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अबीर और रंग से मनाएंगे होली
अमर उजाला ब्यूरो/गोंडा
Updated Tue, 22 Mar 2016 09:56 PM IST
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होलिका पूजन
- फोटो : अमर उजाला
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फिजाओं में उड़ता अबीर, गुलाल और होरियां फाग व होली के गीतों के धमाल ने शहर से लेकर गांव तक रंग जमाना शुरू कर दिया है। शहर से गांव तक फगुआ बयार ऐसी चली कि होली की मस्ती छा गई। मंगलवार को हर तरफ होली की धूम रही और बच्चों ने खूब धमाल मचाया। होली में हर समाज के लोग बस एक मस्ती के रंग में रंगने को तैयार हैं।
कोई अबीर तो कोई रंग लगाकर होली मनाएगा। हमेशा की तरह इस बार भी लोगों ने मिलकर होली मनाने की योजना बनाई है। घरों में तरह तरह के पकवान बनने शुरू हो गये हैं। लोगों ने हुलिहारों व शाम को मेहमानों के बैठने व उनके खिलाने का प्लान तैयार कर लिया है। होलिका स्थल पर लोगों ने झंडियों से सजावट कर दिया है।
होलिका स्थल पर भोर में भी रोशनी रहे इसके लिए लाइटिंग की व्यवस्था की गई है। वहीं होली की पूर्व संध्या पर लोगों ने जमकर खरीदारी की। बाजार में लोगों की काफी भीड़ रही। कपड़े, जूते चप्पल व रंगों की दुकानों पर लोगों का तांता लगा रहा ।
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होली के हुड़दंग में न गवाएं होश
गोंडा। होली के हुड़दंग में होश न गवाइए, क्योंकि होली में सस्ते केमिकल वाले रंग आपकी जिंदगी को बदरंग कर सकते हैं। थोड़ी सी चूक आपके शरीर पर खतरनाक असर डाल सकती है। यह केमिकलयुक्त रंग आंख और शरीर को क्षति पहुंचा सकते हैं। डॉक्टरों की राय है कि त्योहारों का आनंद जरूर उठाएं लेकिन सिंथेटिक व पेंट जैसे रंगों से नहीं, क्योंकि होली में एक मामूली सी असावधानी आपके जिंदगी की तमाम रातें काली कर सकती है। सर्वाधिक प्रयोग होने वाला लाल व हरा रंग आंखों के लिए बेहद हानिकारक है।
पेंट व रंगों के प्रयोग से होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में चिकित्सक डॉ. महमूद आलम बताते हैं कि इन रंगों का शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, जिससे एलर्जी का खतरा ज्यादा रहता है। इसलिए रंग को ठंडे पानी से धोने के बाद एंटी एलर्जिक दवाइयों का प्रयोग करना चाहिए। उनका कहना है कि लोगों को हर्बल रंगों का उपयोग करना चाहिए।
चिकित्सक डॉ. अनीता मिश्रा का कहना है कि होली में सर्वाधिक प्रयोग होने वाला हरा रंग आंख के लिए बेहद खतरनाक होता है। इससे आंख की कार्निया प्रभावित हो सकती है, जिससे आंखों की रोशनी तक जा सकती है। ऐसे में रंग खेलते समय अगर हो सके तो इससे परहेज रखें या फिर आंख में चश्मा जरूर लगा लें। रंग के आंख में पड़ने केबाद आंख को ठंडे पानी से धोएं और एंटीबायटिक दवा आंख में डाले।
रंगो से शरीर में खुजली व लाल रंग के धब्बे पड़ने पर एंटी एलर्जिक दवाएं लें। सीएमओ डॉ. अमर सिंह कुशवाहा ने हानिकारक रंगों से बचाव के तरीकों को बताते हुए सलाह दी है कि होली खेलने से पहले लोगों को पूरे शरीर पर सरसों तेल की मालिश कर लेनी चहिए। जिससे शरीर का बचाव भी होगा और रंग को छुड़ाने में भी मदद मिलेगी।
आपातकालीन व्यवस्थाएं दुरुस्त
होली के अवसर पर नशे मेें होने वाली घटनाओं के मद्देनजर अस्पताल प्रशासन ने आपातकालीन व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. वीपी श्रीवास्तव ने बताया कि होली के दौरान इमरजेंसी में 24 घंटे डॉक्टरों की टीम को एलर्ट रहने, एम्बुलेन्स व पर्याप्त दवाएं मुकम्मल रखने का निर्देश जारी किया गया है। इसके लिए चिकित्सकों की टीम को लगाया गया है। उधर सीएचसी-पीएचसी में भी इमरजेंसी सेवा 24 घंटे चालू रखने के निर्देश सीएमओ स्तर से सभी अधीक्षकों को दिए गए हैं।
