{"_id":"5dc6f6f08ebc3e5b521ee7a0","slug":"hello-sir-zonal-magistrate-taraganj-location-shiv-dayalganj-gonda-news-lko4913609166","type":"story","status":"publish","title_hn":"हेलो सर, जोनल मजिट्रेट तरबगंज...लोकेशन शिवदयालगंज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हेलो सर, जोनल मजिट्रेट तरबगंज...लोकेशन शिवदयालगंज
विज्ञापन
गोंडा के कलेक्ट्रेट में लोंगो की सहायता के लिए बना कंट्रोल रूम।
- फोटो : GONDA
गोंडा। हेलो सर, जोनल मजिट्रेट तरबगंज..लोकेशन शिवदयालगंज कटरा तिराहा। यह नजारा अयोध्या विवाद पर शनिवार को सुप्रीम फैसला आने के दौरान कलेक्ट्रेट में बनाए गए कंट्रोल रूम का था। यहां हर पंद्रह मिनट पर जोनल मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट समेत जोनल व सेक्टर पुलिस अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में कुशलता का लोकेशन देते मिले।
अयोध्या विवाद पर सु्प्रीम फैसला तो शनिवार की सुबह साढ़े दस बजे आया। फैसला आने की सूचना पर कंट्रोल रूम शुक्रवार की रात से ही खोल दिया गया। यहां आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में एक मजिस्ट्रेट समेत आपात कालीन विभागों के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। कंट्रोल रूम में मजिस्ट्रेट समेत 30 कर्मचारियों की तैनाती की गई है। जिसमें स्वास्थ्य, पावर कॉर्पोरेशन, आपूर्ति, राजस्व, खाद्य सुरक्षा व पशुपालन विभाग समेत आठ विभागों के आठ कर्मचारियों को एक साथ आठ घंटे की शिफ्ट में लगाया गया है।
कंट्रोल रूम में शनिवार की दोपहर सीआरओ राजितराम प्रजापति जिले के सभी जोनल, सेक्टर मजिस्ट्रेट समेत जोनल व सेक्टर पुलिस अधिकारी की लोकेशन लेते मिले। सभी जगह से कुशलता की सूचना आती रही। सभी अधिकारियों को मोबाइल रहने के निर्देश मिलते रहे। सीआरओ ने बताया कि सभी अधिकारियों को मोबाइल रहने के निर्देश जिला मजिस्ट्रेट ने दिए हैं और सभी क्षेत्रों से कुशलता की सूचनाएं मिल रही हैं।
विज्ञापन
व्हाट्सएप ग्रुप पर भी आती रहीं कुशलता की सूचनाएं
आयोध्या विवाद पर सुप्रीम फैसला आने से पहले जिला मजिस्ट्रेट डॉ. नितिन बंसल ने अधिकारियों का एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया था। जिस पर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ही पुलिस व जिला स्तरीय उन अधिकारियों को जोड़ा गया। जिनकी ड्यूटी अयोध्या मामले में लगाई गई है। सभी अधिकारी व्हाट्सएप ग्रुप पर भी अपनी लोकेशन के साथ क्षेत्र की स्थिति के बारे में भी व्हाट्सएप पर मैसेज देते रहे।
विज्ञापन
अयोध्या विवाद पर सु्प्रीम फैसला तो शनिवार की सुबह साढ़े दस बजे आया। फैसला आने की सूचना पर कंट्रोल रूम शुक्रवार की रात से ही खोल दिया गया। यहां आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में एक मजिस्ट्रेट समेत आपात कालीन विभागों के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। कंट्रोल रूम में मजिस्ट्रेट समेत 30 कर्मचारियों की तैनाती की गई है। जिसमें स्वास्थ्य, पावर कॉर्पोरेशन, आपूर्ति, राजस्व, खाद्य सुरक्षा व पशुपालन विभाग समेत आठ विभागों के आठ कर्मचारियों को एक साथ आठ घंटे की शिफ्ट में लगाया गया है।
विज्ञापन
कंट्रोल रूम में शनिवार की दोपहर सीआरओ राजितराम प्रजापति जिले के सभी जोनल, सेक्टर मजिस्ट्रेट समेत जोनल व सेक्टर पुलिस अधिकारी की लोकेशन लेते मिले। सभी जगह से कुशलता की सूचना आती रही। सभी अधिकारियों को मोबाइल रहने के निर्देश मिलते रहे। सीआरओ ने बताया कि सभी अधिकारियों को मोबाइल रहने के निर्देश जिला मजिस्ट्रेट ने दिए हैं और सभी क्षेत्रों से कुशलता की सूचनाएं मिल रही हैं।
विज्ञापन
व्हाट्सएप ग्रुप पर भी आती रहीं कुशलता की सूचनाएं
आयोध्या विवाद पर सुप्रीम फैसला आने से पहले जिला मजिस्ट्रेट डॉ. नितिन बंसल ने अधिकारियों का एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया था। जिस पर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ही पुलिस व जिला स्तरीय उन अधिकारियों को जोड़ा गया। जिनकी ड्यूटी अयोध्या मामले में लगाई गई है। सभी अधिकारी व्हाट्सएप ग्रुप पर भी अपनी लोकेशन के साथ क्षेत्र की स्थिति के बारे में भी व्हाट्सएप पर मैसेज देते रहे।