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हाईकोर्ट की अवमानना में डीएम तलब
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 18 Jun 2015 12:18 AM IST
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हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद जिले के झंझरी ब्लॉक के ग्राम सरैंया माफी पैड़ी अजबसिंह गांव में बैकलॉग के तहत उचित दर विक्रेता का चयन तय समय में नहीं हो सका। इस पर हाईकोर्ट ने डीएम अजय कुमार उपाध्याय को तलब किया है।
ग्राम सरैंया निवासी रामसूरत ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर गुहार लगाई थी कि दो साल से गांव की उचित दर की दुकान निरस्त है। इस दुकान को दूसरी दुकान से अटैच करने से गरीबों का राशन कालाबाजारी कर बेचा जा रहा है। ऐसे में शासन के निर्देश के क्रम में बैकलॉग के तहत दुकानदार का चयन खुली बैठक में कराया जाए ताकि गरीबों को सस्ता गल्ला मिल सके। इस पर हाईकोर्ट ने 26 नवंबर 2014 को दुकानदार का चयन करने का आदेश पारित किया। इसके तहत उच्चाधिकारियों के निर्देश पर गांव में खुली बैठक व गोपनीय मतदान में पवन कुमार के पक्ष में प्रस्ताव पारित हो गया। मगर दबंगों के दबाव में कोटेदार की चयन प्रक्रिया एसडीएम कार्यालय पहुंचकर ठंडे बस्ते में चली गई। इस पर ग्रामीणों ने डीएम से मिलकर दुकानदार का चयन कराकर खाद्यान्न वितरण कराने की मांग की। मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। रामसूरत ने कोर्ट के आदेश के बावजूद दुकानदार का चयन न होने पर हाईकोर्ट में अवमानना के बाबत अर्जी दाखिल की। हाईकोर्ट ने अवमानना को गंभीरता से लेते हुए डीएम अजय कुमार उपाध्याय को तलब किया है। हाईकोर्ट ने डीएम को जुलाई माह 2015 के प्रथम सप्ताह में हाजिर होकर कारण स्पष्ट करने का आदेश जारी किया है।
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ग्राम सरैंया निवासी रामसूरत ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर गुहार लगाई थी कि दो साल से गांव की उचित दर की दुकान निरस्त है। इस दुकान को दूसरी दुकान से अटैच करने से गरीबों का राशन कालाबाजारी कर बेचा जा रहा है। ऐसे में शासन के निर्देश के क्रम में बैकलॉग के तहत दुकानदार का चयन खुली बैठक में कराया जाए ताकि गरीबों को सस्ता गल्ला मिल सके। इस पर हाईकोर्ट ने 26 नवंबर 2014 को दुकानदार का चयन करने का आदेश पारित किया। इसके तहत उच्चाधिकारियों के निर्देश पर गांव में खुली बैठक व गोपनीय मतदान में पवन कुमार के पक्ष में प्रस्ताव पारित हो गया। मगर दबंगों के दबाव में कोटेदार की चयन प्रक्रिया एसडीएम कार्यालय पहुंचकर ठंडे बस्ते में चली गई। इस पर ग्रामीणों ने डीएम से मिलकर दुकानदार का चयन कराकर खाद्यान्न वितरण कराने की मांग की। मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। रामसूरत ने कोर्ट के आदेश के बावजूद दुकानदार का चयन न होने पर हाईकोर्ट में अवमानना के बाबत अर्जी दाखिल की। हाईकोर्ट ने अवमानना को गंभीरता से लेते हुए डीएम अजय कुमार उपाध्याय को तलब किया है। हाईकोर्ट ने डीएम को जुलाई माह 2015 के प्रथम सप्ताह में हाजिर होकर कारण स्पष्ट करने का आदेश जारी किया है।
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