एक कंपनी पीएसी व 300 पुलिस जवान होंगे तैनात
पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार यादव ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर जनपद में एक कम्पनी अतिरिक्त पीएसी तथा 300 अतिरिक्त पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है। इसके अलावा नगर क्षेत्र सहित अन्य संवेदनशील जगहों पर गुण्डा दमन दल भ्रमणशील रहेंगे तथा हुल्लड़ मचाने व शराब के नशे में उपद्रव करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
थानों पर तैनात रहेगी एंबुलेंस
जिलाधिकारी अजय कुमार उपाध्याय ने जनपद के सभी सीएचसी व पीएपची पर उपलब्ध एम्बुलेंसों को होली के दिन थानों पर उपलब्ध रखने के आदेश दिए हैं। उन्होंने चिकित्सा सुविधाएं अपडेट रखने व डॉक्टरों की टीम सभी पीएचसी एवं सीएचसी पर हर हाल में उपस्थित रखने के निर्देश मुख्य चिकित्साधिकारी को दिए हैं।
बच्चों ने साथियों संघ खेला रंग
गोंडा। नगर के आवास विकास कालोनी में स्थित किड्स प्ले स्कूल के बच्चों ने होली की छुटी होने पर स्कूल में साथियों संघ खूब धमाल मचाया। कालेज के निदेशक शिप्रा सिंह ने बच्चों को होली की जानकारी दी। इसके बाद स्कूल की अवनि, अनुष्का, अक्ष, अनुकल्प, अंश, नमन आदि तमाम बच्चों ने एक दूसरे को अबीर लगाकर गले मिले। इस मौके पर शिक्षिका कल्पना, मोनिका, दिव्यानी, अस्मिता व आकांक्षा आदि मौजूद रहीं ।
सावधान। सिंथेटिक रंगों से हो सकती परेशानी
बलरामपुर। सभी लोगों ने इस बार संभल कर रंग खेलने का निर्णय लिया है। सिंथेटिक रंगों से लोगों को काफी परेशानियां होती है इसलिए होली के रंगों का मजा सभी लोग संभल कर उठाएंगेे। प्रशासन ने हुड़दंगियों से निपटने के लिए मुक्कमल तैयारियां की है। अस्पताल प्रशासन लोगों के स्वास्थ्य के प्रति पूरी तरह से सचेत है।
हर्बल अबीर-गुलाल से खेलेंगे होली
नगर के मोहल्ला तुलसीपार्क निवासी अजय श्रीवास्तव ने बातचीत के दौरान बताया कि सिंथेटिक रंगों से स्किन में होने वाली परेशानियों को देखते हुए इस साल हमारा पूरा परिवार केवल हर्बल अबीर व गुलाल से ही होली खेलेगा। होली खेलने के बाद लजीज व्यंजनों का लुत्फ उठाया जाएगा।
पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाएंगे होली
नगर निवासी नरेंद्र प्रसाद ने बताया कि होली त्योहार आपसी प्रेम व भाईचारे को मजबूत बनाता है। साल में एक दिन हम लोग सभी गिले-शिकवे भूलकर पूरे हर्षोल्लास के साथ होली खेलेंगे। खुद रंग लगवाएंगे और दूसरों को भी रंग लगाएंगे। होली खेलते समय इस बात का ध्यान रखेंगे कि रंग खेलने से किसी को कोई आहत न हो।
रंगों का रियेक्शन होने पर तत्काल कराएं इलाज
सिंथेटिक रंगों से स्किन डिजीज की संभावना अधिक रहती है। स्किन डिजीज व रियेक्शन से बचने के लिए सिंथेटिक रंगों के बजाए हर्बल रंगों से होली खेलें। होली खेलने के बाद स्किन पर किसी भी तरह का रियेक्शन होने पर तत्काल विशेषज्ञ चिकित्सक से संपर्क करें। विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह से अपना इलाज कराएं। - डॉ. जाहिद खां, चिकित्सक
सुरक्षा की रहेगी व्यापक व्यवस्था
होली त्यौहार के दौरान हुड़दंगियों पर नजर रखने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जाएंगे। संवेदनशील स्थलों पर सीसी टीवी कैमरों तथा होली जुलूस की वीडियोग्राफी के माध्यम से निगरानी की जाएगी। सभी थानों में पीस कमेटी की बैठके कराकर जिलेवासियों से शांतिपूर्ण ढंग से होली मनाने की अपील की गई है। प्रमुख मार्गों एवं संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा के लिए पुलिस बल के साथ-साथ महिला आरक्षियों की भी तैनाती की गई है। - सुधीर कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक बलरामपुर
