सिंह, जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. पीडी गुप्ता, डॉ. कुलदीप पांडेय, डॉ. अनिल वर्मा आदि मौजूद रहे।
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सीएचसी पर भी परखी तैयारी
सीएचसी छपिया पर सुबह 10 बजे से मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। पूर्वाभ्यास के दौरान कोरोना संक्रमित एक युवक को एंबुलेंस से सीएचसी लाया गया। मरीज को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी, स्वास्थ्यकर्मियों ने इसे वार्ड में भर्ती कर पांच मिनट के भीतर ऑक्सीजन लगाकर उपचार शुरू कर दिया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. आलोक कुमार सिंह ने बताया कि मॉकड्रिल के दौरान सभी इंतजाम दुरुस्त रहे। इटियाथोक सीएचसी पर डिप्टी सीएमओ डॉ. टीपी जायसवाल की देखरेख में मॉकड्रिल हुई।
कोविड एल वन अस्पताल की स्थिति
कुल ऑक्सीजन युक्त बेड 200
आईसीयू बेड 17
पीआईसीयू बेड 18
डॉक्टरों की तैनाती 03
पैरामेडिकल स्टाफ तैनात 18
कोरोना के सक्रिय मरीज 03
कोविड अस्पताल में भर्ती शून्य
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स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते जिला अस्पताल, सीएचसी व पीएचसी को मिलाकर संक्रमण के इलाज में अहम जिम्मेदारी निभाने वाले फिजिशियन चिकित्सक के 103 पद तैनाती न होने के कारण बीते लंबे समय से खाली पड़े हैं। मॉकड्रिल के दौरान 1500 एलपीएम वाला ऑक्सीजन प्लांट जरूरी प्रेशर तक नहीं दे पाया। अपर निदेशक चिकित्सा डॉ. अनिल मिश्र की अगुवाई में गठित टीम जिला अस्पताल स्थित कोविड वार्ड में तैयारियों की जमीनी हकीकत परखने पहुंची। यहां मौजूद 30 में से 27 वेंटिलेटर मॉकड्रिल के दौरान संचालित ही नहीं हो सके। कोविड अस्पताल के प्रभारी डॉ. दीपक कुमार ने बताया कि इन वेंटिलेटर को मरम्मत की दरकार है।
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कोविड अस्पताल के लिए पीएम केयर फंड से स्थापित 1500 एलपीएम का ऑक्सीजन प्लांट पहले व दूसरे तल पर स्थित वार्ड में ऑक्सीजन का जरूरी प्रेशर तक नहीं पहुंचा सका। अपर निदेशक चिकित्सा ने बताया कि वेंटीलेटर चलाने के लिए ज्यादा प्रेशर से मिलने वाली ऑक्सीजन की जरूरत होती है, लेकिन यहां प्लांट से काफी कम प्रेशर की ऑक्सीजन मिली। ऐसे में ऑक्सीजन प्लांट से मिलने वाली ऑक्सीजन आपूर्ति से वेंटिलेटर संचालित नहीं हो सकता। उन्होंने ऑक्सीजन प्लांट लगाने वाली सायरस संस्था को पत्र भेजकर प्लांट में ऑक्सीजन का प्रेशर बढ़ाने की हिदायत भी दी। मॉकड्रिल के दौरान अस्पताल का फायर सेफ्टी सिस्टम भी खराब मिला। इस दौरान सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा, एसीएमओ डॉ. एपी सिंह, जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. पीडी गुप्ता, डॉ. कुलदीप पांडेय, डॉ. अनिल वर्मा आदि मौजूद रहे।
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सीएचसी पर भी परखी तैयारी
सीएचसी छपिया पर सुबह 10 बजे से मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। पूर्वाभ्यास के दौरान कोरोना संक्रमित एक युवक को एंबुलेंस से सीएचसी लाया गया। मरीज को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी, स्वास्थ्यकर्मियों ने इसे वार्ड में भर्ती कर पांच मिनट के भीतर ऑक्सीजन लगाकर उपचार शुरू कर दिया। सीएचसी अधीक्षक डॉ. आलोक कुमार सिंह ने बताया कि मॉकड्रिल के दौरान सभी इंतजाम दुरुस्त रहे। इटियाथोक सीएचसी पर डिप्टी सीएमओ डॉ. टीपी जायसवाल की देखरेख में मॉकड्रिल हुई।
कोविड एल वन अस्पताल की स्थिति
कुल ऑक्सीजन युक्त बेड 200
आईसीयू बेड 17
पीआईसीयू बेड 18
डॉक्टरों की तैनाती 03
पैरामेडिकल स्टाफ तैनात 18
कोरोना के सक्रिय मरीज 03
कोविड अस्पताल में भर्ती शून्य