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कोई अबीर तो कोई रंग लगाकर होली मनाएगा। हमेशा की तरह इस बार भी लोगों ने मिलकर होली मनाने की योजना बनाई है। घरों में तरह तरह के पकवान बनने शुरू हो गये हैं। लोगों ने हुलिहारों व शाम को मेहमानों के बैठने व उनके खिलाने का प्लान तैयार कर लिया है। होलिका स्थल पर लोगों ने झंडियों से सजावट कर दिया है।
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होलिका स्थल पर भोर में भी रोशनी रहे इसके लिए लाइटिंग की व्यवस्था की गई है। वहीं होली की पूर्व संध्या पर लोगों ने जमकर खरीदारी की। बाजार में लोगों की काफी भीड़ रही। कपड़े, जूते चप्पल व रंगों की दुकानों पर लोगों का तांता लगा रहा ।
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होली के हुड़दंग में न गवाएं होश
गोंडा। होली के हुड़दंग में होश न गवाइए, क्योंकि होली में सस्ते केमिकल वाले रंग आपकी जिंदगी को बदरंग कर सकते हैं। थोड़ी सी चूक आपके शरीर पर खतरनाक असर डाल सकती है। यह केमिकलयुक्त रंग आंख और शरीर को क्षति पहुंचा सकते हैं। डॉक्टरों की राय है कि त्योहारों का आनंद जरूर उठाएं लेकिन सिंथेटिक व पेंट जैसे रंगों से नहीं, क्योंकि होली में एक मामूली सी असावधानी आपके जिंदगी की तमाम रातें काली कर सकती है। सर्वाधिक प्रयोग होने वाला लाल व हरा रंग आंखों के लिए बेहद हानिकारक है।
पेंट व रंगों के प्रयोग से होने वाले दुष्प्रभाव के बारे में चिकित्सक डॉ. महमूद आलम बताते हैं कि इन रंगों का शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, जिससे एलर्जी का खतरा ज्यादा रहता है। इसलिए रंग को ठंडे पानी से धोने के बाद एंटी एलर्जिक दवाइयों का प्रयोग करना चाहिए। उनका कहना है कि लोगों को हर्बल रंगों का उपयोग करना चाहिए।
चिकित्सक डॉ. अनीता मिश्रा का कहना है कि होली में सर्वाधिक प्रयोग होने वाला हरा रंग आंख के लिए बेहद खतरनाक होता है। इससे आंख की कार्निया प्रभावित हो सकती है, जिससे आंखों की रोशनी तक जा सकती है। ऐसे में रंग खेलते समय अगर हो सके तो इससे परहेज रखें या फिर आंख में चश्मा जरूर लगा लें। रंग के आंख में पड़ने केबाद आंख को ठंडे पानी से धोएं और एंटीबायटिक दवा आंख में डाले।
रंगो से शरीर में खुजली व लाल रंग के धब्बे पड़ने पर एंटी एलर्जिक दवाएं लें। सीएमओ डॉ. अमर सिंह कुशवाहा ने हानिकारक रंगों से बचाव के तरीकों को बताते हुए सलाह दी है कि होली खेलने से पहले लोगों को पूरे शरीर पर सरसों तेल की मालिश कर लेनी चहिए। जिससे शरीर का बचाव भी होगा और रंग को छुड़ाने में भी मदद मिलेगी।
आपातकालीन व्यवस्थाएं दुरुस्त
होली के अवसर पर नशे मेें होने वाली घटनाओं के मद्देनजर अस्पताल प्रशासन ने आपातकालीन व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. वीपी श्रीवास्तव ने बताया कि होली के दौरान इमरजेंसी में 24 घंटे डॉक्टरों की टीम को एलर्ट रहने, एम्बुलेन्स व पर्याप्त दवाएं मुकम्मल रखने का निर्देश जारी किया गया है। इसके लिए चिकित्सकों की टीम को लगाया गया है। उधर सीएचसी-पीएचसी में भी इमरजेंसी सेवा 24 घंटे चालू रखने के निर्देश सीएमओ स्तर से सभी अधीक्षकों को दिए गए हैं।
एक कंपनी पीएसी व 300 पुलिस जवान होंगे तैनात
पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार यादव ने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर जनपद में एक कम्पनी अतिरिक्त पीएसी तथा 300 अतिरिक्त पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है। इसके अलावा नगर क्षेत्र सहित अन्य संवेदनशील जगहों पर गुण्डा दमन दल भ्रमणशील रहेंगे तथा हुल्लड़ मचाने व शराब के नशे में उपद्रव करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
थानों पर तैनात रहेगी एंबुलेंस
जिलाधिकारी अजय कुमार उपाध्याय ने जनपद के सभी सीएचसी व पीएपची पर उपलब्ध एम्बुलेंसों को होली के दिन थानों पर उपलब्ध रखने के आदेश दिए हैं। उन्होंने चिकित्सा सुविधाएं अपडेट रखने व डॉक्टरों की टीम सभी पीएचसी एवं सीएचसी पर हर हाल में उपस्थित रखने के निर्देश मुख्य चिकित्साधिकारी को दिए हैं।
बच्चों ने साथियों संघ खेला रंग
गोंडा। नगर के आवास विकास कालोनी में स्थित किड्स प्ले स्कूल के बच्चों ने होली की छुटी होने पर स्कूल में साथियों संघ खूब धमाल मचाया। कालेज के निदेशक शिप्रा सिंह ने बच्चों को होली की जानकारी दी। इसके बाद स्कूल की अवनि, अनुष्का, अक्ष, अनुकल्प, अंश, नमन आदि तमाम बच्चों ने एक दूसरे को अबीर लगाकर गले मिले। इस मौके पर शिक्षिका कल्पना, मोनिका, दिव्यानी, अस्मिता व आकांक्षा आदि मौजूद रहीं ।
सावधान। सिंथेटिक रंगों से हो सकती परेशानी
बलरामपुर। सभी लोगों ने इस बार संभल कर रंग खेलने का निर्णय लिया है। सिंथेटिक रंगों से लोगों को काफी परेशानियां होती है इसलिए होली के रंगों का मजा सभी लोग संभल कर उठाएंगेे। प्रशासन ने हुड़दंगियों से निपटने के लिए मुक्कमल तैयारियां की है। अस्पताल प्रशासन लोगों के स्वास्थ्य के प्रति पूरी तरह से सचेत है।
हर्बल अबीर-गुलाल से खेलेंगे होली
नगर के मोहल्ला तुलसीपार्क निवासी अजय श्रीवास्तव ने बातचीत के दौरान बताया कि सिंथेटिक रंगों से स्किन में होने वाली परेशानियों को देखते हुए इस साल हमारा पूरा परिवार केवल हर्बल अबीर व गुलाल से ही होली खेलेगा। होली खेलने के बाद लजीज व्यंजनों का लुत्फ उठाया जाएगा।
पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाएंगे होली
नगर निवासी नरेंद्र प्रसाद ने बताया कि होली त्योहार आपसी प्रेम व भाईचारे को मजबूत बनाता है। साल में एक दिन हम लोग सभी गिले-शिकवे भूलकर पूरे हर्षोल्लास के साथ होली खेलेंगे। खुद रंग लगवाएंगे और दूसरों को भी रंग लगाएंगे। होली खेलते समय इस बात का ध्यान रखेंगे कि रंग खेलने से किसी को कोई आहत न हो।
रंगों का रियेक्शन होने पर तत्काल कराएं इलाज
सिंथेटिक रंगों से स्किन डिजीज की संभावना अधिक रहती है। स्किन डिजीज व रियेक्शन से बचने के लिए सिंथेटिक रंगों के बजाए हर्बल रंगों से होली खेलें। होली खेलने के बाद स्किन पर किसी भी तरह का रियेक्शन होने पर तत्काल विशेषज्ञ चिकित्सक से संपर्क करें। विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह से अपना इलाज कराएं। - डॉ. जाहिद खां, चिकित्सक
सुरक्षा की रहेगी व्यापक व्यवस्था
होली त्यौहार के दौरान हुड़दंगियों पर नजर रखने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जाएंगे। संवेदनशील स्थलों पर सीसी टीवी कैमरों तथा होली जुलूस की वीडियोग्राफी के माध्यम से निगरानी की जाएगी। सभी थानों में पीस कमेटी की बैठके कराकर जिलेवासियों से शांतिपूर्ण ढंग से होली मनाने की अपील की गई है। प्रमुख मार्गों एवं संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा के लिए पुलिस बल के साथ-साथ महिला आरक्षियों की भी तैनाती की गई है। - सुधीर कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक बलरामपुर